जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एसएसपी के फरमान के बाद सोतीगंज का बदनाम बाजार दूसरे दिन भी बंद रहा। सोमवार को 15 कबाड़ियों ने सदर थाने में व्यापार से संबंधित कागजात जमा किये। वहीं, सोतीगंज बंद होने से शहर के दूसरे हिस्सों में स्पेयर पार्ट्स के व्यापारियों की चांदी आ गई है और लोग अब इनके पास सामान खरीदने के लिये आने लगे हैं।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सोतीगंज की सभी दुकानें बंद करने का फरमान दिया है। जब तक दुकानदार खुद को दागरहित साबित नहीं कर देंगे तब तक सोतीगंज के व्यापार पर ताला लगा रहेगा। एएसपी सूरज राय ने सख्ती से एसएसपी के आदेशों का पालन करवाया।
लगातार दो दिन तक बाजार बंद रहने से सुबह के समय सोतीगंज के व्यापारियों ने बैठक कर तय किया कि सही काम करने वाले दुकानदार अपने कागजात सदर थाने में जमा कर दें और सही साबित हो जाने के बाद अपनी दुकानें खोल लें। एसएसआई सदर ने बताया कि सोमवार को 15 कबाड़ियों ने जीएसटी, इनकम टैक्स और वाहनों से संबंधित कागजों की फाइलें बनाकर थाने में जमा कर दी है। वहीं, सोतीगंज बाजार बंद होने का असर स्पेयर पार्ट्स के बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है।

बच्चा पार्क और सदर बाजार स्थित हनुमानमूर्ति के पास के व्यापारियों का कहना है कि पहले 40 प्रतिशत स्पेयर पार्ट्स लोग सोतीगंज से खरीदते थे। उक्त बाजार बंद होने से बिक्री बढ़ गई है। इससे साफ है कि जीएसटी पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। हर रोज लाखों की बिक्री होने के बाद भी जीएसटी विभाग को चपत लगाई जा रही थी।
शहर के काफी मिस्त्री एक्सीडेंटल गाड़ियों में पुराने उपकरण लगाते थे। इसके कारण ही सोतीगंज की काफी दुकानें चल रही थीं। हालांकि बड़ी दुकानों से सीधा स्पेयर पार्ट्स पंजाब के बड़े व्यापारियों को बेचा जाता था। अब मिस्त्री भी एक्सीडेंटल वाहनों में पुराने उपकरण नहीं लगा सकेंगे।
सोतीगंज बाजार में दुकान खोलने वाले दुकानदारों का कहना है कि हम पहले से ही नए सामान की बिक्री करते हैं। हमारे पास जीएसटी नंबर है। आयकर का भी पूरा रिकार्ड रखा जाता है। सामान खरीदारी से लेकर बिक्री तक के बिल रखे हुए हैं। ऐसे में अन्य दुकानदारों के साथ सभी को नहीं जोड़ा जा सकता। पुलिस और आयकर विभाग को चाहिए कि सभी दुकानदारों का रिकार्ड चेक करें।

