- शिवचौक से बाइपास तक दुकान और प्रतिष्ठान पर होनी थी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
- जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: एमडीए की टीम गुरुवार को कंकरखेड़ा सरधना रोड पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहुंची तो जरूर, लेकिन व्यापारियों के तेवर देख टीम बिना उलझे वापस लौट गई। एमडीए की टीम ने कार्रवाई की शुरुआत तक नहीं की।

जिसके बाद व्यापारी पुलिस क्षेत्राधिकारी दौराला से मिले और बताया कि एक व्यक्ति द्वारा गलत शिकायत करके व्यापारियों का नुकसान करने का प्रयास किया जा रहा था।
एमडीए द्वारा कंकरखेड़ा में शिव चौक से बाइपास तक थाने की तरफ वाली दिशा में अधिकतर दुकान, मकान और अन्य प्रतिष्ठान ध्वस्तीकरण करने के लिए चिन्हित किए गए थे। कई दिन पूर्व सभी को दुकानदारों को प्रतिष्ठान खाली करने के लिए नोटिस दिए गए थे। गुरुवार को सुबह मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम कंकरखेड़ा थाने पर पहुंची।
अधिकारी और कर्मचारियों के साथ जेसीबी मशीन व अन्य वाहन लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए एकत्र हुए। वहीं, दूसरी ओर सरधना रोड पर पुलिस क्षेत्राधिकारी के कार्यालय की तरफ व्यापारी एकत्र होकर कुर्सियां डाल कर वहीं बैठ गए। मेरठ विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों का इंतजार करने लगे। इधर व्यापारी इंतजार में बैठे थे।
वहीं, टीम कार्रवाई के लिए समय का इंतजार करती रही, लेकिन व्यापारियों के आक्रामक तेवर देखकर टीम कार्रवाई शुरू तक नहीं कर सकी और बाइपास की तरफ को निकल गई। वहीं, व्यापारियों का कहना है कि एक दुकानदार द्वारा गलत तरीके से अन्य व्यापारियों की शिकायत कर दी गई है।
अधिकतर प्रतिष्ठान का निर्माण हुए 20 साल से अधिक हो गया है। अब टीम उनको गिराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान पार्षद राजेश खन्ना विनय चौधरी, अरविंद जिंदल, पंकज चौधरी, संजय चौधरी, संजीव जिंदल व अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

