Wednesday, April 22, 2026
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सात विधानसभा सीटों के लिये मतदान आज, पोलिंग पार्टिंयां रवाना

  • कोरोना गाइडलाइन की उड़ी धज्जियां
  • पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था न काफी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आज जिले की सभी सातों विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान से पहले पोलिंग पार्टियों को उनके बूथ तक भेजा गया। इस दौरान पूरे दिन विक्टोरिया पार्क व आईटीआई के असपास जाम की स्थिति बनी रही। रात में बारिश के कारण दोनों स्थानों पर कीचड़ होने से कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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सातों विधानसभा क्षेत्रों के लिएविक्टोरिया पार्क एवं आईटीआई साकेत से पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। इस दौरान पोलिंग पार्टियों को भेजे जाने वाले स्थल पर अव्यवस्था का आलम नजर आया। पोलिंग ड्यूटी के लिए रवाना स्थल के आसपास घंटों जाम लगा रहा। इसमें बाहर से ड्यूटी करने वाले कर्मचारी फंस गए।

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कर्मचारियों को ड्यूटी स्थल पर करीब आधा किमी तक पैदल चलकर पहुंचना पड़ा। वहीं, विक्टोरिया पार्क में जिला निर्वाचन विभाग की निगरानी में प्रशासन द्वारा पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिये मतदान स्थालों पर पोलिंग पार्टियों को भेजने की व्यवस्था की गयी, लेकिन बारिश ने पूरे विक्टोरिया पार्क को कीचड़ में बदल कर दिया। अव्यवस्था का आलम यह था कि ड्यूटी स्थल पर न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता नजर आया और न ही कर्मचारियों के लिए उचित इंतजाम थे।

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कई बूथकर्मी छोटे-छोटे बच्चों के साथ ड्यूटी स्थल पर जाने के लिए कर्मचारी पहुंचे, लेकिन इन कर्मचारियों को अपने मासूम बच्चों के साथ खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बच्चों के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं थी। भूख लगने पर कर्मचारी खाने को भारी भीड़ के बीच बच्चों को खिलाते नजर आए।

इस दौरान कहीं पर भी कोरोना गाइडलाइनों का पालन होता नहीं दिखा। कुछ कर्मचारी भी इसी भीड़ में बाहर से खरीदकर लाए चिप्स व अन्य चीजों को खाकर अपनी भूख मिटाते दिखे। शाम तक पोलिंग पार्टियों को भेजने जाने तक इसी तरह के हालात बने रहे।

कीचड़ में फंसी बसें

मूसलाधार बारिश होने के कारण विक्टोरिया पार्क में चारों तरफ कीचड़ हो गया और कई जगह दलदल की स्थिति बन गई। जब बसों में कर्मचारी बैठकर जाने लगे तो एक दर्जन से अधिक बसें दलदल में फंस गई।

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कुछ जगह मिट्टी इस कदर धंस गई कि बसों के पहिये निकालने में ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा और ट्रैक्टर तक बुलाने पड़े और बसों को निकाला गया। इस अव्यवस्था के कारण देर रात तब बसें विक्टोरिया पार्क में फंसी रही। अंधेरा होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया था।

आज 80 प्रत्याशियों के भाग्य का दबेगा बटन

जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक जिले की सातों विधानसभा सीटों पर महिला-पुरुष की कुल मतदाता संख्या 26 लाख से अधिक। जिनके लिये 2962 बूथ एवं 1172 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। जिले की सातों सीटों पर कुल प्रत्याशी 80 हैं। जिनके भाग्य का बटन दबाकर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

डबल डोज वाले ही बन सकेंगे पोलिंग एजेंट

आज विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होगा। इसी चरण में जनपद की सभी सात सीटों पर वोट डाले जाएंगे। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी प्रत्याशियों को कोविड प्रोटोकॉल जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि केवल वही लोग पोलिंग बूथ पर एजेंट बनाए जा सकेंगे, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की डबल डोज ले रखी है।

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जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन में निर्देश दिए गए हैं कि बिना सैनिटाइज किए मतदाता पोलिंग बूथ में प्रवेश नहीं करेगा। पोलिंग बूथ पर तैनात सभी मतदान अभिकर्ताओं को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। प्रत्याशियों को विशेष हिदायत दी गई है कि वह अपना मतदान अभिकर्ता ऐसे लोगों को ही बनाएंगे। जिनको कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। कोरोना को लेकर प्रशासन की ओर से नई चुनावी गाइडलाइन मिलने के बाद कुछ उम्मीदवार में बेचैनी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। देर रात तक प्रत्याशी ऐसे लोगों को बूथ पर एजेंट बनाने के लिए तलाश करते रहे, जिन्होंने दोनों खुराक कोरोना की ले रखी है।

वोटर कार्ड के अलावा 12 विकल्प है वोट डालने के लिये

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र के विकल्प के संबंध में प्रतिरूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, परन्तु ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं। उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए 12 अन्य पहचान पत्रों के माध्यम से मतदान करने का अधिकार आयोग द्वारा दिया गया है।

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जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 12 अन्य पहचान पत्रों में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी किये गये फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किये गये स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गये फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये सरकारी पहचान पत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारित मंत्रालय भारत सरकार वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।

एपिक के संबंध में लेखन अशुद्धि, वर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए, बशर्तें निर्वाचक की पहचान एपिक से सुनिश्चित की जाये। यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जोकि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने के लिए स्वीकृत किये जायेंगे, बशर्तें उस निर्वाचक का नाम, जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान केन्द्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो।

फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो, तब निर्वाचक को उपरोक्त वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा। उपरोक्त किसी भी बात के होते हुये भी प्रवासी निर्वाचकों को जो अपनी पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत है, उन्हें मतदान केन्द्र में उनके केवल मूल पासपोर्ट (तथा कोई अन्य पहचान दस्तावेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जायेगा।

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