Friday, May 1, 2026
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क्षतिग्रस्त डिवाइडर दे रहे हादसों को न्योता

  • श्रद्धापुरी में डिवाइडर का बुरा हाल नगर निगम नहीं कर रहा सौंदर्यीकरण

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: रोज सड़क हादसे होते हैं और कोई न कोई इसका ग्रास बनता है। यह कहना गलत नहीं है कि सड़क हादसे आतंकवाद से भी भयानक तस्वीर पेश करते हैं। हर साल इनका ग्राफ बढ़ता जा रहा है पर इनको रोकने के लिए आज तक सरकार कोई ठोस नीति नहीं बना पाई है। इन हादसों के लिए जितने जिम्मेदार वाहन चालक हैं। उससे ज्यादा जिम्मेदार प्रशासन की घटिया कार्यप्रणाली है। वाहन चालक सड़क पर चलते समय नियमों के पालन से अनभिज्ञ हैं और प्रशासन नियमों को लागू करने में असफल दिखता है। यही कारण है कि आए दिन सड़कें खून से सनती रहती हैं।

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एनएच-58 पर बीचों-बीच बने टूटे-फूटे डिवाइडर जानलेवा बन रहे हैं और वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। कई जगहों पर पूरी तरह से टूट गए हैं। जहां से लोग अचानक से निकलने पर वाहनों की चपेट में आकर चोटिल हो रहे हैं। जगह-जगह बीच में डिवाइडर टूटने की वजह से दोपहिया व चार पहिया वाहन चालक निकलने लगते हैं। जिससे दूसरी तरफ से आ रहे तेज रफ्तार वाहन टकरा जाते हैं।

जिससे लोग घायल हो जाते हैं। आधे-अधूरे पड़े डिवाइडर से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कंकरखेड़ा में शिव चौक से नेशनल हाइवे तक श्रद्धापुरी के डिवाइडर का बुरा हाल है और यह दुर्दशा वर्षों से हो रही है, लेकिन नगर निगम इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा। जिन डिवाइडर पर सौंदर्यीकरण किया जा सकता है। उनकी हालत खस्ताहाल है। लोगों में नगर निगम के प्रति आक्रोश भी है।

खिर्वा रोड श्रद्धापुरी शिव चौक से नेशनल हाइवे पर करीब डेढ़ किमी की लंबाई है। इस पूरे हिस्से में डिवाइडर जगह-जगह से टूटा पड़ा है। इस बीच में काफी पौधे भी लगे हैं, जो बड़े हैं, लेकिन इनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं। यह क्षेत्र अपनी दुर्दशा की हालत बयां कर रहा है।

यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा इस डिवाइडर को ठीक करके सौंदर्यीकरण करना चाहिए था, लेकिन करीब एक दशक से यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। डिवाइडर करीब दो दशक पूर्व बनाया गया था। जब से लेकर अब तक इसकी मरम्मत तक नहीं की गई। जिस कारण यहां से धीरे-धीरे टूटकर डिवाइडर की र्इंट भी गायब हो गई है। व्यापारी गोपाल का कहना है कि डिवाइडर की हालत पूरे ही रास्ते पर खराब है।

हालांकि उन्होंने दुकान के सामने खुद के पैसे से कुछ मरम्मत कराई है और पशुओं के पीने के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए खोर बनाई है। नगर निगम को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। जिससे डिवाइडर ठीक बनने के साथ ही इस पर फूलों के पौधे भी लगाने चाहिए। जिससे यह क्षेत्र सुंदर दिखाई दे। बैटरी की दुकान करने वाले मनीष पाल का कहना है कि उनकी दुकान के सामने डिवाइडर की हालत बड़ी खराब हो गई है। नगर निगम कर्मचारियों द्वारा यहां काफी उपेक्षा की जा रही है। यदि डिवाइडर की मरम्मत होने के बाद यहां पर पौधे लगा दिया जाए तो क्षेत्र सुंदर दिखाई दे।

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