- बुधवार शाम को ही प्रत्याशी समर्थकों के साथ पहुंचे काउंटिंग सेंटर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मतगणना में गडबड़ी होने की आशंकित करने वाली खबरों के बीच विपक्षी दलों ने ईवीएम की सुरक्षा को बुधवार शाम से ही काउंटिंग सेंटर पर डेरा डाल दिया है। मुख्य विपक्षी दल सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी अपने हजारों समर्थकों के साथ मतगणना स्थल के आसपास पहुंच गए हैं और स्ट्रांग रुम की कड़ी निगरानी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक अमला भी दोनों जगहों के मतगणना केन्द्रों पर नजर गडाए हुए हैं और पल-पल की जानकरी आलाधिकारी अपने अधीनिस्थों से ले रहे हैं। दोनों मतगणना स्थलों पर भीड़ जमा होने के मद्देनजर भारी फोर्स की तैनाती की गई है।
बता दें कि, इस बार चुनावी वोटों की गिनती में धांधली होने का अंदेशा विपक्षी दलों द्वारा जताया गया है। उसी को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के आह्वान पर सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी और समर्थक चौकन्ने हो गए हैं। मतगणना प्रारंभ होने से पहले ही लोहियानगर मंडी और कृषि विवि मतगणना स्थल के बाहर दोनों दलों के प्रत्याशी तथा कार्यकर्ताओं द्वारा ईवीएम की पहरेदारी की जा रही है।

विदित है कि इस बार जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर वोटों की गिनती की जाएगी। मतगणना के लिए एक केन्द्र सरदार पटेल कृषि विवि को बनाया गया है। जहां पर सिवालखास, सरधना और हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के मतों को गिना जाएगा। वहीं, दूसरा मतगणना केन्द्र हापुड़ रोड पर लोहियानगर सब्जी मंडी को बनाया गया है। यहां पर किठौर, कैंट, शहर और मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट के वोटों की गिनती होगी।
दोनों ही जगहों पर प्रशासन की ओर से सभी तैयारियों को अंतिम रुप दे दिया गया है। जिले की सातों विधानसभा सीट के सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी भी अपनी तैयारी के साथ अपने समर्थकों के साथ दोनों मतगणना स्थलों पर मुस्तैद हैं। सभी आशंकाओं को देखते हुए जहां प्रशासन ने अपनी तैयारी कर ली है, वहीं विपक्षी दलों के समर्थक भी गिनती में गडबड़ी नहीं होने देने की बात कह रहे हैं।
इस बार नहीं लेगेंगे राजनीतिक दलों के कैंप
हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि वह मतगणना में किसी भी प्रकार की अनहोनी को लेकर वह पूरी तरह मुस्तैद है। फिर भी तनाव को देखते हुए प्रशासन ने इस बार कुछ चीजों में बदलाव किया है। इसमें काउंटिंग सेंटर के बाहर लगने वाले प्रत्याशियों के कैंपों पर पाबंदी लगा दी गई है। यह निर्णय भीड़ जमा होने की उम्मीदों के मद्देनजर बुधवार को प्रशासन की ओर से लिया गया है।
डीएम के. बालाजी और एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने साफ कहा है कि इस बार मतगणना स्थलों पर किसी राजनैतिक दल का कैंप नहीं लगेगा। अगर किसी दल द्वारा यह हिमाकत की गई तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। सियासी दलों को यह जानकारी मिलने के बाद कैंप लगा रहे कुछ उम्मीदवारों ने अपने सामान हो समेट लिया है। हालांकि हर बार वोटों की गिनती के दौरान काउंटिंग सेंटर पर सभी दलों के कैंप आयोजित होती रहे हैं, मगर इस बार तनाव के हालात हैं और भारी भीड़ बुधवार से ही मतगणना स्थलों के आसपास पहुंच गई है। यहीं वजह है कि प्रशासन को अबकी बार इसमें बदलाव करना पड़ा है। उधर, बुधवार को पुलिस लाइन में फोर्स ने माहौल को भांपते हुए दंगा नियंत्रण रिहर्सल की और दंगा रोकने के लिए भूड़ को काबू करने वाले हथियारों की ट्रेनिंग ली है।

