Thursday, October 21, 2021
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कृषि बिल के खिलाफ सपाइयों का उग्र प्रदर्शन

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  • गिरफ्तारी से पहले सपाइयों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की
  • सपा नेता अतुल प्रधान और सम्राट मलिक समेत अज्ञात सपाइयों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कृषि बिल के खिलाफ सोमवार को किसानों के समर्थन में सपाइयों ने खूब बवाल किया। पुलिस-प्रशासन ने सपाइयों को घरों में ही कैद करने की रणनीति बनाई थी, लेकिन पुलिस-प्रशासन की रणनीति सफल नहीं हुई। सपाई तमाम घेराबंदी तोड़कर कमिश्नरी पर पहुंचे तथा दिन भर पुलिस की नाक में दम किये रखा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारेबाजी चली। इस बीच पुलिस व सपाइयों के बीच धक्का-मुक्की व हाथापाई तक हो गई। सपाइयों को जब पुलिस जबरिया गाड़ी में डाल रही थी, तब सपा नेता व पुलिस आमने-सामने हो गए थे।

प्रदर्शनकारी सपा नेता भी पुलिस से नहीं घबराये तथा प्रदर्शन पर अडिग रहे। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान तो सड़क पर ही लेट गए। अतुल प्रधान को काबू में करने के लिए दर्जन भर पुलिस कर्मी लगे, मगर उन्हें किसी तरह से जमीन से उठाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सपाइयों के साथ दुर्व्यव्हार भी किया।

गाड़ी में डालते समय सपाइयों के कपड़े तक फट गए। प्रदर्शकारी सपाइयों को रोकने के लिए खुद एडीएम सिटी व एसपी सिटी डा. अखिलेश नारायण ने कमान संभाल रखी थी। सिविल पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स भी कमिश्नरी पर सुबह से ही मोर्चा संभाले थी।

सपाइयों को उनके घरों पर ही कैद करने की पुलिस-प्रशासन की रणनीति धरी रह गई। सपा छात्र सभा के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अतुल प्रधान की उसके घर पर फोर्स लगाकर घेराबंदी की गई थी, लेकिन पुलिस-प्रशासन की नाकेबंदी को ध्वस्त करते हुए अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ मेरठ कॉलेज पहुंच गए।

यहां से समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में कमिश्नरी पर हल्ला बोल दिया। इस बीच सपा नेताओं और पुलिस के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। नोकझोंक से बात आगे भी बढ़ गई थी, इसी बीच सीओ सिविल लाइन ने सहनशीलता दिखाई।

सपाइयों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारे लगाये। इसी बीच पुलिस ने सपाइयों की घेराबंदी कर उन्हें गाड़ी में डालने की कोशिश की तो बवाल मच गया। अतुल प्रधान समर्थकों के साथ कमिश्नरी पर सड़क के बीच में लेट गए।

सपाइयों की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने जबरिया धकियाते हुए अतुल प्रधान को गाड़ी तक ले गई तथा इसके बाद अतुल व उसके समर्थकों को गिरफ्तार कर अंबेडकर भवन कसेरू बक्सर में ले गई, जहां पर शाम सात बजे तक उन्हें रखा।

उसके बाद ही उन्हें मुचलकों में पाबंद कर छोड़ा गया। इससे पूर्व अतुल प्रधान व उनके समर्थकों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस को खासी परेशानी हुई। खुद एडीएम सिटी व एसपी सिटी डा. अखिलेश नारायण मोर्चा संभाला। दोनों अधिकारी कमिश्नरी पर ही डटे रहे।

अतुल व उनके समर्थकों की गिरफ्तारी होने के बाद ही एडीएम सिटी व एसपी सिटी मौके से गए। उधर, मेरठ कॉलेज के प्राचार्य युद्धवीर सिंह ने लालकुर्ती थाने में एक मुकदमा अतुल प्रधान व सम्रांट मलिक के खिलाफ दर्ज कराया है। कहा है कि सपा नेता अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ कॉलेज परिसर में पहुंचे, जहां पर नारेबाजी करने लगे, तभी कॉलेज परिसर में अफरातफरी मच गयी।

इसके बाद लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद ही सपा नेताओं की भीड़ कमिश्नरी पर पहुंची तथा गिरफ्तारी दी। अतुल प्रधान व उनके समर्थकों की गिरफ्तारी होने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, गोपाल अग्रवाल, मोहम्मद अब्बास, संगीता राहुल, बाबर चौहान, चांद मोहम्मद आदि अपने समर्थकों के साथ कमिश्नरी पर पहुंचे।

सपाइयों को जाते ही पुलिस ने घेरा बनाकर घेराबंदी कर ली। इसी बीच पुलिस ने बड़ी गाड़ी मंगाई तथा सपाइयों को गिरफ्तार कर इंचौली थाने ले गई। इस बीच सपाइयों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच खूब धक्का-मुक्की भी हुई। इतना सब होने के बाद सपाईयों ने नारेबाजी करनी बंद नहीं की।

सपा आंदोलित, रालोदी कर रहे यज्ञ

सपा नेता सोमवार को दिन भर कमिश्नरी पर बवाल कर रहे थे, वहीं किसानों की राजनीति करने वाले राष्ट्रीय लोकदल नेता यज्ञ कर रहे थे। रालोद को कमिश्नरी पार्क में यज्ञ करना था, लेकिन यहां पार्क में पुलिस ने पानी भर दिया। इतना सब होने के बाद रालोद नेता लौट गए तथा बाउंड्री रोड स्थित जिला कार्यालय पर केंद्र व राज्य सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन किया।

पुलिस ने यहां भी पहरा लगा दिया था। यज्ञ में पूर्व मंत्री डा. मेहराजुद्दीन अहमद, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, यशवीर सिंह, सुनील रोहटा, राजकुमार सांगवान, सोहराब गयास, नरेंद्र खजूरी, मुकेश जैन आदि उपस्थित रहे। यज्ञ करने के बाद ही रालोद नेताओं ने खानापूर्ति कर दी। किसानों के पक्ष में सपा समेत प्रत्येक पार्टी आंदोलित है,मगर रालोद नेता पुलिस से घबराये हुए हैं।

भाकियू के धरने को कांग्रेस का समर्थन

उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश सचिव व पीसीसी सदस्य रोहित गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस सेवादल ने जिलाधिकारी कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन के धरना प्रदर्शन को समर्थन दिया। इस दौरान रोहित गुर्जर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के प्रधानमंत्री योजनाओं के शिलान्यास में लगे हैं, लेकिन देश की सबसे बड़ी योजना के मालिक सड़कों पर है।

सरकार अपनी गलती को छुपाने के लिए विपक्ष को जबरन घरों में नजरबंद कर रही है व गिरफ्तार कर थाने में बन्द कर रही है। इस दौरान सुमित विकल, नौशाद सैफी, एसके शाहरुख आदि शामिल रहे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने भी किसान यूनियन के धरने को अपने साथियों सहित समर्थन दिया। इस दौरान हर्ष चहल, अमन पंवार, डीके, विनीत उज्वल आदि ने भी अंदोलन को सर्मथन किया।

सपाई हुए गिरफ्तार

सोमवार को सपा कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में कमिश्नरी से पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पर धरना देने जा रहे थे। पुलिस ने कमिश्नरी चौराहे पर ही रोक लिया और सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की। इस मौके पर जितेंद्र गुर्जर (पिछड़ा प्रकोष्ठ मेरठ मंडल प्रभारी), मनीष शर्मा, शशीकांत गौतम आदि मौजूद रहे।

अतुल के साथ इन्होंने दी गिरफ्तारी

सपा छात्र सभा के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अतुल प्रधान के साथ सोनू गुर्जर, विपिन भड़ाना, अनुज जावला, विपिन मनोठिया, मंजूर मलिक, विनीत भराला, तालिब रिजवी, सुबोध गुर्जर, मालू गुर्जर, गौरव चौधरी, सफीक अहमद धोल्डी, फिरोज चौहान आदि ने गिरफ्तारी दी।

सरकारी खर्च पर भाजपा का प्रचार कर रहे सीएम: मंजूर

कमिश्नरी पार्क में किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए जा रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और उनके समर्थकों को पुलिस-प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दौराला के सर श्रीराम इंटर कॉलेज में लाया गया। समर्थकों के संग पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

किसानों की आवाज दबाने का काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरठ दौरे पर आ जाते हैं और मेरठ के लिए कोई घोषणा नहीं करके जाते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि ये सिर्फ सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरकारी खर्च पर पार्टी का प्रचार प्रसार करने में मुख्यमंत्री लगे हुए है। उन्होंने कहा कि चार वर्षों में अभी तक भाजपा सरकार ने गन्ने का दाम नही बढ़ाया।

गेहूं की खरीद का जो वाजिब दाम सरकार को मिलना चाहिए था। वह दाम नहीं मिल रहा है। कानून व्यवस्था पर नजर डाली जाए तो कानून नाम की कोई चीज उत्तर प्रदेश में दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने मेरठ प्रशासन पर हल्ला बोलते हुए कहा कि कमिश्नरी पार्क में किसानों के समर्थन में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आह्वान पर प्रदर्शन था, जिसके तहत वह शांतिपूर्ण तरीके से कमिश्नरी जा रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने जबरन उन्हे समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर लिया।

इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अब प्रदेश में लोकतंत्र नहीं रहा है। अगर किसी की आवाज उठाने का भी प्रयास किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि 2022 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकार बनेगी और जो लोग षड्यंत्र के तहत सपाइयों पर जुर्म कर रहे हैं।

उनसे एक-एक चीज का हिसाब लिया जाएगा। पूर्व मंत्री प्रशांत गौतम ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा और सपा सरकार में हर उत्पीड़न का बदला लेने की बात कही है। इस दौरान ओमपाल गुर्जर प्रमुख, केड़ी शर्मा, डब्बू प्रधान, नवाजिश मंजूर, धर्मेंद्र, अंशु मलिक, शाहदत्त उर्फ सब्बू, ताबिश मंजूर, प्रदीप कसाना, शाह आलम, मुकुल त्यागी, संदीप फफूंड़ा, बेदी गुर्जर, अभिषेक जैन, ईशु भड़ाना, अनुराग, आरिफ, खुर्रम, सुभाष मलिक, हाजी जुल्फी आदि मौजूद रहे।

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