- छतरी वाले पीर तिराहे से घंटाघर चौराहे तक सड़क की हालत दयनीय
- डेढ़ माह में नाले को नहीं जोड़ पाया पीडब्ल्यूडी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: छतरी वाले पीर तिराहे से लेकर घंटाघर चौराहे तक अहमद रोड पर गड्ढों की भरमार से लोग परेशान हैं। यहां गड्ढों के कारण दुपहिया वाहन और ईरिक्शा सवार लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क पर गड्ढे इसलिए नहीं भरे जा रहे कि छतरी वाले पीर तिराहे पर नाले को अहमद रोड के नाले से जोड़ा जाना है। इसके लिस नाले के ऊपर जो दुकानें बनी थी, उन्हें तोड़ दिया गया, पर पीडब्ल्यूडी ने नाले को नहीं जोड़ा।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई के प्रयास से शासन ने छतरी वाले पीर तिराहे से कृष्णपुरी तिराहे तक नालों को ढककर उसपर सड़क निर्माण करके सड़क का चौड़ीकरण करने के प्रस्ताव को पास किया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई। दो वर्ष पूर्व नालें का निर्माण शुरू किया गया। छतरी वाले पीर तिराहे से लेकर कृष्णपुरी तक नाले को लिंटर डालकर ढक दिया गया।
छतरी पीर से लेकर घंटाघर तक दोनों ओर नाले हैं। यहां एक ओर के नाले को ढक दिया गया, जबकि जिला महिला अस्पताल व जिला अस्पताल के आगे के नाले में ह्यूम पाइप डालकर उसे पाट दिया गया। ठेकेदार ने पीर तिराहे से लेकर घंटाघर तक सड़क निर्माण नहीं किया, जबकि घंटाघर से लेकर कृष्णपुरी तक सीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। छतरी पीर तिराहे और घंटाघर पर गड्ढों की भरमार हो रही है। इस रोड पर रोजाना हजारों मरीज इलाज कराने जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल आते हैं।
मेन रोड होने के कारण इस रोड पर रात दिन ट्रैफिक चलता है, लेकिन यह बात लोक निर्माण विभाग के अधिकारी नहीं समझते। गड्ढों के कारण आये दिन दुपहिया वाहन और ईरिक्शाएं गिर जाती हैं और उसमें सवार लोग चोटिल होते हैं। नगर निगम ने गत राम रहीम फूल वाले समेत पांच व्यापारियों की दुकानों को नाले के ऊपर बना होने के कारण तोड़ दिया, लेकिन इस नाले को अहमद रोड के नाले से जोड़ने की जहमत नहीं की। इसका खमियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कृष्णा लोक की सड़क में गहरे गड्ढे, बड़ी घटना का इंतजार
गंगानगर: मवाना रोड से सटे एफआईटी कॉलेज के सामने से गुजरते हुई सड़क पूरी बदहाल स्थिति में हैं। ये सड़क मवाना रोड से शुरू होकर कृष्णा लोक कॉलोनी तक जाती है। मवाना रोड से लेकर कृष्णा लोक कॉलोनी तक करीब 750 मीटर इस सड़क की लंबाई है। क्षेत्रवासियों ने टूटी सड़क की समस्या रखी और बताया कि कई साल गुजर चुके हैं, लेकिन अभी तक भी इस सड़क को बनाया नहीं किया है, जबकि क्षेत्र के लोगों के द्वारा मेडा, डीएम, कमिश्नर एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके हैं,
लेकिन उसके बावजूद ये जर्जर अवस्था में पड़ी सड़क अभी तक ठीक नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि ये सड़क किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है। इस सड़क के दाएं-बाएं कई कॉलोनी बसी है। जिसमें करीब आठ से 10 हजार लोग रहते हैं। जिनका हर रोज इसी सड़क पर आवागमन होता है और कई बार यहां पर सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं और लोग चोटिल हो चुके हैं। रविवार को काफी लोग इकट्ठा हुए और सरकार व अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि जल्द से जल्द इस सड़क को बनवाया जाए नहीं तो सभी क्षेत्र के लोग इकट्ठा होकर मवाना रोड मुख्य हाइवे पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
कभी आंबेडकर ग्राम में चयनित अख्त्यारपुर आज बदहाल
मोदीपुरम: अख्तियारपुर गांव दौराला ब्लॉक का ऐसा पहला गांव है। जो विकास के नाम पर प्रथम सूची में शामिल रहा है, लेकिन आज यह गांव अपनी बेबसी के लिए जाना जा रहा है। कभी इस गांव में जनपद के आलाधिकारी निरीक्षण करने के लिए सबसे पहले गांव पहुँचते थे और लखनऊ के अधिकारियों को भी जनपद के अधिकारी गांव में खुद निरीक्षण के लिए लाते थे, लेकिन आज ये गांव अपनी बदहाली पर रो रहा है। आज इस गांव की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है।
बुनियादी सुविधाओं से था सुसज्जित
किसी समय में जनपद में आंबेडकर ग्राम में चयनित होकर यह गाव बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित था। आए दिन जिले के बड़े-बड़े अधिकारी समीक्षा करने आते थे और अगर सूचना मिल जाए की मायावती आ रही है तो सबसे पहले इसी आंबेडकर गांव को चमकाया जाता था। रातों-रात सड़कें बनाई जाती थी और वर्तमान की स्थिति बिल्कुल इसके विपरीत है। आम जनमानस का घर से निकलना दुभर है। इस गांव की स्थिति है कि जलभराव, कीचड़, बीमारियां आम बात हो गई है।
बहुत से घरों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट चुका है। परंतु अब ब्लॉक स्तर के किसी अधिकारी को कोई चिंता नहीं है। उधर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश दिखाई है। उनका कहना है कि गांव में ऐसे भी रास्ते हैं। जिन पर आज तक नियुक्त सफाई कर्मचारियों ने एक भी बार सफाई नहीं की है। उधर, ग्राम प्रधान का कहना है कि जल्दी ही गांव में विकास कार्य कराए जाएंगे।

