Monday, January 24, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutबिना हवाई अड्डे कैसे भरें इंडस्ट्रीज उड़ान

बिना हवाई अड्डे कैसे भरें इंडस्ट्रीज उड़ान

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर में हजारों इंडस्ट्रीज होने के बाद भी यहां उद्यमियों को हमेशा दरकिनार किया गया। उनकी मूलभूत सुविधाएं तक पूरी नहीं हुई। यहां के खेल उपकरणों के उत्पादन और बैंड आदि सामाने के लिये मेरठ विदेशों तक मशहूर है बावजूद इसके यहां हवाई अड्डे की मांग आज तक पूरी नहीं हुई। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें तो दूर यहां लखनऊ और इलाहाबाद तक के लिये हवाई यात्रा शुरू नहीं हुई।

उद्यमियों को एक्सपोर्ट की सुविधा मिले इसके लिये जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ। सत्ताधारी छह विधायकों, एक लोकसभा सांसद और दो राज्य सभा सांसद होने के बाद भी यहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हुआ। अब उद्यमियों की नजरे आने वाली सरकार से आस लगाये हैं कि वह सरकार उनकी मांगों को पूरा कर उन्हें ऊंचाइयों पर ले जाये। केन्द्र सरकार के सामने राज्य सरकार उद्यमियों की मांगों को रखे। जिससे उनका कोई हल निकल सके। इसको लेकर शहर के उद्यमियों से जनवाणी की विशेष बातचीत।

छह सत्ताधारी विधायक और तीन सांसदों के बावजूद नहीं हुई मांग पूरी
आने वाली सरकार से उद्यमियों को उम्मीद हवाई अड्डा और फे्रट कॉरिडोर मिले
औद्योगिक क्षेत्र की मांग को भी किया जाये पूरा, फ्री होल्ड हों इंडस्ट्रीज

शहर आज यहां के खेल उपकरण उत्पादन, बेडशीट, कृषि उपकरण समेत तमाम उपकरण के लिये विदेशों तक के लिये मशहूर है। यहां हजारों की संख्या में इंडस्ट्रीज हैं जो लाखों लोगों को रोजगार देती हैं, लेकिन उद्यमी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिये तरस रहे हैं।

राज्य सरकारों की अनदेखी के कारण औद्योगिक क्षेत्रों का हाल बदहाल है। पिछले कई सालों से लगातार उद्यमियों की मांग है कि यहां हवाई यात्रा शुरू हो सके, एक्सपोर्ट के लिसे सुविधाएं मिल सके, रेलवे पर बुकिंग की सुविधा हो, औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण हो, लेकिन कुछ नहीं होता। सरकारें आती हैं और चली जाती हैं, लेकिन मांगे ऐसे ही रह जाती है।

हाल ही में मेरठ के नजदीक ही जेवर में एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया, लेकिन मेरठ में एयरपोर्ट की मांग बरसो पुरानी है उसे सरकारों ने दरकिनार किया। उद्यमियों ने इसे लेकर अपना दर्द बयां किया और आने वाली सरकार से बेहतरी की उम्मीद की है।

राज्य सरकार, केन्द्र सरकार तक पहुंचाएं मांग
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले कई सालों से उद्यमियों की बहुत-सी समस्याएं हैं। जोकि यहां पूरी नहीं हुई। आने वाली सरकार से उनकी यही मांग है कि जीएसटी में सरलीकरण किया जाये। जीएसटी में 5 प्रतिशत 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत को खत्म कर इंडस्ट्रीज में एक समान किया जाना चाहिए। बिल में से एचएसएच कोड की बाध्यता को समाप्त करना चाहिए जिससे इससे होने वाली समस्याएं समाप्त हो सकें। यहां हवाई यात्रा का मुद्दा सालों पुराना है जो कि कई बार राज्य सरकार व केन्द्र सरकार के पास पहुंचा।

औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करना राज्य सरकार के हाथ
आईआईए कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि बहुत-सी मांगे हैं, जो केन्द्र सरकार इंडस्ट्रीज की पूरी करती है, लेकिन केन्द्र सरकार के सामने राज्य सरकार ही उन मांगों को पहुंचाती है। यहां राज्य सरकार के सामने कई बार औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की मांग को रखा जा चुका है। कई सरकार बदली, लेकिन उद्यमियों की यह मांग नहीं पूरी हुई। उन्होंने कहा आने वाली सरकार से उन्हें यही उम्मीद है कि उद्यमियों के विकास के लिये औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाये। जिससे उद्यमियों के साथ-साथ और लोगों का भी विकास हो सके।

कश्मीरी विलो उपलब्ध कराये सरकार
प्रीमियर लैगगार्ड के डायरेक्टर क्षितिज अग्रवाल ने कहा कि मेरठ में स्पोर्ट्स से संबंधित उपकरण बनाये जाते हैं। यहां के बनाये गये क्रिकेट बैट से विश्व के महान खिलाड़ी खेलते हैं। बावजूद इसके आज तक उद्यमियों को कश्मीरी विलो उपलब्ध नहीं हो पाती। कश्मीर हमारे देश का ही हिस्सा है, लेकिन वहां से आने वाली कश्मीरी विलो पाकिस्तान को आसानी से उपलब्ध होती है, लेकिन यहां भारत में रहने वाले लोगों को नहीं जबकि यह लकड़ी भारत में ही है। पिछले कई सालों से कश्मीरी विलो की उपलब्धता में दलाल राज खत्म करें।

फ्री होल्ड हो इंडस्ट्रीज
परतापुर इंडस्ट्रीयल एस्टेट मैन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुण जैन ने कहा उद्यमियों के विकास के लिये मूलभूत सुविधाओं को होना जरूरी है, लेकिन यह कार्य ही नहीं हो पाता। सरकार आई और चली गई, लेकिन न सड़कों के हाल सुधरे और न ही पानी, लाइट आदि की व्यवस्था ठीक प्रकार से हो सकी। यह कार्य प्रशासन और सत्ता के हाथ में होता है, लेकिन छोटे-छोटे कार्य ही औद्योगिक क्षेत्र में नहीं हो पाये। आने वाली सरकार से उनकी उम्मीद है कि यहां मूलभूत सुविधाएं उद्यमियों को मिले। हवाई अड्डे की घोषणा सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वयं की थी, लेकिन वो भी पूरी नहीं हो सकी।

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