- अभी क्लीन चिट नहीं, सात लाख की कीमत के कारतूस खरीद का मांगा ब्योरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पीएल शर्मा रोड स्थित भारत गन हाउस के मालिक पुनीत त्यागी से एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक ने काफी देर पूछताछ की और सात लाख रुपये कीमत के कारतूस खरीद का ब्योरा मांगा। आगरा जीआरपी का मानना है कि अभी शस्त्र दुकान के मालिक के दावों में सच्चाई दिख रही है बाकी अन्य बदमाशों के पकड़े जाने के बाद तस्वीर साफ होगी।
अमरोहा से बिहार और दिल्ली तक फैले कारतूस बेचने वाले गिरोह के नेटवर्क के खुलासे की जिम्मेदारी अब जीआरपी के साथ ही एसआईटी पर है।
आगरा जीआरपी ने पुनीत त्यागी को हिरासत में लेकर दिन भर पूछताछ की। टूंडला जीआरपी के अलावा अन्य पुलिस भी आनलाइन ट्रांजिक्शन के बारे में जानकारी करती रही। बीते गुरुवार की रात 700 कारतूसों के साथ पकड़े गए फिरोजाबाद लाइनपार थाना क्षेत्र के दतौजी निवासी शादाब और उसके भाई सुल्तान की गिरफ्तारी के बाद जीआरपी के लिए फिरोजाबाद का फिरोज उर्फ राशिद व शिकोहाबाद का अरशद गले की फांस बना हुआ है। पुलिस अभी तक इनका सुराग नहीं लगा सकी है।
एसपी रेलवे मोहम्मद मुस्ताक ने जीआरपी के साथ ही एसआईटी को लगाया है। बताया गया है कि इतनी भारी मात्रा में कारतूस भारत गन हाउस मेरठ से खरीदे गए थे, जिन्हें बिहार के मुजफ्फरपुर में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था। जीआरपी एसपी मो. मुश्ताक का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। अवैध कारतूस तस्करी के मामले में प्रतीक सक्सेना गैंग का एक और शातिर प्रतापगढ़ निवासी आशीष मिश्रा नौ जिंदा कारतूसों के साथ टूंडला रेलवे जंक्शन से हत्थे चढ़ गया है।
वह पिछले चार महीने में लगभग चार हजार कारतूस उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में खपा चुका है। ये कारतूस उसने अमरोहा के प्रतीक सक्सेना से ही खरीदे थे। इस गैंग से जुड़े कई अपराधी फरार चल रहे थे। इस मामले में जीआरपी को बीते मंगलवार को एक और सफलता मिली। जीआरपी आगरा का कहना है कि कारतूस कांड में पकड़े गए शातिरों से पूछताछ के बाद तय किया जाएगा कि भारत गन हाउस के मालिक पुनीत त्यागी की इस पूरे एपीसोड में कितनी हिस्सेदारी है।

