Wednesday, May 25, 2022
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जिला अस्पताल: वार्ड में अवैध पार्किंग

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  • आनन-फानन में सीएमएस ने वार्डों का किया निरीक्षण, वाहनों को हटवाया

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिला अस्पताल में बुधवार को जनवाणी ने पड़ताल कर पता किया कि वार्डों में जहां पर मरीज भर्ती किये जाते हैं, वहां पर वाहनों की पार्किंग की जा रही है। जनवाणी फोटो जर्नलिस्ट ने जैसे ही वार्ड में पार्क किये वाहनों को कैमरे में कैद किया तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीएमएस ने वार्डों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य लोगों के वाहन जो वार्ड में पार्किंग किये गए थे, उन्हें हटवाया गया।

जिला अस्पताल के वार्ड से लेकर गैलरी सहित हर जगह वाहनों की पार्किंग की जा रही है। इलाज कराने आने वाले मरीजों के साथ अस्पताल के ही कर्मचारी खिलवाड़ कर रहे हैं। उनकी जान को जोखिम में डालने में पीछे नहीं हट रहे हैं। बात चाहे ओपीडी की हो या फिर फीमेल वार्ड की और चाहे अन्य वार्डों की सब का हाल बेहाल है। कहीं भी देख जाए तो अस्पताल परिसर में जहां भी डॉक्टरों और कर्मचारियों को जगह मिलती हैं,

वही पर अपने वाहनों को पार्क कर देते हैं, जबकि जिला अस्पताल में वाहनों को पार्क करने का एक निश्चित स्थान निर्धारित किया गया हैं, मगर यहां पर वाहनों की पार्किंग करने की बजाय मरीजों के वार्ड में वाहनों को पार्क कर दिया जाता हैं। यह नियमों के भी विरुद्ध है। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी फर्राटे से अपनी बाइक को चलाकर गैलरी में होते हुए अंदर वार्ड तक पहुंच जाते हैं और अपने वाहनों को ड्यूटी स्थल के आस-पास ही खड़ा कर देते हैं।

पार्किंग का तो इस्तेमाल करते ही नहीं, बल्कि अस्पताल के अंदर वार्डों तक बाइक पहुंचने के साथ गंदगी भी पहुंच जाती है, जिससे मरीजों में संक्रमण का फैलने का भी खतरा बन जाता है। ऐसा नहीं है कि अस्पताल के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन वह भी कोई कार्रवाई इसमें नहीं करते हैं। वही, अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल भी नहीं ह,ै जहां वर्तमान में अस्त व्यस्त व्यवस्था है, लेकिन अस्पताल में काम करने वाले, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने अपना व्यक्तिगत पार्किंग स्थल अलग से बना रखा है।

वहीं, इस संबंध में सीएमएस, जिला अस्पताल एके नंदा का कहना है कि जिला अस्पताल में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है और वार्ड में हुई पार्किंग के लिए तत्काल एक्शन लिया गया है। वार्ड में पार्क किये गए वाहनों को हटवा दिया गया हैं। फिर से वार्ड में वाहन पार्क किये तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फैलते संक्रमण से मरीजों की जान को खतरा

तेज रफ्तार में हॉर्न बजाते हुए जब बाइक दौड़ते हुए अंदर वार्ड में लेकर जाते हैं तो मरीजों को परेशानी होती है और ध्वनि प्रदूषण के अलावा संक्रमण भी वाहनों के साथ मरीजों तक पहुंच जाता हंै। कई बार स्थिति इन वाहनों की वजह से इतनी विकट हो जाती है कि आपातकाल में आने वाले मरीज को स्ट्रेचर से भी पहुंचाने में दिक्कत होती है। बाइक खड़ी होने से स्ट्रेचर को ले जाने से पहले वाहनों को हटाना भी मुनासिफ नहीं होता है।

अस्पताल के कर्मचारी व डॉक्टर अस्पताल के अंदर ही अपने वाहनों को खड़ा करने में अपनी शान समझते हैं। जिला अस्पताल के मैनेजर अभिषेक वालिया का कहना है कि वार्डों में हो रही पार्किंग को लेकर पहले भी कई बार कहा गया है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। कहा कि तत्काल इस व्यवस्था मे सुधार किया जाएगा।

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