नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हाल ही में, अमेरिका सरकार ने अन्य देशों से आने वाले सामानों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि इस कदम से अमेरिकी कंपनियां अपना उत्पादन वापस अमेरिका में लाएंगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नौकरियां पैदा होंगी। उनका उद्देश्य यह है कि अमेरिका पर विदेशी उत्पादों की निर्भरता कम हो और घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिले। इस नीति के माध्यम से ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह कदम स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहित करेगा और विदेशी प्रतिस्पर्धा को सीमित करेगा, जिससे अमेरिका में निर्माण क्षेत्र को फिर से मजबूत किया जा सके।
iPhone की कीमत
रिपोर्ट के अनुसार, अगर एप्पल iPhone का उत्पादन पूरी तरह से अमेरिका में करने का फैसला करता है, तो इसकी कीमत $3,500 (करीब ₹3 लाख) तक पहुंच सकती है। वर्तमान में, iPhone की कीमत लगभग $1,000 के आस-पास है, लेकिन अमेरिका में उच्च तकनीकी फैक्ट्रियों की स्थापना और उनके रखरखाव की भारी लागत के कारण यह बढ़ोतरी हो सकती है।हालांकि, इस नीति के समर्थकों के लिए यह एक सकारात्मक कदम है, वहीं कुछ विशेषज्ञों और आलोचकों का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं के लिए महंगे उत्पादों का सामना करना पड़ सकता है, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे स्मार्टफोन आदि।
इस समय ज्यादातर iPhone चीन में बनाए जाते हैं, जहां श्रम लागत कम है। वहीं, अमेरिका में निर्माण करने के लिए एप्पल को अरबों डॉलर की लागत से नई फैक्ट्रियां बनानी होंगी और जटिल सप्लाई चेन विकसित करनी पड़ेगी जो एशिया में कई दशकों में तैयार हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एप्पल यदि अपनी सप्लाई चेन का केवल 10% हिस्सा भी अमेरिका लाना चाहे, तो इसमें कम से कम तीन साल और $30 बिलियन (करीब ₹2.5 लाख करोड़) खर्च होंगे।
एशिया पर एप्पल की निर्भरता
iPhone में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे कई देशों से आते हैं। उदाहरण के लिए, चिप्स मुख्य रूप से ताइवान में बनते हैं, स्क्रीन दक्षिण कोरिया से आती हैं, और कई अन्य कंपोनेंट्स चीन में तैयार होते हैं। फिर ये सभी पुर्जे चीन की फैक्ट्रियों में एक साथ असेंबल किए जाते हैं और दुनिया भर में भेजे जाते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन एपल को लागत कम रखने और अधिक मुनाफा कमाने में मदद करती है। यही कारण है कि एप्पल दुनिया की सबसे सफल टेक कंपनियों में से एक बन पाई है।

