- संस्कृत बोर्ड में सिलेबस से बाहर आया सवाल
- वहीं 15 कक्ष निरीक्षकों के अनुपस्थित रहने पर जारी हुआ कार्रवाई का पत्र
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूपी बोर्ड में 10वीं में चित्रकला का पेपर आसान रहा और 12वीं में भूगोल भी सामान्य रहा, लेकिन 12वीं में दोपहर की पाली में होने वाला व्यवसाय अध्ययन का पेपर कुछ कठिन रहा। जिस तरह से परीक्षार्थियों ने पेपर की तैयारी की थी, उस तरह से पेपर नही आया। परीक्षार्थियों को पेपर कठिन लगा। इसी तरह से दसवीं में कम्यूटर का पेपर भी सामान्य रहा।
संस्कृत बोर्ड में पेपर सिलेबस से बाहर
संस्कृत बोर्ड में होने वाला अनिवार्य पेपर में एक दो सवाल सिलेबस से बाहर बताए गए हैं। इसमें उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष प्रथमा एवं पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं चल रही हें। प्रथमा की परीक्षा में विस्तृत प्रश्न है, जिसे सिलेबस से बाहर बताया गया है। परीक्षार्थियों ने बताया कि जिस विषय को लेकर पूछा गया है, वह सवाल पाठ में है ही नही। परीक्षार्थियों ने बताया कि पाठयक्रम के विपरीत प्रश्न पूछा गया है। वहीं कुछ संस्कृत के विषय विशेषज्ञों ने भी यही बताया।
15 कक्ष निरीक्षकों पर कार्रवाई
बोर्ड परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले अभी तक 15 कक्ष निरीक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए पत्र जारी कर दिया गया है। इसमें कुछ दिन पहले नौ और सोमवार को छह कक्ष निरीक्षक अनुपस्थित मिले हैं।
यूपी बोर्ड: कंट्रोल रूम की सभी लाइनें व्यस्त
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि यूपी बोर्ड में इस समय 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही है। परीक्षा को सुचिता पूर्ण सम्पन्न कराने के लिए शासन की ओर से सभी जिलों के शिक्षाधिकारियों को पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिए गए थे ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की समस्याएं सामने न आए।
मगर गौर करने वाली बात यह है कि जिले में छात्रों की समस्याओं को बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम का नंबर काम नहीं कर रहा है। नंबर पर जब सपंर्क किया जाता है तो वह बोलता है कि इस रूट की सभी लाइनें व्यस्त है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की समस्या को दूर करने में काफी परेशानी हो रही है।
बता दें कि 24 मार्च से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी है और शिक्षा विभाग में बनाया गया कंट्रोल रूम नंबर यानि हेल्पलाइन नंबर सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा है। सूत्रों की माने तो लंबे समय से बंद पड़े नंबर को हेल्पलाइन नंबर बना दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार सभी जिलों में डीआईओएस कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया जाता है।
मेरठ जिले की बात करे तो यहां संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय, क्षेत्रिय बोर्ड कार्यालय व जिला विद्यालय निरीक्षक यानि शिक्षा विभाग के तीन कार्यालय मौजूद है फिर भी हेल्पलाइन नंबर चाूल करने पर किसी का ध्यान नहीं है। सूत्रों का कहना है कि गत वर्ष फोन का बिल जमा न होने के कारण नंबर को बंद कर दिया गया है। वहीं, क्षेत्रिय बोर्ड कार्यालय का 0121-2660742 अधिकांश समय व्यवस्त जाता है या फिर कवरेज एरिया से बाहर रहता है।
हेल्पलाइन नंबर पर परीक्षा में होने वाली नकल और परीक्षा के दौरान केद्रों पर होने वाली अनियमिताओं की जानकारी दी जाती है जिसके बाद विभाग तुरंत एक्शन लेता हैं, लेकिन नंबर बंद होने से यह सब कैसे होगा सोचनीय सवाल है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी का कहना है कि नंबर चालू किया जा रहा हैं, वहीं सभी से अपने निजी फोनों का प्रयोग करने के लिए भी कहा गया है।

