Tuesday, December 9, 2025
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टेंडर प्रक्रिया को लेकर कैंट बोर्ड बैकफुट पर

  • तमाम निविदाए मांगी गई थी आनलाइन, व्यापक स्तर पर की गई थी अनियमितता

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट बोर्ड में टेंडर प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों को लेकर आखिर शनिवार को कैंट बोर्ड के अधिकारी बैकफुट पर आ गए। अधिकारियों ने जिस ठेकेदार को टेंडर प्रक्रिया से आउट कर दिया था, आखिर उसको शनिवार को एक ई-मेल भेजकर टेंडर प्रक्रिया में वापसी कर दी गई हैं। दरअसल, कैंट बोर्ड गांधी बाग में कैंटीन, साइकिल स्टैंड, नैय्यर पैलेस के सामने वाहनों की पार्किंग, तहबाजारी के टेंडर के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी।

ये तमाम निविदाएं आॅनलाइन मांगी गई। बड़ी तादाद में आॅनलाइन निविदाएं ठेकेदारों ने लगाई, लेकिन इसमें घालमेल चल रहा था, जिसके चलते व्यापक स्तर पर अनियमितता की गई। इस मामले की कुछ लोगों ने शिकायत सीबीआई के आॅफिस तक में कर दी। मामला हाईलाइट हुआ तो कैंट बोर्ड के अधिकारी शनिवार को बैकफुट पर आ गए। कैंट बोर्ड आॅफिस से जो ठेकेदार निविदाओं की प्रक्रिया से आउट कर दिये गए थे,

उनको ई-मेल भेजकर फिर से टेंडर प्रक्रिया में एंट्री दे दी गई। ऐसा ही एक पत्र उमेश कुमार को ई-मेल से मिला है, जिसमें तहबाजारी, वाहनों की पार्किंग व अन्य निविदाओं में शामिल होने के लिए फिर से बुला लिया गया हैं। अब देखना है कि दो दिन पहले जिन निविदाओं से ठेकेदार को आउट कर दिया गया था, उनमें फिर दो दिन बाद मेल भेजकर टेंडर प्रक्रिया में इन ठेकेदारों को फिर से शामिल कर दिया। इससे स्पष्ट है कि कैंट बोर्ड में आॅनलाइन टेंडर प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर घालमेल किया जा रहा है।

ड्राइवर पकड़ा, 1200 लीटर पेट्रोल बरामद

मेरठ: परतापुर पुलिस ने पूठा से अवैध रूप से 1200 लीटर पेट्रोल लेकर खरखौदा जा रहे कैंटर चालक को गिरफ्तार कर उसके पास से सवा लाख रुपये कीमत का पेट्रोल बरामद कर लिया। दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गगोल रोड से एक कैंटर जिसमें 1200 लीटर पेट्रोल भरा हुआ था। मौके से चालक रामभूल सिंह पुत्र हरबीर सिंह निवासी लालपुर को पकड़ लिया।

चालक ने पुलिस को बताया कि वो पूठा निवासी लखनपाल से पेट्रोल लेकर खरखौदा के लालपुर निवासी सुभाष पुत्र प्रेम सिंह को देने जा रहा था। पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि पूठा में ड्राइवरों के द्वारा गाड़ियों से चोरी किया गया पेट्रोल बेचता है। दरअसल, इस तरह की कालाबाजारी का एक गैंग काफी लंबे समय से काम कर रहा है। इसमें आयल डिपो के कर्मचारियों से लेकर ट्रांसपोर्टरों के ड्राइवर मिले हुए हैं। इंस्पेक्टर परतापुर रामफल सिंह ने बताया कि इस मामले में दो फरार लोगों की तलाश की जा रही है।

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