Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

बाइपास से कॉमेडियन सुनील पॉल का अपहरण

  • सोशल मीडिया पर स्वयं वीडियो जारी कर दी वारदात की जानकारी
  • इवेंट के लिए किया था बुक, फ्लाइट की भेजी थीं टिकट, बाइपास पर बदली थी कार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: देश व दुनिया के नामचीन कॉमेडियन सुनील पॉल का बीते बुधवार को बाइपास में कार से अपहरण कर लिया था। अपने अपहरण की पूरी कहानी स्वयं सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सुनील पॉल ने दी। सुनील पॉल अब सकुशल घर वापस आ चुके हैं। उन्होंने इस वीडियो में पूरा घटनाक्रम बयान किया है। बकौल सुनील पॉल जिस शो में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे, बाद में पता चला उसके टिकट खुद अपहरणकर्ताओं ने बुक कराए। फेक शो के बहाने अपहरणकर्ताओं ने कॉमेडियन को बुलाया और साजिश को अंजाम दिया।

फेक इवेंट के बहाने बुलाया गया। उनके पास एक रैंडम कॉल आया। इसमें एक इवेंट के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया गया। इवेंट हरिद्वार में बताया गया। इसके लिए बाकायदा उन्हें एडवांस रकम भी दी गई और वादा किया कि बाकी रकम दिल्ली पहुंचने पर दी जाएगी। अपहरणकर्ताओं ने कॉमेडियन का टिकट भी बुक कराया। यह घटना 2 दिसंबर की है। शो में हिस्सा लेने के लिए सुनील पाल दिल्ली पहुंचे। वहां उनका अपहरण कर लिया गया। इसके बाद फिरौती में उनसे लाखों रुपये की डिमांड की गई।

कॉमेडियन का कहना है कि दिल्ली में वे कार से जा रहे थे। उन्हें दवा लेनी थी, इसके लिए एनएच-58 पर गाड़ी रोकी गई। इस दौरान उनका अपहरण कर लिया गया और दूसरी कार में बिठाया गया। कॉमेडियन से कहा गया कि आपका किडनैप हो गया है। हमारे पास चाकू, बंदूक सबकुछ है। सुनील पॉल ने कहा कि उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई। करीब डेढ़ घंटे की ड्राइव के बाद उन्हें एक जगह ले जाया गया। आंखों से पट्टी हटाई तो सात-आठ लोग सामने खड़े थे। सुनील पॉल को धमकी दी गई और 20 लाख रुपये फिरौती के मांगे गए।

सुनील पाल ने आगे बताया कि उन्होंने अपहरणकर्ताओं के 20 लाख रुपये मांगने पर कहा कि इतना नहीं हो पाएगा। इस पर किडनैपर्स ने कहा कि सोच-समझकर कल जवाब देना। फिर किडनैपर्स ने पूछा कि कितना देंगे? तब कॉमेडियन ने कहा कि उन्होंने 10 लाख रुपये दे पाने की बात की। किडनैपर्स ने कॉमेडियन से एटीएम कार्ड भी मांगे, जिस पर उन्होंने कहा कि वे ये सब नहीं रखते हैं। सुनील पॉल ने कहा कि दोस्तों से उन्होंने पैसे मंगवाए और साढ़े सात-आठ लाख रुपये हो पाए।

20 हजार देकर भेजा

सुनील पाल का कहना है कि पैसे मिलने पर किडनैपर्स ने कहा कि आपको छोड़ देते हैं। साथ ही कहा कि हमने आपके आने की फ्लाइट कराई थी, जाने की भी कराएंगे। इस तरह कॉमेडियन को 20 हजार रुपये देकर भेजा गया। इस तरह कॉमेडियन मुंबई वापस पहुंचे। सुनील पॉल ने बताया कि इवेंट का कॉल उन्हें घटना से करीब 15 दिन पहले आया था। उन्होंने बताया कि ये इवेंट बर्थडे पार्टी से जुड़ा है।

…तो जानीखुर्द भी सोतीगंज बनने की तैयारी में

जानीखुर्द: क्षेत्र में एक कबाड़ी के यहां संदिग्ध वाहनों के कटने की वीडियो वायरल होने पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एंटी व्हीकल करप्शन के निरीक्षक सुगम सिंह के नेतृत्व में टीम ने कबाड़ी के गोदाम में छापा मारकर वहां मिले समान की जांच की। बताया गया है कि पुलिस की दबिश की खबर मिलने से कबाड़ी ने रातों रात गोदाम से कई ट्रक समान भरकर अन्य स्थान भेज दिया गया।

बुधवार को सोशल मीडिया पर एक कबाड़ी के गोदाम की वीडियो वायरल हो रही थी। वीडियो में कबाड़ी के यहां संदिग्ध ट्रैक्टर, ई-रिक्शा आदि वाहन गैस कटर से जमकर काटे जा रहे थे। वहीं, गोदाम में दर्जनों वाहनों के कटे हुए पार्ट्स भी रखे दिखाई दिए थे। घटना का संज्ञान लेते हुए एसपी देहात राकेश मिश्रा व क्षेत्राधिकारी सरधना संजय जायसवाल के दिशा निर्देश पर शुक्रवार सुबह एंटी व्हीकल टीम के प्रभारी निरीक्षक सुगम कुमार के नेतृत्व में एक टीम भेजी। सुगम कुमार की टीम ने गोदाम पहुंचकर जांच की तो सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो में कट रहे वाहनों का जखीरा गायब दिखाई दिया।

एंटी व्हीकल की टीम ने मौके से कई वाहनों के पार्ट्स की जांच की और उनकी फुटेज फोटो वगैरा एकत्र किए। बताया गया कि इस कबाड्डी को पुलिस विभाग से किसी ने छापे की सूचना दे दी थी। जिसके चलते कबाड्डी द्वारा रातों-रात गोदाम का अधिकतर समान पार्ट्स कई ट्रक में भरकर अन्य स्थान पर भिजवा दिया गया। जनपद से आई टीम ने वीडियो और मौके मिले सामान की जांच की तो दोनों में भिन्नता पाई गई। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी हुई हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img