सर्दियों का मौसम डेयरी फार्म और दूध उत्पादन के लिए काफी अहम माना जाता है। अक्सर कहा जाता है कि गाय-भैंस सर्दियों में ज्यादा दूध देती हैं, लेकिन डेयरी एक्सपर्ट के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। हकीकत यह है कि अगर सर्दियों की शुरूआत में सही देखभाल और विशेष कदम उठाए जाएं, तो पशु अच्छी मात्रा में दूध दे सकते हैं।
सर्दियों में दुध उत्पादन के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने जरूरी होते हैं। अगर किसान और पशुपालक ये कदम उठाएंगे तो पशुओं से भरपूर मात्रा में दूध ले सकते हैं।
सर्दियों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी कदम: एनिमल शेड का इंतजाम: सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए शेड को गर्म और सूखा रखें। पशु तनाव में नहीं आएं, यही सबसे जरूरी है।
गर्भाधान और हीट का ध्यान: ज्यादातर भैंस सर्दियों में हीट में आती हैं। इस समय मुर्राह नस्ल के नर या नजदीकी केंद्र पर कृत्रिम गभार्धान कराएं। भैंस बच्चा देने के 60-70 दिन बाद अगर दोबारा हीट में न आए तो तुरंत जांच कराएं।
खाद्य और मिनरल मिक्सचर: पशुओं को जल्दी हीट में लाने और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए मिनरल मिक्चर खिलाना जरूरी है।
सुरक्षा और दवाई: बाहरी कीड़ों से बचाने के लिए समय-समय पर दवाई का छिड़काव करें। दुधारू पशुओं को थैनेला रोग और पेट के कीड़ों से बचाने के लिए डॉक्टर की सलाह से दवा दें।
चारे का प्रबंधन: बरसीम का अधिक चारा लेने के लिए सरसों, चीनी कैबेज या जई के साथ बिजाई करें। बरसीम के साथ राई मिलाने से पौष्टिकता और उपज दोनों बढ़ती हैं। नए खेत में बरसीम की बिजाई से पहले राइजोबियम कल्चर उपचारित करें। साथ ही, जई का अधिक चारा लेने के लिए ओएस 6, ओएल 9 और कैन्ट की बिजाई अक्टूबर के बीच में कर दें।
बछड़े की देखभाल: बछड़े को छह महीने की उम्र पर बैल बनाने के लिए बधिया करा दें।
सर्दियों में सही देखभाल और पोषण के साथ, गाय-भैंस भरपूर दूध दे सकती हैं। इसलिए एक्सपर्ट द्वारा बताए गए टिप्स को अपनाना बेहद जरूरी है।

