Wednesday, May 12, 2021
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जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या पहुंची दस

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  • पुलिस-प्रशासन मौन, मौत के पीछे बताया कोरोना की वजह, कार्रवाई से बचने की कवायद
  • इंचौली एसओ ने धमकी देकर लिखवाए पीड़ितों से बयान
  • परिजन बोले-प्रधान प्रत्याशियों ने पिलाई जहरीली शराब, एक शराब तस्कर हिरासत में

जनवाणी संवाददाता |

इंचौली: प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भले ही शराब पिलाने प्रत्याशियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये गये, लेकिन इंचौली पुलिस की लापरवाही का नमूना खुलकर सामने आ गया। थाना क्षेत्र के गांव साधारणपुर में पंचायत चुनाव में खुलकर बांटी गई जहरीली शराब पीने से दो दिन के अंदर 10 घरों का चराग उजाड़ दिया।

वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि जहरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद इंचौली एसओ अपनी कुर्सी बचाने के लिए मृतक परिवार को धमकी देते हुए कोरोना वैश्विक महामारी से मौत होने का ब्यान लिखवाने में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हुई मौत कोरोना से नहीं बल्कि जहरीली शराब पीने से हुई है। 10 मौत होने के बाद भी पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आबकारी अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन किसी ने मृतक परिवार के सदस्यों से बात करना भी गवारा नहीं समझा है।

थाना इंचौली क्षेत्र के साधारणपुर गांव में शराब पीने से पिता-पुत्र सहित 10 लोगों की मौत हो गई। इस गांव में दो दिन में ही लगातार इतनी मौतें होने से हड़कंप मच गया। पंचायत चुनाव के दौरान कुछ दिन से गांव में शराब बांटी जा रही थी। माना जा रहा है कि इसी जहरीली शराब को पीने के बाद हालत बिगड़ी। हैरत की बात यह रही कि सोमवार देर रात तक पुलिस बीमारी से मौतें होने का दावा करती रही और लोग दम तोड़ते रहे।

साधारणपुर निवासी नीरज पुत्र नत्थू सिंह राज मिस्त्री का काम करता था। रविवार रात उसकी हालत खराब हुई थी। सोमवार तड़के नीरज (28) की मौत हो गई है। वहीं, कपिल (30) पुत्र विजयपाल भी मजदूरी करता था। रविवार रात उसकी भी तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। इंचौली पुलिस गांव में पहुंची। इनके अलावा गांव के ही बिजेंद्र (55) और उसके छोटे बेटे दीपक (20) की हालत बिगड़ी।

बताया जा रहा है कि इन दोनों ने भी शराब पी थी। बाद में इन दोनों की भी मौत हो गई। सोमवार सुबह करीब 10 बजे दो शवों के संस्कार के समय कुछ ग्रामीणों ने बताया कि शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने से मौत हुई है। चुनाव में शराब बट रही थी। अधिक मात्रा में शराब पीने से यह सब हुआ। श्मशान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इनके अलावा गांव के ही मनवीर, रकम सिंह, ब्रजभूषण, बॉबी और सुमित की मौत होने की जानकारी मिलने पर पूरे गांव में हड़कंप मचा रहा। उधर, थाना पुलिस का कहना है कि बिजेंद्र की मौत हार्ट अटैक और दीपक की मौत सदमे की वजह से हुई। परिजनों ने इस बारे में पुलिस को लिखित में दिया है। हालांकि बिजेंद्र की पत्नी सोना ने बताया कि पिता और पुत्र पिछले कई दिनों से प्रधान प्रत्याशियों द्वारा दी गई शराब पी रहे थे।

दोनों की मौत शराब पीने से हुई। उन्होंने प्रत्याशियों द्वारा दिए गए शराब के खाली और भरे हुए पव्वे भी दिखाए। गांव में कई अन्य ग्रामीणों की हालत भी गंभीर बताई गई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने मौत का कारण बुखार और अन्य बीमारी होना बताया है। उन्होंने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उधर, पुलिस ने एक प्रधान प्रत्याशी और एक शराब तस्कर को हिरासत में लिया है। वहीं, पुलिस ने मृतकों के घर से बरामद हुई शराब को जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शराब के सेवन से 10वीं मौत

इंचौली थाना क्षेत्र के नंगला साधारणपुर गांव में चुनावी शराब पीने से हो रहीं मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार सुबह एक और युवक की मौत हो गई। अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। नंगला साधारणपुर गांव में शराब के सेवन से सोमवार देर रात तक पिता पुत्र समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी।

परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मौत कोरोना व अन्य बीमारियों के चलते हुई है। पुलिस सोमवार से ही गांव के प्रत्याशियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, मंगलवार सुबह जोनी (30) पुत्र हरपाल की मौत से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तीन दिन के अंदर यह 10वीं मौत है। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

उजड़ गए 10 परिवार

पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग सहित सरकारी तंत्र की लापरवाही और शराब की लत ने एक बार फिर से कई परिवारों को उजाड़ दिया। शराब से लगातार मौतें होने के बावजूद जांच टीमें अपने बचाव में ही जुटी रहीं। वहीं, गांव में 10 लोगों की मौत के बाद हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। कई लोगों की जिंदगी अब तक खतरे में है। सवाल यही उठ रहा है कि इतने लोगों की जिंदगी को मौत बांटने का जिम्मेदार कौन है।

पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले प्रत्याशी और समर्थक या फिर अवैध शराब के खेल को संरक्षण देने वाले पुलिस प्रशासन के अफसर। गांव में इस घटना के बाद बच्चों से पिता का साया छीन गया तो कुछ परिवारों से रोजी रोटी की उम्मीद छिन गई। पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा रहा। नीरज के परिवार में चार और तीन साल के बेटों के अलावा एक साल की बेटी भी है। वहीं, कपिल की बड़ी बेटी तनिष्का चौथी कक्षा की छात्रा है। छोटी बेटी छवि कक्षा एक में पढ़ती है।

बोले-मासूम, पापा नहीं रहे, हमारा क्या होगा?

कपिल की बेटी तनिष्का बिलखते हुए बोल रही थी-पापा नहीं रहे, अब हमारा क्या होगा। दीपक के तीन बच्चे हैं। इसमें आलोक, वंशिका और हैप्पी शामिल हैं। शराब के नशे ने चार महिलाओं का सुहाग छीन लिया। इनमें प्रीति पत्नी नीरज, मोनी पत्नी कपिल, सोना पत्नी बिजेंद्र और रूबी पत्नी दीपक शामिल हैं।

पुलिस के दबाव में रहे पीड़ित परिवार

बताया जा रहा है कि पुलिस के दबाव में सोमवार शाम तक कुछ परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम ही शवों का आनन-फानन में संस्कार करा दिया। हालांकि एक परिवार ने चुनाव में बंटी शराब पीने से हालत बिगड़ने की बात का जिक्र किया। तमाम दावों के बावजूद पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें अवैध शराब बांटने पर लगाम नहीं लगा पाईं। इससे पहले मीरपुर जखेड़ा और महल गांव में ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन ‘बिसरा जांच’ की आड़ में मामले दबा दिए गए।

10 लोगों की मौत के बाद कुंभकर्णी नींद से जागा प्रशासन

साधारणपुर गांव में 10 लोगों की मौत के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जाग गया। मंगलवार को जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार और एसपी देहात केशव कुमार टीम के साथ गाव पहुंचे। इसके बाद पुलिस एक प्रधान पद प्रत्याशी संजय कुमार और शराब सप्लायर रोहित को पकड़ कर थाने ले गई। संजय कुमार ने शराब बांटने की बात स्वीकार की है। उसका कहना है कि तोहफापुर गांव के सरकारी देशी ठेके से शराब खरीदकर बांटी गई थी। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि फिलहाल संजय और रोहित को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अन्य प्रत्याशियों से भी पूछताछ की जाएगी।

ये हुए जहरीली शराब के शिकार

  1. नीरज पुत्र नत्थू सिंह
  2. कपिल पुत्र विजयपाल
  3. बिजेंद्र पुत्र स्व. रामजीलाल
  4. दीपक पुत्र स्व. बिजेंद्र
  5. 40 वर्षीय मनवीर पुत्र स्व. राजपाल (अविवाहित)
  6. 35 वर्षीय रकम सिंह पुत्र इकराम
  7. 32 वर्षीय ब्रजभूषण पुत्र हरपाल
  8. 34 वर्षीय बॉबी पुत्र शेर सिंह
  9. 32 वर्षीय सुमित पुत्र भगवत
  10. 30 वर्षीय जोनी पुत्र हरपाल
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