Saturday, January 29, 2022
- Advertisement -
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutकुराली में डेंगू से हाहाकार, सात की मौत

कुराली में डेंगू से हाहाकार, सात की मौत

- Advertisement -
  • कुराली गांव में अब तक हो चुकी है 21 लोगों की मौत, स्वास्थ्य विभाग की नहीं टूट रही कुंभकर्णी नींद

जनवाणी संवाददाता |

जानी खुर्द: ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में रहस्यमयी जानलेवा बुखार से ग्रामीणों की मौत का सिलसिला जारी है। कुराली में गत तीन दिन में छह महिलाओं सहित सात लोगों की मौत से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। जानी ब्लॉक के कुराली गांव में जानलेवा बुखार से लगातार हो रही मौतों से गांव ही नहीं क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। कुराली गांव निवासी 25 वर्षीय रितु पत्नी अर्जुन, कृष्ण की 50 वर्षीय पत्नी अशरफी, रामपाल की पत्नी निर्मला उर्फ भंतो, टुक्की की पत्नी सत्यबाला, सुमन पत्नी भूमेश और मनीषा को कई दिनों से रहस्यमयी बुखार आ रहा था।

गांव की सभी महिलाओं को उनके परिजन गांव में नहीं मेरठ में भी अच्छे चिकित्सकों के यहां इलाज करा रहे थे, लेकिन सभी महिलाओं ने रहस्यमयी बुखार के चलते दम तोड़ दिया। गांव में तीन दिन में एक साथ छह महिलाओं की मौत से ग्रामीण सकते में हैं। ग्रामीण रहस्यमयी बुखार से हुई महिलाओं की मौत के बाद उनकी अंत्येष्ठी में लगे हुए ही थे कि पता चला कि रामनिवास शर्मा पुत्र देवी सिंह की भी रहस्यमयी बुखार से मौत हो गयी।

गांव में दो दिन में हुई सात मौतों से ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। श्मशान में उपस्थित ग्रामीणों की आंखोें से आंसू टपक पड़े। गांव में दो-तीन दिन में सात मौत होने से ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गुस्सा व आक्रोश है। ब्लॉक क्षेत्र के गांव कुराली, कस्बा सिवालखास, धौलड़ी आदि गांवों में रहस्यमयी बुखार से हो रही मौतों पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग तो अनदेखी कर ही रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर भी ग्रामीणों की मौत पर आंखें बंद किये हुए हैं।

वहीं, इस संबंध में ग्राम प्रधान राजकुमार का कहना है कि कुराली में घर-घर रहस्यमयी बुखार की दस्तक हो चुकी है। जिसने महामारी का रूप ले लिया है। अगर स्वास्थ्य विभाग की जल्द ही कुभंकर्णी नींद नहीं टूटी तो ग्रामीणों को भयंकर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी संज्ञान लेकर गांव में चल रहे रहस्यमयी बुखार से निजात दिलाने में ग्रामीणों की मदद करें।

डेंगू के 24 नए मरीज मिले, संख्या पहुंची 573

जिले में डेंगू का प्रकोप फैलता ही जा रहा है। डेंगू बुखार का डंक दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। जिले में डेंगू खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। डेंगू बुखार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू बुखार से लोगों में काफी दहशत है। अब तक जिले में डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 573 पहुंच चुकी है। रविवार को जिले में डेंगू के 24 नए मरीज सामने आए। जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 181 है। डेंगू के सक्रिय केस 293 है।

होम आइसोलेशन मरीजों की संख्या 112 है। सही समय से इलाज ऐर जांच नहीं कराने से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बहुत अधिक होती जा रही है। जिले में डेंगू की रफ्तार जारी है। जिला अस्पताल में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लगातार बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप के चलते स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य अधिकारी घर-घर जाकर सर्वे करा रहे हैं।

विभाग की टीमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों को जांच के लिए जागरूक व प्रेरित कर रही है। मौसम में बदलाव के साथ साथ डेंगू, मलेरिया और बुखार थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिन पर दिन मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्थिति ये है कि जिले के लोगों में 10 से 15 फीसदी मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों की लंबी कतार देखने को मिल रही है।

इसके अलावा मलेरिया, टाइफाइड व वायरल के लक्षणों वाले मरीज भी आ रहे हैं। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग डेंगू के आंकड़ों में कमी की बात कर रहा है, लेकिन डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या से डेंगू के भयानक प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। बुखार और सिर दर्द जैसे डेंगू के लक्षण दिखने पर तत्काल डाक्टर से सलाह लें। घर के आसपास सफाई रखें एवं घर के बर्तनों में पानी जमा न होने दें।

सरधना: बुखार की चपेट में आकर रिटायर्ड एसआई की मौत

बुखार की कहर लोगों पर मौत बनकर टूट रहा है। रविवार को सरधना में बुखार की चपेट में आए रिटायर्ड दारोगा की मौत हो गई। एसआई करीब चार दिन से बुखार की चपेट में थे। रविवार को मेरठ अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम गमगीन माहौल में शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।

सरधना के हरलालपुरा मोहल्ला निवासी अशफाक यूपी पुलिस में दारोगा था। कुछ समय समय पहले उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था। मिली जानकारी के अनुसार करीब चार दिन से वह बुखार की चपेट में थे। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें मेरठ के जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराया था।

रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अशफाक की मौत से उनके परिजनों में कोहराम मच गया। शाम को उनका शव घर पहुंचा। शव देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। देर शाम गमगीन माहौल में शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।

मोदीपुरम: पल्लवपुरम में डेंगू से महिला की मौत

पल्लवपुरम में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रविवार को डेंगू बुखार की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया है कि पल्लवपुरम में ऋषिपाल राणा का परिवार रहता है। उनकी पत्नी मंजू देवी को डेंगू बुखार हो गया था। जिसके चलते उनकी हालत खराब हो गई और महिला ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। महिला के एक बेटा तनु 18 वर्ष एवं एक बेटा हर्ष 15 वर्ष है।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -
- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -

Recent Comments