Monday, April 20, 2026
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धमाकों के साथ फटते रहे ड्रम

  • इलाके में पसरी दहशत फायर ब्रिगेड की तीन दर्जन गाड़ियां भी नहीं पा सकी काबू
  • आठ घंटे बाद फायर फाइटर घुसे फैक्ट्री में तब कहीं जाकर पाया काबू
  • काशी की केमिकल फैक्ट्री में लगी थिनर के ड्रमों में शार्ट सर्किट से आग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: परतापुर थाना क्षेत्र के गांव काशी स्थित थिनर फैक्ट्री में अचानक लगी आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। आग लगने की वजह से फैक्ट्री में रखे थिनर के ड्रम हवा में उड़कर बम की तर्ज पर फट रहे थे। इससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गयी। जिस फैक्ट्री में आग लगी थी, उसके आसपास की जितनी भी फैक्ट्री थी आग की दशहत के चलते वहां काम करने वाले भाग खडेÞ हुए।

परतापुर में काशी मार्ग पर अछरौंडा के निकट नाजिम नाम के शख्स की बिल्डिंग है। जिसमें सचिन गुप्ता ने केमिकल का गोदाम बनाया हुआ है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक बुधवार दोपहर गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचीं, आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। गोदाम में रखे ड्रम धमाकों के साथ फट रहे थे। आसमान पर छाया काला धुआं परतापुर से लेकर एक्सप्रेस वे तक घटना की भयावहता बयां कर रहा था।

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आग को काबू पाने में मेरठ की गाड़ियां कम पड़ गईं तो हापुड़, नोएडा और अन्य जिलों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मांगी पड़ीं। इसी के साथ घटनास्थल से काफी दूरी पर भीड़ को रोक कर अधिकारी दोपहर से लेकर शाम तक आग पर काबू पाने में जुटे रहे। चर्चा है कि गोदाम मालिक इससे पहले टीपी नगर और ब्रह्मपुरी क्षेत्र में गोदाम का संचालन करता था। मगर वहां भी भीषण अग्निकांड के बाद गोदाम को यहां शिफ्ट किया गया था।

कायदे कानून ताक पर

परतापुर पुलिस की नाक के नीचे नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही थी। आसपास रहने वालों ने बताया कि यह फैक्ट्री सालों से बंद थी, लेकिन अक्सर इसमें बड़े-बडेÞ कैंटर आया करते थे। फैक्ट्री का गेट तभी खुलता था जब कैंटर आता था। कैंटर भीतर जाने के बाद गेट फिर बंद कर दिया जाता था। फैक्ट्री में कैंटर आते और जाते ही देखे जाते थे, इसके अलावा वहां अन्य गतिविधि नजर नहीं आती थी।

बाहर से बुलायी फायर ब्रिगेड

आग का विकराल रूप आग इतनी विकराल थी कि काबू में करने के लिए मेरठ सहित आसपास के जिलों की फायर ब्रिगेड मौके पर बुलानी पड़ीं। तीन दर्जन से ज्यादा गांड़ियां आग बुझाने के काम में लगी थीं। दोपहर तीन बजे लगी आग पर रात 12 बजे तक भी काबू नहीं पाया जा सका था।

म।लिक नहीं पहुंचा मौके पर

जिस सचिन गुप्ता की यह फैक्ट्री बतायी जा रही है रात 12 बजे तक आग लगी रही, लेकिन वो मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीएफओ संतोष राय के अलावा दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गयी थी। वहीं, दूसरी ओर रात 10 बजे तक भी जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका तो भीतर फायर फाटर दाखिल हुए। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

जिस फैक्ट्री में आग लगी, उसका मानचित्र स्वीकृत नहीं

परतापुर के काशी में ज्यादातर फैक्ट्रियां अवैध बनी हुई है। इनका किसी तरह का मानचित्र मेरठ विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है। क्योंकि यहां का भू-उपयोग कृषि है। इस वजह से फैक्ट्री नहीं लगाई जा सकती। फिर भू-उपयोग परिवर्तन भी किसी ने नहीं कराया है। अब बुधवार को जिस फैक्ट्री में आग लगी है उसका भी मानचित्र स्वीकृत नहीं है। ये फैक्ट्री नाजिम की है, जिसको सचिन गुप्ता ने किराए पर ले रखा था।

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एक तरह से इसके गोदाम को प्रयोग में लाया जा रहा है। गोदाम में ही 1000 ड्रम थिनर के रखे हुए थे, जिनमें आग लगी है। काशी गांव में यह अकेली फैक्ट्री नहीं, बल्कि 50 से ज्यादा अवैध फैक्ट्री यहां संचालित हो रही है। इनमें से किसी एक का भी मानचित्र स्वीकृत नहीं है, लेकिन इसके बावजूद मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियर आंखें मूंदे बैठे हैं। इंजीनियरों की तरफ से यहां एक के बाद एक बन रही अवैध फैक्ट्री पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

यही वजह है कि अवैध फैक्ट्रियां सिलसिलेवार बनती जा रही है। पिछले छह माह के दौरान भी काशी में दर्जन भर से ज्यादा फैक्ट्रियां बनकर तैयार हो गई है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई प्राधिकरण के इंजीनियरों ने नहीं की है। यही वजह है कि दमकल विभाग से भी उनकी किसी तरह की कोई एनओसी नहीं ली गई है। नहीं आग बुझाने के उनके पास कोई यंत्र है।

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