- त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन है अंतरा
- दो बच्चों के जन्म में तीन साल का अंतर बेहद जरूरी
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: मां और शिशु का बेहतर स्वास्थ्य और पोषण तभी संभव है जब परिवार नियोजन पर अमल किया जाए। इसके लिए दंपति का जागरूक होना जरूरी है। कायदे से शादी के दो साल बाद ही पहले बच्चे की योजना बनानी चाहिए। दो बच्चों के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतर अवश्य हो। इसके लिए गर्भनिरोधक साधन त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन काफी कारगर होता है। इसकी डोज हर तीन महीने पर लेनी होती है। दो से पांच साल तक गर्भनिरोधन में यह मददगार है। जिले में अंतरा अपनाने वाली प्रत्येक लाभार्थी महिला को प्रति डोज 100 रुपये देने का प्रावधान 01 अप्रैल 2022 से कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया – नियोजित परिवार ही खुशहाल होता है। इसके लिए दंपति का संजीदा होना जरूरी है। उन्होंने कहा – अंतरा इंजेक्शन बेहद कारगर है। वर्ष 2020-21 में जनपद की 8000 से ज्यादा महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन को पसंद किया। इस साल अप्रैल से जून माह तक 1678 महिलाओं ने अंतरा अपनाया है। इसकी सुविधा सीएचसी, पीएचसी, न्यू पीएचसी और ज्यादातर स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर उपलब्ध है। आशा कार्यकर्ता की मदद से यह सुविधा ली जा सकती है। अंतरा की लाभार्थी को सुविधा दिलवाने वाली आशा कार्यकर्ता को भी 100 रुपये प्रति डोज देने का प्रावधान है। इंजेक्शन का पहला डोज चिकित्सक या कम्युनिटी हेल्फ आफिसर (सीएचओ) द्वारा लाभार्थी की स्क्रीनिंग होने के बाद ही प्रशिक्षित एएनएम या स्टॉफ नर्स से लगवाया जाता है ।
इस सेवा को सुदृढ़ करने में उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) के जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया- सन 2020-21 में जनपद में 1828 महिला व 24 पुरुषों ने नसबंदी कराई। 2021-22 में अभी तक 2302 नसबंदी हुई हैं। इसमें 2194 महिलाएं और 108 पुरुष हैं, जबकि 2022-23 में अप्रैल से जून तक 108 महिला और 25 पुरुषों ने नसबंदी कराई है।
अंतरा की खास उपयोगिता व विशेषता
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. सत्यप्रकाश ने बताया अंतरा इंजेक्शन बांह, कूल्हे या जांघ में लगाया जाता है। यह इंजेक्शन लगवाने के तुंरत बाद प्रभावी होता है और निर्धारित तिथि पर लगवाने से इसकी प्रभावशीलता बनी रहती है। जिन महिलाओं को गर्भनिरोधक गोली खाने में दिक्कत है, वह इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। स्तनपान कराने वाली महिला के लिए उपयुक्त है। कुछ मामलों में माहवारी की ऐंठन को कम करता है। गर्भाशय व अंडाशय के कैंसर से बचाव करता है। इस इंजेक्शन का इस्तेमाल बंद करके पुन: गर्भधारण किया जा सकता है।

