- 82 किमी लंबे कॉरिडोर को तैयार करने में लगे दिन-रात
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण में बड़ी तादाद में कर्मचारी तैनात है। 82 किमी लंबे इस आरआरटीएस कॉरिडोर पर 14,000 से अधिक कर्मचारी और 1100 से अधिक इंजीनियर दिन-रात निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। अब तक एलिवेटेड सेक्शन के 1100 से अधिक पिलर बनाए गए हैं, 50 किमी से अधिक फॉउंडेशन का कार्य और लगभग 14 किमी का वायाडक्ट पूरा हो चुका है, जिनमें से अधिकांश प्रायोरिटी सेक्शन में स्थित है।
प्राथमिकता खंड में वायडक्ट के निर्माण के साथ ही सभी पांच स्टेशनों साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। गाजियाबाद से दुहाई के बीच के वायाडक्ट पर रेल पटरियों को जोड़ने का काम चल रहा है। कॉरिडोर में एलिवेटेड सेक्शन के लिए 18 लॉन्चिंग गैन्ट्री (तारिणी) के साथ आरआरटीएस के वायाडक्ट बनाने का निर्माण कार्य चल रहा है।
अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है जहां टनल बोरिंग मशीन (सुदर्शन) के लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कार्य किया जा रहा है। एनसीआरटीसी ने निर्माण स्थलों में और उसके आसपास व्यापक प्रदूषण नियंत्रण उपाय करते हुए निर्माण की गति को बनाए रखा है।
विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम नियमित रूप से इन उपायों की प्रभावशीलता की निगरानी कर रही है और जहां भी आवश्यक हो गतिविधियों को तेज कर रही है। निर्माण कार्य पर्याप्त ऊंचाई के बैरिकेडिंग जोन में किया जा रहा है और इन स्थलों पर पूरी तरह से साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है। निर्माण की धूल को निपटाने के लिए एंटी-स्मॉग गन, वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। सभी कच्चे माल, मलबे को उनके चिन्हित स्थलों पर ढक कर रखा जाता है।

