जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा भारत समेत दुनिया में बढ़ता जा रहा है। यूनाइटेड किंगडम के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोविड वैक्सीन की दो खुराद ओमिक्रॉन संस्करण से बचाने के लिए लिए पर्याप्त नहीं है।
ओमिक्रॉन से बचने के लिए बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य है। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि ओमिक्रॉन और डेल्टा मामलों के शुरुआती परीक्षण से पता चला कि टीके नए संस्करण को रोकने में कम प्रभावी पाए गए, लेकिन बूस्टर डोज लगने के बाद 75% लोगों में ओमिक्रॉन का वैरिएंट नहीं पाया गया।
ब्रिटेन में लेवलिंग अप सेक्रेटरी माइकल गोव की अध्यक्षता में विकसित देशों के मंत्रियों के साथ हुई बैठक में बताया कि यूके एक इस समय गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है।
सरकार की आपातकालीन समिति कोबरा की बैठक के बाद माइकल गोव ने चेतावनी दी कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को कम करने के लिए तीसरी खुराक बेहद जरूरी है।
ब्रिटेन में वर्क फ्राम होम लागू
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के ओमीक्रॉन वैरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच ब्रिटिश सरकार ने सख्त कोविड-19 प्रतिबंधों को लागू कर दिया है।
नए प्रतिबंधों के तहत लोगों को वर्क फ्रॉम होम, सार्वजनिक जगहों मास्क लगाने और वैक्सीन पास का इस्तेमाल करने का आदेश दिया गया।
ब्रिटिश सरकार कोरोना के नए वैरिएंट की रोकथाम के लिए इंग्लैंड में आने वाले पर्यटकों की संख्या को सीमित करने पर भी विचार कर रही है। ब्रिटेन में अब तक, करीब 22 मिलियन लोगों को बूस्टर खुराक दी जा चुकी है

