Saturday, October 23, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutठेका एक्सटेंशन किया तो हर रोज 1.4 लाख का होगा घाटा

ठेका एक्सटेंशन किया तो हर रोज 1.4 लाख का होगा घाटा

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  • टोल को लेकर कैंट बोर्ड की बैठक आज, आधी रात के बाद बदल सकता है टोल
  • कैंट विधायक नहीं शामिल होंगे बोर्ड की स्पेशल बैठक में

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सोमवार की आधी रात के बाद कैंट में ठेकेदार का टोल खत्म हो जाएगा। मंगलवार को इसी टोल के ठेके को लेकर कैंट बोर्ड की बैठक है। बैठक में ठेकेदार को यदि दो माह का एक्सटेशन दिया जाता है तो 1.4 लाख का प्रतिदिन नुकसान होगा। यह कैंट बोर्ड के राजस्व को बड़ा झटका लगेगा। यदि नये आवेदन करने वाले को टेंडर देने पर सहमति बनती है तो 1.4 लाख के प्रतिदिन लाभ में कैंट बोर्ड रहेगा। अब इसको लेकर गहमा-गहमी बढ़ गयी है।

महत्वपूर्ण यह भी टोल को कैंट बोर्ड खुद भी चला सकता है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या कैंट बोर्ड 6 स्थानों पर टोल वसूली करेगा या फिर अपने ही आदेश का उल्लंघन कर 11 स्थानों पर टोल वसूलेगा। क्योंकि इसका कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल तीन स्थानों पर टोल का विरोध कर रहे हैं।

अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली बोर्ड बैठक पर लगी है कि ठेकेदार को यदि टोल का एक्सटेंशन करते है तो करीब 60 लाख का दो माह में नुकसान होगा। नये आवेदन करने वाले ठेकेदार को टोल करने पर कैंट बोर्ड को लाभ होगा? जो ठेकेदार दो माह का एक्सटेंशन मांग रहा है, वो विवादों में रहा है। क्योंकि ग्यारह टोल प्वांइट की बजाय 12 प्वांइट पर इस ठेकेदार ने गलत तरीके वसूली शुरू कर दी थी, जिसको लेकर बवाल मच गया था।

लॉकडाउन के किस नियम के तहत मांगे 60 दिन ?
लॉकडाउन में सबकुछ बंद था। इस दौरान टोल की कोई वसूली नहीं हुई। इसका कैंट बोर्ड में ठेकेदार ने एक रुपया भी जमा नहीं किया। क्योंकि लॉकडाउन था। फिर भी ठेकेदार कैसे लॉकडाउन के 60 दिन ठेकेदार कैंट बोर्ड से मांग रहा हैं? यदि इस दौरान के ठेकेदार ने पैसा जमा कराया होता तो अलग बात थी, लेकिन यहां तो नहीं तो पैसा जमा हुआ और नहीं टोल लिया गया। अब कैंट बोर्ड के अधिकारी टोल के ठेके को घाटे में चलाना चाहते है या फिर राजस्व बढ़ाने के लिये नये ठेकेदार को टोल का टेंडर देते है, यह सब अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा।

यह मामला मीडिया में भी सुर्खियों में रहा था। कैंट बोर्ड के खिलाफ जाने वाले ठेकेदारों को नियमानुसार ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए,मगर यहां ठेकेदार पर मेहरबानी की कवायद चल रही है, जिसमें कुछ सभासदों की सेटिंग भी जगजाहिर हो रही है। दूसरी ओर कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल की भी इस टोल के टेंडर को लेकर प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। क्योंकि भाजपा विधायक पहले दिन से ही तीन प्वांइट से टोल हटाने को लेकर अडिग थे।

इसको लेकर उनकी डीएम से लेकर तमाम अधिकारियों से भी बात हुई थी। कुछ दिनों के लिए तीन प्वांइट पर टोल बंद भी हो गया था, मगर ठेकेदार बोर्ड के खिलाफ हाईकोर्ट चला गया था। हाईकोर्ट ने ही 7 दिसंबर रात्रि 12 बजे तक का टोल वसूलने की अनुमति दे रखी है, इसके बाद कैंट बोर्ड को पूर्ण अधिकार है कि वो बोर्ड बुलाकर नये सिरे से टेंडर करें,मगर इसमें भी कुछ खेल करने की सुगबुगाहट आ रही है।

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