Saturday, April 17, 2021
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आज दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर होगी किसान महापंचायत

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जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के काफिले पर अलवर में हमले के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं। वेस्ट यूपी के पांच उन जिलों में पहले चरण में चुनाव है, जहां बीते चार महीने से किसान आंदोलन का ज्यादा प्रभाव दिखा है।

आज गाजीपुर बॉर्डर पर हमले को लेकर पंचायत बुलाई गई है। इसमें कृषि कानूनों का विरोध तेज करने का फैसला संभावित है। विपक्ष इसमें अपना राजनीतिक फायदा देख रहा है। इसके मद्देनजर उसने एजेंडा बना लिया है। दूसरी ओर घटना के बाद अंदरूनी तौर पर चिंतित भाजपा खुले तौर पर ‘सब ठीक’ बताने की तैयारी में जुट गई है।

पश्चिमी यूपी का किसान और जाट समुदाय खेती-बाड़ी के मामलों में अपनी आवाज उठाने के लिए भाकियू के साथ है, जबकि राजनीतिक दलों को समर्थन में उनमें एक राय नहीं है। हालांकि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत कह चुके हैं कि संगठन का चुनाव से लेना-देना नहीं है। पंचायत चुनाव में मतदाता अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट करें। फिर भी रालोद और सपा के साथ-साथ कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी भाकियू कार्यकर्ताओं से अपने पक्ष में मतदान की उम्मीद पाले हैं।

पिछले कुछ समय से जाट बिरादरी या तो भाजपा के विरोध में खुलकर आ गई या फिर भाजपा से उसका जुड़ाव गहरा हो गया है। ऐसे में भाजपा ने जहां जाटों के अलावा अन्य जाति के किसानों को साधने की पूरी योजना बना ली है, वहीं विपक्ष कृषि कानून और किसान आंदोलन के साथ-साथ महंगाई और बेरोजगारी को जोर-शोर से उठाना तय कर चुकी है। रालोद, सपा और कांग्रेस के अलावा बसपा और आसपा ने जाट और अन्य जातियों के अलावा मुसलमानों का गठजोड़ बनाने के लिए मुसलमान उम्मीदवारों को तरजीह दी है। भाजपा इसे ध्रुवीकरण से बदलना चाहती है।

यही नहीं, भाजपा पहले चरण के चुनाव में शामिल पश्चिम के जिलों में मतदान तक ऐसा माहौल बनाना चाहती है, जिसका प्रभाव पूर्वांचल तक पहुंचे। भाजपा नहीं चाहती कि किसान आंदोलन उसके लिए चुनावी चुनौती बने। इसके लिए पश्चिम यूपी में मंत्रियों और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के ताबड़तोड़ दौरे सोमवार से शुरू हो सकते हैं। दरअसल, भाजपा पंचायत चुनाव के बाद ब्लॉकों और जिला पंचायत में दबदबा कायम कर 2022 के विधानसभा चुनाव की राह आसान करना चाहती है।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत आज

राजस्थान में राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर हमले की घटना के बाद भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों के साथ रविवार को हुंकार भरेंगे। दोपहर को यूपी गेट पर किसानों की महापंचायत में वह कई खापों के चौधरियों के साथ पहुंचेंगे।

भाकियू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों को भी यूपी गेट पर आंदोलन स्थल में पहुंचने का संदेश दिया गया है। यहां नरेश टिकैत संगठन की पूरी कार्यकारिणी के साथ आंदोलन को चलाने के लिए आगे की रणनीति तय करेंगे। उधर, आंदोलन के 127वें दिन 11 किसानों ने रोजाना की तरह 24 घंटे का अनशन किया।

दक्षिण भारत से भी बुलाए गए किसान

मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि शुक्रवार को राकेश टिकैत के काफिले पर राजस्थान के अलवर में तातारपुर चौराहे पर हमला हो गया था। इस घटना के बाद से किसानों में काफी रोष है। देर रात मुजफ्फरनगर के सिसौली में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर पर महापंचायत करने का एलान किया। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया।

आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति गाजीपुर बॉर्डर पर महापंचायत में तय होगी। भाकियू के जिला अध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान भारी संख्या में यूपी गेट पहुंचेंगे। इनके साथ संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों को भी पहुंचने का संदेश भेज दिया है।

लिहाजा यूपी गेट पर महापंचायत में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और गाड़ियों से आंदोलन स्थल पर रविवार तड़के तक पहुंच जाएंगे। इसको लेकर भाकियू ने सभी व्यवस्था पूरी तर ली है। वहीं शनिवार को किसानों को समर्थन देने के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु से भी कुछ किसान पहुंचें। वह सभी राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलना चाहते थे।

मगर राकेश टिकैत और प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह जादौन समेत अन्य पदाधिकारी अलीगढ़ में पंचायत को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए। इधर, मंच संचालक मलूक सिंह खिंडा ने बताया कि रोजाना की तरह यूपी गेट पर भी 11 किसान संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे। इनमें राजकुमार, पवन कुमार, आजादपाल, मेंबर सिंह, रामगोपाल, सुरेश, धर्मसिंह, बाल गोविंद वर्मा, राजाराम प्रधान व गुलवीर सिंह के अलावा तेज सिंह शामिल रहे। इन सभी का सुबह आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक अनशन रहा।

अलीगढ़ में मिली राकेश टिकैत को मिली सुरक्षा

प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह जादौन के मुताबिक अलीगढ़ की पंचायत में पहुंचने के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा दी गई। राकेश टिकैत के काफिले में एस्कार्ट शामिल हुई और जगह-जगह पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक को रोक कर उन्हें आगे बढ़ाया। पंचायत स्थल पर तेज तर्रार पुलिसकर्मी भी सिविल वर्दी में राकेश टिकैत के आसपास मौजूद रहे। उनका कहना है कि शुक्रवार को एनएच-9 जाम करने के बाद से उनको गाजियाबाद प्रशासन की तरफ से सुरक्षा संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली है।

किसानों ने की बैरिकेडिंग हटाने की मांग

मीडिया प्रभारी शमशेर राणा ने बताया कि किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली पुलिस द्वारा गाजीपुर-कौशांबी के बीच बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद किया हुआ है। इससे डाबर तिराहे से आनंद विहार रूट पर वाहनों का दबाव ज्यादा बढ़ गया है। इसी कारण रोजाना सुबह और शाम को हजारों वाहन चालक जाम में फंसते हैं। वहीं दो पहिया वाहनों को गाजीपुर बॉर्डर की तरफ कच्चे रास्ते से मजबूरी में निकलना पड़ रहा है। इससे कई बार तो चालक वाहन फिसलने से चोटिल हो चुके हैं।

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