- रसोई के सामान के साथ ही सौंदर्य प्रसाधन के समानों में नहीं दी गई है कोई छूट
नेहा त्यागी |
मेरठ: कोरोना काल के बाद पहला आम बजट सोमवार को जारी किया गया। इस बजट से लोगों को उम्मीद थी कि कुछ ना कुछ लाभ अवश्य मिलेगा। क्योंकि, जिस तरह से कोरोना ने अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई थी उससे भारत ही नहीं,बल्कि दुनिया की बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी अर्श से फर्श पर आ चुकी है।
ऐसे में अब हम आधी आबादी की बात करे जो कि घर का बजट संभालने के साथ ही रसोई का बजट संभालती है और एक बंधी हुई सैलरी में पूरे माह का खर्च चलाती है, उन महिलाओं को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह बजट आकर्षित नहीं कर पाया है।
महिलाओं को इस बात की निराशा है कि सरकार ने उनकी सुरक्षा और रसोई का ख्याल नहीं रखा है। महिलाओं को उम्मीद थी कि इसबार आसमान छू रही महंगाई से रसोई को निजात मिलेगी। वहीं उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। महिलाओं का कहना है कि अफसोस ऐसा नहीं हुआ। वित्त मंत्री ने महिलाओं की पूरी तरह से अनदेखी की है।
![]() जनहित फाउंडेशन की संचालिका अनिता राना का कहना है कि मध्यमवर्ग के लोगों को इस बजट में कोई राहत नहीं दी गई है। बजट में महिलाओं व विशेष वर्ग के लिए भी कुछ खास नहीं है और न ही बेरोजगार लोगों के लिए कोई रोजगार का विकल्प तलाशा गया है। |
![]() अरुणोदय सोसाइटी फाउंडर अनुभूति चौहान का कहना है कि सरकार का यह बजट गरीब तबके को लाभ पहुंचाएगा और शिक्षा को भी आगे बढ़ाने का काम इस बजट में किया गया हैं, लेकिन मध्यम वर्गीय लोगों को इस बजट में कोई छूट नहीं दी गई है। |
![]() नालिनी रस्तोगी का कहना है कि सरकार की ओर से जारी किए गए बजट से महंगाई और बढ़ जाएगी। खाने-पीने के सामानों पर आय दिन इजाफा हो रहा है। बजट से उम्मीद थी कि महंगाई से निजात मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। निराशाजनक बजट है। बेसिक नीडस पर ध्यान नहीं दिया गया है। |
आरजी कॉलेज शिक्षिका डॉ. अंजुला राजवंशी का कहना है कि बजट में जल और पर्यावरण को बचाने का प्रयास किया गया हैं और स्वास्थ पर भी काफी ध्यान दिया गया है। शिक्षा की बात करे तो उसमें आर्मी स्कूल खोलने की जो बात कही गई हैं वह सराहनीय कदम है। इससे बच्चों में अनुशासन जागरुक होगा।
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कल्पना पांडे का कहना है कि बजट में महिलाओं की रसोई के बारे में कोई बात नहीं की गई है। जबकि कोरोना काल की वजह से सभी के घरों की स्थिति अर्श से फर्श पर आ चुकी है। उम्मीद की जा रही थी कि बजट आने के बाद महंगाई कुछ कम होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
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इस्माईल इंटर कॉलेज शास्त्रीनगर की प्रधानाचार्या डॉ. मृदुला शर्मा का कहना है कि इस बजट से महिलाओं को निराशा मिली है। क्योंकि महंगाई कम होने वाली नहीं है। शिक्षा की बात करे तो उसमें लाभ दिया गया है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए फायदेमंद होगा।
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आरजी कॉलेज शिक्षिका
कल्पना पांडे
इस्माईल इंटर कॉलेज शास्त्रीनगर की प्रधानाचार्या