Wednesday, September 22, 2021
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फ्रेट कोरिडोर में लापरवाह अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दें

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  • कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में डेडलाइन पर काम करने के निर्देश दिये

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के समाधान के लिये कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की और निर्देश दिये कि परियोजना पूरी करने में लापरवाह अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। वहीं बैठक में जनरल मैनेजर डीएफसीसी द्वारा जनपद मेरठ, जनपद हापुड़ एवं गाजियाबाद से सम्बन्धित लम्बित प्रकरण बैठक में रखे गये, जिनके सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों से चर्चा की गई।

कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने कहा कई मामले अनावश्यक रूप से लम्बित पड़े हैं। कार्यों को पूरा करने के लिये डेडलाईन्स निर्धारित की जाए। सभी अधिकारियों से कहा गया कि निर्धारित की गयी डेडलाइन के अनुसार अपने दायित्व को पूरा करें, अन्यथा विलम्ब के लिये उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कई प्रकरणों में विभागों द्वारा फील्ड विजिट/सर्वे आदि के लिए एक सप्ताह की डेट लगायी गयी थी, उनमें रविवार को ही कार्यालय खोलकर फील्ड विजिट/सर्वे करने के निर्देश दिये गये।

निर्देश दिये कि दिन-प्रतिदिन के आधार पर परियोजना के कार्यों में प्रगति लायें। जिन कृषकों/भूस्वामियों को अभी मुआवजे की धनराशि दी जानी अवशेष है, उनके लिये ग्रामों में कैम्प लगाकर मुआवजा देने के निर्देश दिये गये। कतिपय प्रकरणों में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से काबिज व्यक्तियों द्वारा भूमि का कब्जा न छोड़ने, विवाद उत्पन्न करने और परियोजना के कार्यों में बाधा डालने के मामले संज्ञान में आये, जिनके सम्बन्ध में ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई करने और भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के निर्देश दिये गये।

प्रशासन के अधिकारियों को ऐसे मामलों में सख़्ती से निपटने के लिए निर्देशित किया गया। आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना में सभी अधिकारी/विभाग सौंपे गये कार्यों को प्राथमिकता पर लें और व्यक्तिगत रुचि लेकर समयान्तर्गत पूर्ण करायें। कोई भी कार्य अकारण लम्बित न रहे। कार्यों में उदासीनता पाये जाने पर दोषी अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी।

आगामी बैठक 10 जून को फिर आयोजित की जायेगी और प्रगति की समीक्षा होगी। बैठक में सभी जनपदों के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति), सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं डीएफसीसी के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन अनिल कालरा, जनरल मैनेजर, डीएफसीसी, मेरठ द्वारा किया गया।

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