Sunday, August 7, 2022
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हिन्दू-मुसलमान क्या सबके हैं प्यारे हुसैन

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  • बीरूकुआं पर हिंदुओं ने जुलजनाज पर बरसाए श्रद्धा के फूल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शुक्रवार को शहर और जैदी फॉर्म में भी जुलूसों का सिलसिला जारी रहा। बताते चले कि छह मौहरर्म की तारीख हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की शहादत से मन्सूब है। आज सभी अजाखानों और इमाम बारगाहों में हुई मजलिसों में हजरत अली अकबर की शहादत बयां की गयी।

इसी क्रम में इमाम बारगाह तकी हुसैन बाजार पेड़ामल बाजार से कदीमी जुलजनाह का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच बरामद हुआ। जुलूस में अन्जुमन इमामिया के नौहेख्वान वाजिद अली गप्पू, चांदमिया, मीसम और रविश ने पुरसौज नौहेख्वानी की। रविश ने ‘‘ये ना कहो तुम कभी सिर्फ हमारे हैं हुसैन-हिन्दू-मुसलमान क्या सबके हैं प्यारे हुसैन’’ ये नौहा पढ़कर सौहार्द का पैगाम दिया।

जुलूस मौहल्ला जाहिदियान इमामबारगाह तथा इमामबारगाह बीरूकुआं पहुंचा तो वहां मौजूद हिन्दू समुदाय के लोगों ने जुलूस में शामिल जुलजनाह पर श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए। जुलूस बुढ़ाना गेट से निर्धारित रास्तों से होता हुआ वापस देर रात्री इसी इमामबारगाह पेड़ामल पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में अंजुमन दस्तये हुसैनी के साहिबे बयाज हुमायूं अब्बास ताबिश, गिजाल रजा, हिलाल आब्दी, दिलदार जैदी, इरफान हुसैन ने तथा तंजीम-ए-अब्बास के सफदर अली, अतीक-उल हसन, काशिफ जैदी, दारेन जैदी, जिया जैदी ने पुरसौज नौहेख्वानी करके हुसैनियत का पैगाम दिया।

जुलूस के आयोजक सज्जाद रिजवी रहे। इस दौरान मौहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज सैयद शाह अब्बास सफवी, हामिद अली जमाल, मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी, सैय्यद तालिब अली जैदी, हाजी शमशाद अली, नियाज हुसैन गुड्डू, हसन मौहम्मद, हुसैनी इंकलाब चैनल के निदेशक हैदर अब्बास, डा. सरदार हुसैन, मुहम्मद अली जैदी, अकलीम रिजवी, बाकर रजा जैदी और रईस हैदर जैदी जुलूस की व्यवस्था सम्भाले हुये थे।

जुलूस में बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शरीक रहे। उधर, दरबारे हुसैनी जै़दी फार्म में भी मौलाना नदीम असगर बनारस ने अपनी तकरीर में हजरत अब्बास की शहादत बयां की इसके उपरान्त दिलबर जै़दी के संयोजन में अलम-ए-मुबारक हजरत-ए-अब्बास का जुलूस बरामद हुआ।

इस दौरान फाजिल हुसैन व मुन्नु ने ‘जैनब लिपट के रोयी अब्बास के अलम से, नजर मौहम्मद ने रोकर सकीना ने कहा अम्मू नही आये, अम्मू नही आये, शाहनवाज हुसैन ने ए मेरे अब्बास चचा दरिया से आ जाओ ना, गिजाल रजा ने अलमदार हाय अलमदार तथा जावेद रजा के पुरदर्द नौहे सुनकर हुसैनी सौगवारों की आंखें पुरनम हो गयी। जुलूस पुरानी कोठी से होता हुआ रईस हुसैन के अजाखाने जै़दी चैक पहुंचकर सम्पन्न हुआ।

इसके अलावा लोहिया नगर स्थित नियाज फातमा के अजाखाने से जुलजनाह और अलम-ए-मुबारक बरामद होकर इमामबारगाह अबू तालिब पहुंचा जिसमें अंजुमन जुल्फिकारे हैदरी ने मातम व नौहेख्वानी की। उधर हुसैनाबाद स्थित अजखाना अलहाज सैय्यद काजिम हुसैन जैदी के अजखाने में महिलाओं की मजलिस में हजरत आॅन ओ मुहम्मद और हजरत अली असगर के मसायब बयान किए गए।

मोहर्रम कमैटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि सात मौहर्रम को जुलूस-ए-जुलजनाह छत्ता अली रजा वैली बाजार से सायं छह बजे तथा जैदी फार्म, राम बाग कालोनी सैयद बाकर जैदी के अजाखाने से मजलिस के बाद चार बजे जुलूस-ए-अलम बरामद होगा।

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