Friday, July 19, 2024
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सिटी स्टेशन पार्किंग में हो रही अवैध वसूली

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  • जिम्मेदार कौन? सरकार का गिरा राजस्व, बिना टेंडर छूटे ही रेलवे चला रहा पार्किंग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सिटी स्टेशन पर रेलवे कर्मचारी पार्किंग का ठेका चला रहे हैं। जिनकों हजारों रुपये की आमदनी प्रतिदिन हो रही है। पार्किंग से वसूला जा रहा यह पैसा कहा जा रहा है? किसी को नहीं पता, करीब 10 दिनों पहले ठेकेदार का समय पूरा हो गया, जिसके बाद से टेंडर किसी को नहीं हुआ और यात्रियों से मनमर्जी के पार्किंग के पैसे रेलवे कर्मचारी वसूल रहे हैं।

आखिर कब तक रेलवे कर्मचारी पार्किंग चलाते रहेंगे। इस तरह पार्किंग चलती रही तो सरकार का राजस्व गिरता चला जाएगा। वहीं, रेलवे कर्मचारियों ने बाइकों के 20 रुपये और कार के 40 रुपये तय है, लेकिन समय ज्यादा होने पर अधिक पैसे वसूले जाते हैं। जिसमें करीब दिनभर में लगभग हजारों की संख्या में बाइकें व कार आती है, जिनसे हजारों की इनकम रेलवे को हो रही है।

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बड़ी बात तो यह है कि यह पैसा कहा जा रहा? किसी को नहीं पता और ना ही कोई इस और ध्यान दे रहा है। वहीं, कर्मचारियों ने बताया कि रेलवे की और से टेंडर कम से कम तीन माह के लिए छूटता है, जिसका किराया प्रतिदिन करीब 16 हजार रुपये है। स्टेशन पर ठेकेदार नहीं रेलवे पर ही पार्किंग का जिम्मा उठा रहा है, जिसको करीब 10 दिन से रेलवे कर्मचारी ही संचालित कर रहे हैं।

बता दे कि इस पार्किंग को ठेका तीन माह से लेकर एक वर्ष तक छूटता है। जिसका करीब प्रतिदिन का किराया लगभग 16 हजार रुपये होता है, लेकिन पार्किंग का टेंडर का बजर्ट ज्यादा होने के कारण कोई ठेकेदार ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता है। जिसके फायदा रेलवे को ही मिलता है।

जब तक कोई ठेकेदार पार्किंग का ठेका नहीं ले लेता जब तक रेलवे विभाग कर्मचारी ही उसे संचालित करते हैं और यात्रियों से वसूला गया पैसा कहा जाता है। इसका कुछ नहीं पता। वहीं, कर्मचारियों ने बताया कि पार्किंग में दिन में दो लोगों की और रात में एक की ड्यूटी में लगाई जाती है।

कब तक छूटेगा टेंडर: रेलवे अधिकारी

सिटी रेलवे स्टेशन अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि पार्किंग का ठेका कब तक छूटे इसका कोई पता नहीं है। ठेकेदार को दी गयी पार्किंग का समय करीब 10 दिनों पहले खत्म हो गया। जिसके बाद ठेकेदार ने उसे छोड़ दिया। जिसके बाद से ही पार्किंग का जिम्मा रेलवे ही निभा रहा है। रेलवे विभाग ने अपने कर्मचारी बिठाकर उसे संचालित करा दिया है। वहीं, उन्होंने बताया कि बाइक के 20 रुपये और कार वालों से 40 रुपये किराया लिया जाता है।

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