Wednesday, May 25, 2022
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शीर की मिठास पर महंगाई की मार

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  • ड्राई फ्रूट के दाम आसमान पर तो दूध-चीनी के भी बढेÞ भाव

जनवाणी संवाददाता |

सरूरपुर: चार बाद ईद है। इस समय बाजारों में ईद की तैयारी को लेकर खूब खरीदारी हो रही हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार महंगाई शीर की मिठास को फीका कर देगी। शीर में डलने वाली सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। दूध से लेकर गोला,बादाम, चीनी सब इतने महंगे है कि जरूरत के हिसाब से खरीदे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर बार ईद पर जो मेवा दो सौ ग्राम खरीदने थे, महंगाई के कारण इस बार महज शीर की मिठास बरकरार रखने के लिए उसको सौ ग्राम ही खरीदा जा रहा है।

रमजान पूरे होने के बाद ईद का त्योहार आता है। इस बार ईद दो मई को मनायी जाएगी। पेगम्बर मोहम्मद रसूल ईद की नमाज से पूर्व कुछ मीठा खाकर घर से निकलते थे, तभी से इस्लाम में ईद पर शीर बनाने का रिवाज चला आ रहा है। ईद के नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगती है। ग्राहकों की पसंद को देखते हुए दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। सिवाइयां जहां मिठास घोलने को तैयार है, वहीं महंगाई मार मिठास को फीका करने की तैयारी में है। ईद के दिन शीर में भी इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के दाम पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने हो गए हैं।

दूध के दाम जहां 40-50 रुपये लीटर थे,लेकिन इस बार 60 रुपये तक पहुंच गए हैं। यही हालात बागी सुर में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्रियों जिनमें बादाम, पिस्ता, काजू, छुआरा, चीनी, सिवैया, छोटी इलाइची आदि मेवाओं के दाम आसमान छू रहे हैं और सभी के दामों में इजाफा हुआ है। ईद पर महंगाई की मार पर मास्टर सदाकत अली का कहना है, इस बार बाजार में महंगाई पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना है। दूध, गोला, चीनी के दाम में काफी इजाफा हुआ है। गरीबों के लिए यह ईद मायूसी के अलावा कुछ लेकर नहीं आई है।

किराना चलाने वाले सोनू जैन करने वाले का कहना है, महंगाई तो है, लेकिन ईद तो ऐसा पर्व है जिसे हर मुसलमान बड़ी खुशी और शिद्दत के साथ मनाता है। एक माह रमजान रखने के बाद जो आती है, मुसलमानों को ईद के रूप में अल्लाह ने नायाब तोहफा दिया है। जिसकी बेहद खुशी होती है। केमिस्ट दिलशाद अली का मानना है कि महंगाई कभी खत्म नहीं होगी। फिर ईद की खुशियों से क्यों महरूम रहे। साल में एक ही त्योहार आता है। उन्होंने कहा, ईद को लेकर खरीदारी हो चुकी है और आगे खरीदारी करनी होंगी। सगीर कहते हैं कि अमीर और माध्यम परिवार के लोगों के लिए महंगाई कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं है,लेकिन इसका असर गरीब लोगों पर पड़ता है। ईद के सामान पर इतनी महंगाई है कि गरीब परिवार कैसे ईद मनाए।

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