जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति तेज हो गई है। इस्राइल ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य स्थलों पर प्री-एम्पटिव (पहले से की गई सुरक्षा) कार्रवाई करते हुए हमला किया। तेहरान में हुए जोरदार धमाकों के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक, उनकी एयर डिफेंस प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।
इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हमले की पुष्टि करते हुए क्या बोले?
इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमले की आशंका को देखते हुए देश में आपातकाल जैसी स्थिति घोषित कर दी गई है। इसके तहत शुक्रवार को पूरे देश में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
नेतन्याहू ने की सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ की घोषणा
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस कार्रवाई को “ऑपरेशन राइजिंग लायन” नामक सैन्य अभियान की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा,“हमने ईरान से आ रहे खतरे को खत्म करने के लिए एक निशानेबाज सैन्य अभियान शुरू किया है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस खतरे को पूरी तरह समाप्त नहीं कर दिया जाता।”
बढ़ती परमाणु गतिविधियों पर दुनिया की चिंता
इस्राइल का यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक चिंता गहराई है। इस्राइल लंबे समय से यह कहता रहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा, जबकि ईरान का दावा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य शांतिपूर्ण है, लेकिन वह इस क्षेत्र में तकनीकी रूप से परमाणु क्षमता रखने वाला देश बनने के करीब है।
तेल की कीमतों में 5% की तेजी
इस सैन्य टकराव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखने लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 5% की तेजी दर्ज की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है, तो तेल की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बयान में क्या कहा?
इस्राइल के इस हमले पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने ईरान पर जो हमला किया है, वह उसका एकतरफा फैसला था और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा है। इस्राइल ने हमें पहले ही बता दिया था कि यह कार्रवाई उसकी आत्मरक्षा के लिए जरूरी है।
रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी प्रशासन ने अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, हम साफ कर देना चाहते हैं कि ईरान को अमेरिका के हितों या हमारे सैनिकों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।

