Thursday, April 30, 2026
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प्राधिकरण के खिलाफ भाकियू की महापंचायत आज

  • जुटेगी भारी भीड़, 10 हजार किसानों और व्यापारी पहुंचने का अनुमान, टेंट लगाकर तैयारियां पूरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की दमनकारी नीतियों के खिलाफ भाकियू आज महापंचायत करेंगी। महापंचायत की तमाम तैयारी किसानों ने पूरी कर ली हैं। मौके पर टेंट लगा दिया गया। मैदान किसानों के बैठने के लिए तैयार हो गया हैं। किसानों की खाने की भट्ठी भी मौके पर चलेगी। दस हजार किसान और व्यापारियों के पहुंचने का दावा किया जा रहा हैं। एक पखवाड़े से किसानों और व्यापारियों का प्राधिकरण के खिलाफ डाबका हाइवे पर धरना चल रहा हैं।

इस धरने को भाकियू राष्टÑीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पहुंचने से संजीवनी मिलेगी। इसमें दो राय नहीं हैं। किसानों के बीच अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो 10 हजार किसान टिकैत की अगुवाई में कमिश्नरी तक पैदल मार्च करेंगे। आंदोलनकारियों के इस निर्णय के बाद प्रशासन में भी खलबली मची हुई हैं। क्योंकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इस दौरान धड़ाम हो जाएगी।

मेरठ मजदूर उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में आज एनएच-58 पर डाबका गांव के निकट किसानों की महापंचायत होगी है। इसको लेकर किसानों ने लगभग तैयारी पूरी कर ली है। समिति के अध्यक्ष मनु चौधरी ने बताया कि इस महापंचायत में मुख्य रूप से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, मेरठ व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के लोकेश अग्रवाल, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामअवतार पलसानिया व परमेश्वर कलसानिया भी मुख्य वक्ता के रूप में रहेंगे।

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उन्होंने किसानों के हितों की लड़ाई लड़ने का पूरा आश्वासन दिया है। किसानों के कार्यक्रम में मशहूर रागनी गायक सुरेश हरडोल अपनी पूरी टीम के साथ किसानों को देशभक्ति की रागनियों से मंत्र मुक्त करेंगे। किसानों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था के लिए कढ़ाई चढ़ाई जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि 14 सितंबर की महापंचायत में यदि किसानों और व्यापारियों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला।

तो महापंचायत में मौजूद सभी 10 हजार लोग भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में पंचायत स्थल से पैदल ही जिला अधिकारी कार्यालय के लिए कूच करेंगे। इसके बाद मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर धरना देंगे। वहीं पर कढ़ाई चढ़ायेंगे। फिर वहीं पर आंदोलन बेमियादी चलेगा। इस दौरान रोहित प्रधान, कैलाश चपराना, तेजपाल सिंह, सूबेदार धर्मवीर, राजेश्वर, अनुज मास्टर जी, बिल्लू तोमर, अजय वर्मा, अनिल मंत्री, सावित, शेखर और गुड्डू आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।

मेडा के कार्यालय में पशुओं को बांधेगे किसान

किसान मजदूर उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष मनु चौधरी ने बताया कि यदि किसानों और व्यापारियों की सुनवाई नहीं होती है। तब सभी किसान अपने पशुओं और परिवार के सदस्यों को लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यालय पहुंच जाएंगे और वहीं पर अपने पशुओं को बांधेंगे। किसान और व्यापारी तब तक नहीं मानेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।

दोहरी नीति अपना रहा मेरठ विकास प्राधिकरण

मनु चौधरी का कहना है कि मेरठ विकास प्राधिकरण अपने लिए अलग नीति और किसानों व व्यापारियों के लिए अलग नीति अपना रहा है। उन्होंने बताया मेरठ विकास प्राधिकरण ने एनएच-58 पर जहां भी अपनी जमीन बेची है। वहां लगभग 24 मी छोड़ी है। जबकि किसानों और व्यापारियों से 38 मीटर छोड़ने की दमनकारी नीति अपना रहा है।

उन्होंने कहा यदि मेरठ विकास प्राधिकरण अपनी 38 मीटर जमीन ग्रीन बेल्ट के लिए छोड़ेगा। तब किसान भी 38 मीटर जमीन छोड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे। लेकिन पहले यह नियम मेरठ विकास प्राधिकरण को खुद की जमीन पर लागू करना होगा।

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