जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सपाट शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी में हल्की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लार्जकैप के मुकाबले बेहतर खरीदारी देखने को मिली।
सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 49 अंक यानी 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,291 पर था। वहीं, निफ्टी 19 अंक यानी मामूली बढ़त के साथ 23,235 पर कारोबार कर रहा था।
PSU शेयरों में दिखी तेजी
शुरुआती कारोबार में सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े शेयर बाजार को सहारा देते नजर आए। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई प्रमुख बढ़त वाले इंडेक्स में शामिल रहे।
इसके अलावा निफ्टी इंफ्रा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंजम्पशन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक दबाव में रहे और लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी
बड़े शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अधिक मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 221 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,096 पर था। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 88 अंक यानी 0.46 प्रतिशत मजबूत होकर 19,478 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स के इन शेयरों में रही तेजी
सेंसेक्स पैक में शुरुआती कारोबार के दौरान BEL, Eternal, Bajaj Finance, Tata Steel, UltraTech Cement, Asian Paints, NTPC, ITC, Adani Ports, Bajaj Finserv, Power Grid, IndiGo, Maruti Suzuki, Kotak Mahindra Bank, Trent और SBI बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
दूसरी ओर TCS, HCL Tech, HDFC Bank, Infosys, Tech Mahindra, ICICI Bank, Bharti Airtel, Titan, Sun Pharma, HUL और Axis Bank में कमजोरी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। टोक्यो, बैंकॉक, जकार्ता और सियोल के बाजार हरे निशान में रहे, जबकि शंघाई और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक दबाव में कारोबार करते दिखे।
इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। डाओ जोन्स 1.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
महंगाई और मजबूत अर्थव्यवस्था पर फेड का फोकस
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी का फैसला व्यापक रूप से अपेक्षित था। विशेषज्ञों ने कहा कि ऊंची महंगाई और मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बीच ब्याज दरों में बदलाव का फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा।
जानकारों के अनुसार, फेड की ओर से दिए गए संदेश में महंगाई को लेकर सख्त रुख दिखाई दिया। उनका कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी लंबे समय से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए मौद्रिक नीति में सख्ती जरूरी मानी गई।

