Thursday, December 2, 2021
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‘घर का दर खुला रहा रात निकल गयी, हद से बाहर अब बात निकल गयी’

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  • महिला काव्य मंच जिला बिजनौर इकाई की काव्य गोष्ठी हुयी

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: महिला काव्य मंच की काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से सबका मन मोह लिया। गोष्ठी में सरस्वती वंदना मेरठ की कवयित्री रचना वान्या जी ने की। रेखा गिरीश ने कहा कृष्ण की मुरली बजे है, मन में मेरे जब कभी,
सारी चिंता और कुंठा दूर हो जाती तभी। डॉ मंजु जौहरी “मधुर ने कहा कि लिख रहीं हैं सुनहरा ये कल बेटियां,गीत हैं छंद हैं, हैं गज़ल बेटियां।

सुमन वर्मा ने कहा कि फितरती हो गया इंसान बेखुदी के साथ,आईने में तस्वीर ढूंढता खुद्दारी के साथ। इंदु गुप्ता ने कहा कि घर का दर खुला रहा रात निकल गयी, हद से बाहर अब बात निकल गयी। हम दर्द से दामन बचाते रहे, किस्मत से उसकी मुलाक़ात निकल गयी। रचना शास्त्री ने कहा कि मनमोहना! स्वप्न आँखों के सब सच कर दिये तुमने। मेरे मन पाखी को नव पर दिये तुमने।रचना वान्या ने कहा कि प्रेम पूजा भी है प्रेम भक्ति भी हैं, प्रेम खुशबू भी है प्रेम शक्ति भी है। नीलम अग्रवाल ने कहा कि रोको गौ माता पर अत्याचार, अब तो आ जाओ गोपाल।

नीमा शर्मा ने कहा कि वो चीता सी जली रात-भर रात भर। इसके अलावा शशि कला राजपूत,फूल माला ने काव्य पाठ ने किया। कार्यक्रम के अंत में महिला काव्य मंच की अध्यक्षा ने सभी को श्रेष्ठ रचनाएं प्रस्तुत करने पर बधाई दी। तथा कार्यक्रम का संचालन महिला काव्य मंच की अध्यक्षा डॉ मंजु जौहरी मधुर ने किया।

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