जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम को भले ही स्वच्छता सर्वेक्षण में 27वीं रैंक प्राप्त हुई हो, लेकिन शहर की स्थिति कुछ ओर ही है। यहां अभी तक हालात सुधर नहीं पाये हैं। शहर में जगह जगह कूड़े का ढेर लगा है डंपिंग ग्राउंड पर हालाब बद से बदतर होते जा रहे हैं लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। शहर में रोजना हजारों टन कूड़ा निकलता है, लेकिन उस कूड़े का निस्तारण नहीं हो पाता।
शहर में 90 वार्डों में 180 कूड़े की गाड़ियों लगी हैं जो घर-घर से कूड़ा लाने का कार्य करती हैं लेकिन यह गाड़ियों नाकाफी है। शहर का आॅडियन नाला व अन्य नाले कचरे से भरे हैं अभी दो दिन पूर्व ही एक आदमी की नाले में गिरकर मौत हो गई थी, क्योंकि नाले में पड़े कचरे के कारण उसका पता ही नहीं चल पा रहा था कि वह कहां है।
शहर की सीवरेज व्यवस्था की बात करें तो यह भी बिल्कुल ठप हो चुकी हैं। ईव्ज चौराहे पर भी व्यापारी कई बार इसे लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। शहर के कई वार्डों में हालात बद से बदतर हैं। यहां नालियों का पानी घरों में घुसने को तैयार है, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं किया गया है।
इसे लेकर अभी बीते दिनों कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही शहर के लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा सड़क मार्ग तक आ पहुंचा है जिससे हालात और भी खराब हो गये हैं। यहां 15 लाख टन कूड़ा नगर निगम क्षेत्र में डंप हैं। जिसकी कोई व्यवस्था नहीं है, उन सबके बावजूद ये जश्न बेमानी होगा।

