Friday, May 1, 2026
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सूरजकुंड रोड पर पार्किंग सबसे बड़ी समस्या

वार्ड-58: पार्षद का रिपोर्ट कार्ड

  • अव्यवस्थित तरीके से कराए गए नालों और पुलिया के निर्माण ने बढ़ार्इं मुश्किलें

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम के वार्ड-58 में आने वाला सूरजकुंड रोड स्पोर्ट्स मार्केट के चलते देश-विदेश में विख्यात है। साफ-सफाई और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्याओं से इतर इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या वाहनों की पार्किंग को लेकर है। आम दिनों में मार्केट के दोनों ओर खड़े किए जाने वाले वाहन हर समय जाम लगने का कारण बनते हैं।

इसके अलावा नालों और पुलिया के निर्माण के दौरान जलनिकासी के लेवल पर सही से ध्यान न दिए जाने के कारण इनसे सुविधा के बजाय लोगों के समक्ष मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। सूरजकुंड पार्क में सफाई से लेकर टायलेट तक की सुविधा न होने के कारण यहां घूमने के लिए आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हनुमानपुरी, लक्ष्मीनगर, बंशीपुरा, सरस्वती मन्दिर, देवी नगर, आर्य नगर, सूरजकुंड रोड, गांधी नगर, रामबाग, बुद्धविहार आदि मोहल्लों को मिलाकर बनाए गए वार्ड 58 का नगर निगम में प्रतिनिधित्व भाजपा पार्षद अंशुल गुप्ता करते हैं। इस वार्ड में करीब 12 हजार मतदाता हैं। राजकुमार यादव, संजय सम्राट, विनोद बनगोत्रा, सुमित शर्मा, साहिल ठाकुर, सौरभ शर्मा आदि से वार्ड के विकास और समस्याओं पर बात की गई।

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यह वार्ड एक धार्मिक महत्व रखता है, जिसमें हिंदू धर्म से जुड़े विभिन्न देवी देवताओं के मंदिर चारों ओर स्थित हैं। सूरजकुंड पार्क इसी वार्ड के अंतर्गत आता है, जिसको नगर निगम की ओर से काफी खूबसूरती के साथ विकसित किया गया है, लेकिन इसके रखरखाव के लिए साफ-सफाई का नितांत अभाव और पार्क में घूमने के लिए आने वालों की जरूरत के लिए बने टायलेट आदि पर लटके ताले मायूस कर देते हैं।

स्पोर्ट्स के क्षेत्र में मेरठ का जहां नाम आता है, वहीं सूरजकुंड रोड की मार्केट का नाम भी बिजनेस के रूप में प्रमुखता के साथ लिया जाता है। इस मार्केट में देश-विदेश से व्यापारी पहुंचकर खेल सामग्री की खरीद-फरोख्त करते हैं, लेकिन यहां पहुंचने वालों के लिए सूरजकुंड रोड डिवाइडर के दोनों ओर कतारबद्ध तरीके से खड़े किए गए वाहन परेशानी का कारण बन जाते हैं।

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इस क्षेत्र की सबसे प्रमुख समस्या यह है कि आने वाले व्यापारियों के वाहनों के लिए कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पाई है। पार्षद अंशुल गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने अपने स्तर से कई बार यह प्रयास किया कि अब बंद हो चुके संक्रामक अस्पताल की जर्जर हो चुकी बिल्डिंग का प्रयोग पार्किंग स्थल के रूप में कराया जा सके, लेकिन अभी उनको इसमें सफलता नहीं मिल पाई है।

वहीं इस बंद हो चुके जर्जर अस्पताल के परिसर में एक उच्च जलाशय का निर्माण किया गया है, जिसके चारों ओर नगर निगम ने कूड़ा डालने का काम करा रखा है। इस गंदगी युक्त क्षेत्र से होने वाली जलापूर्ति की गुणवत्ता पर लोग सवाल उठाते रहते हैं। वार्ड के इसी प्रमुख सूरजकुंड रोड की पुलिया का निर्माण दो ठेकेदारों के जरिये कराया गया है। पूर्व में सैकड़ों साल पुरानी पुलिया को तोड़कर आठ मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर कराया गया है, लेकिन इस पुलिया की गुणवत्ता का आलम यह है कि एक वर्ष पूर्ण होने से पहले इसकी मरम्मत की जरूरत पेश आ चुकी है।

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जबकि पुलिया का ऊपरी भाग जगह-जगह से उखड़ा हुआ देखा जा सकता है। वहीं पुलिया निर्माण के समय वाटर लेवल की ओर तकनीकी टीम ने कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण पानी की निकासी आए दिए प्रभावित होती रहती है, जिसके कारण दूसरे वार्डों की जलनिकासी भी अवरुद्ध रहती है। वार्ड के मोहल्लों और बाजारों में मौजूद नालियों में भरा कूड़ा करकट सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग करता रहता है।

निगम की संपत्ति जर्जर अवस्था में

नगर निगम की यह संपत्ति संक्रामक अस्पताल काफी समय से बंद पड़ा है और जर्जर अवस्था में है। पार्षद समेत क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि यहां पार्किंग स्थल बना दिया जाए। जहां दूरदराज से आने वाले व्यापारी अपने वहां खड़े करके स्पोर्ट्स मार्केट में खरीदारी कर सकें, लेकिन नगर निगम ने आज तक इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया है।

पार्षद का कथन

वार्ड-58 के भाजपा पार्षद अंशुल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में करोड़ों की लागत से निर्माण कार्य कराए हैं। जिनमें सूरज कुंड पार्क का सौंदर्यीकरण और पार्क को अमृत योजना में शामिल कराया गया। पार्क के अंदर महिलाओं और पुरुषों के लिए दो अलग-अलग जिम का निर्माण भी कराया गया। वार्ड के अंदर सीवर लाइन बिछाई गई है। अधिकतर इलाकों में नंगे तारों की जगह एबीसी कंडक्टर बिछाए गए हैं।

वार्ड में चारों ओर स्थित सभी मंदिरों में पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से कराने के लिए समरसेबल की व्यवस्था कराए गए हैं।पशु चिकित्सालय से लेकर हंस चौराहे तक सड़क के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई गई है। सूरजकुंड रोड पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में आरसीसी से नालों का निर्माण कराया गया है।

15वें वित्त आयोग से गांधी आश्रम से लेकर महापौर कैंप कार्यालय होते हुए अबुल नाले तक रोड का निर्माण कराया गया है। फैक्ट्री एरिया बन चुके बुध विहार में गलियों, नालियों और सड़कों का निर्माण कराया गया है। वार्ड की लगभग सभी गलियों और मुख्य मार्गों का निर्माण रिपेयरिंग और नालों का कार्य कराया गया है। सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट में 36 नए चबूतरों का निर्माण कराया है।

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