- बाननगर के ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर लगाया आरोप
जनवाणी संवाददाता ।
मुजफ्फरनगर: दो समुदायों के बीच हुए झगड़े में पुलिस द्वारा एक पक्षीय कार्रवाई किये जाने पर दलित समाज के लोगों ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन पर झूठी व पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने एसएसपी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है।
शुक्रवार को दलित नेता उपकार बावरा के नेतृत्व में शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बाननगर निवासी अनुसूचित समाज के लोग एकत्रित होकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने एसएसपी को दिये गये शिकायती पत्र में बताया कि 4 सितम्बर को गाँव बाननगर में अनुसूचित जाति की एक छात्रा को गाँव के ही राजपूत समाज के तीन लड़कों ने टयूशन जाते समय बदनीयती से घेरकर बदतमीजी की तथा जातिसूचक अपशब्द कहे, जिस पर उस लड़की ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी।

उक्त घटना से परेशान परिजन लडको के घर पहुंचे तो रजपूत समाज के लड़कों के परिजनों ने लड़की के परिजनों व सम्बन्धियों पर लाठी धारदार हथियारों से हमला कर बुरी तरह से लहुलुहान कर अस्पताल पहुंचा दिया। पीड़ितों के खिलाफ ही थाने में जाकर झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
उन्होंने बताया कि उक्त घटना में अनुसूचित जाति के लोगो पर राजपूत समाज के दबंग व सत्ताधारी लोग पुलिस प्रशासन के माध्यम से डराने-धमकाने व रात में दबिश देकर घरों में रह रही महिलाओं से गाली-गलौच कर उन्हें जबरदस्ती ले जाकर पीटने जैसी धमकियां दे रहे है।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के सब इन्स्पेटर महिलाओं के साथ बदसलूकी करते है उन्हें डराते-धमकाते है और दूसरे पक्ष के लोगों को संरक्षण देते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये पर अंकुश लगाकर उक्त घटना में उच्च स्तरीय करायी जाये और पीड़ितों को इंसाफ दिलाया जाये।

