- बागपत में जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर रालोद, सपा व निर्दलीयों ने दिल्ली में दिखाई ताकत
- रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात कर दिया अध्यक्ष पद के लिए पूर्ण समर्थन
मुख्य संवाददाता |
बागपत: भाजपा भले ही जोड़तोड़ की राजनीति में लगी हो, लेकिन उसका पेंच फेल होता नजर आ रहा है। रालोद, सपा व निर्दलीय नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने दिल्ली में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात की और जिला पंचायत चुनाव को लेकर समर्थन दिया। भरोसा दिया कि सभी उनके साथ हैं। भाजपा की जनविरोधी नीतियों का करारा जवाब दिया जाएगा। उधर, देखा जाए तो पूर्ण संख्या के साथ जिला पंचायत सदस्यों ने अपनी ताकत दिखाई है। यानी रालोद का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा व रालोद में खींचतान शुरू हो गई है। भाजपा को भले ही महज चार सदस्य विजयी मिले हो, लेकिन वह 11 सदस्यों के संख्याबल को पूर्ण करने के लिए ताकत लगा रही है। रालोद ने गत दिवस कलक्ट्रेट पहुंचकर पुलिस-प्रशासन द्वारा भाजपाइयों पर डराने वधमकाने का आरोप भी लगाया था। आरोप लगाया था कि वार्ड 17 से जिला पंचायत सदस्य के मकान को तोड़ने की धमकी दी जा रही है। वार्ड 3 के जिला पंचायत सदस्य को थाने बुलाकर भाजपा के पक्ष में वोट करने का दबाव बनाया जा रहा है।
इससे रालोद व सपा में आक्रोश पनप गया था। जिसके बाद मंगलवार को रालोद, सपा व निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों ने दिल्ली में अपनी ताकत का अहसास कराया। रालोद, सपा व निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों ने दिल्ली मेें रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की और पूर्ण समर्थन दिया। जिला पंचायत सदस्यों और जयंत चौधरी के बीच घंटों तक वार्ता हुई।
जयंत चौधरी ने बागपत जनपद में चल रहे पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मजबूती के साथ तैयारी करें। जिला पंचायत सदस्यों ने भी समर्थन देते हुए भरोसा दिया है कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। रालोद, सपा व निर्दलीय मिलकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनाएंगे। बागपत जनपद में जनता ने भाजपा को नकारा है। जनता के सम्मान को कम नहीं होने दिया जाएगा।
संख्या बल में रालोद का पलड़ा भारी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा भले ही गठजोड़ की राजनीति में जुटी हो, लेकिन संख्या बल के रूप में वह कहीं न कहीं अभी पीछे है। आने वाले समय में भले ही परिणाम कुछ हो, लेकिन वर्तमान में रालोद का पलड़ा भारी है। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के सामने अध्यक्ष पद के लिए जो संख्या बल चाहिए उससे अधिक सदस्यों ने ही अपना समर्थन दिया है।
यानी अभी तक रालोद, सपा व निर्दलीय मिलकर अध्यक्ष पद पर भारी पड़ रहे हैं। बागपत जनपद में 20 वार्ड जिला पंचायत सदस्य के हैं। अध्यक्ष पद के लिए 11 सदस्यों का बहुमत अवश्य है। जबकि भाजपा के पास महज पांच सदस्य हैं। भाजपा जोड़तोड़ कर पूरे करने में लगी है, जबकि रालोद, सपा व निर्दलीय मिलकर संख्याबल अधिक कर चुके हैं।

