Thursday, October 21, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutरुकने का नाम नहीं ले रही वाहन चेकिंग के नाम पर वसूली

रुकने का नाम नहीं ले रही वाहन चेकिंग के नाम पर वसूली

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  • पुलिस महकमे के आला अफसरों का भी नहीं रह गया अब कोई खौफ
  • रुड़की रोड के बाद आईजी और आयुक्त आवास चौराहे बने हैं उगाही मुख्य ठिकाने

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सीएम योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस नीति को होमगार्ड पलीता लगाने पर तुले हैं। अधिकारी भले ही कुछ भी दावें करें, लेकिन चौराहों पर वाहन चेकिंग के नाम पर की जाने वाली उगाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। रुड़की रोड के बाद अब आईजी जोन और आयुक्त आवास चौराहा होमगार्ड व ट्रैफिक  पुलिस की उगाही का दूसरे मुख्य ठिकाने बन गए हैं।

इन दोनों चौराहों पर चेकिंग के नाम पर की जाने वाली उगाही से इतना तो साफ हो गया है कि ट्रैफिक पुलिस व होमगार्ड के अफसरों को आईजी जोन व मंडलायुक्त सरीखे दोनों बडे अफसरों का भी कोई खौफ नहीं रह गया है। दोनों ही महकमों के अफसरों को या तो इसकी खबर नहीं या फिर जानबूझ कर अंजान बने हैं।

ट्रैफिक व होमगार्ड अफसरों को खबर न हो यह बात गले नहीं उतरती। क्योंकि मेरठ में तमाम चौराहों पर वाहन चेकिंग के नाम पर की जाने वाली उगाही के चर्चे तो योगी सरकार के मंत्रियों तक होते हैं। हैरानी तो इस बात की है कि इसके बाद भी अफसर नींद से जागने को तैयार नहीं।

चौराहों पर खाकी की वाहनों से की जाने वाली इस संगठित लूट की शिकायत किसी अन्य ने नहीं बल्कि योगी सरकार में जिला के प्रभारी मंत्री से खुद संगठन के महानगर अध्यक्ष ने की थी। प्रभारी मंत्री को बताया गया था कि चौराहों पर चेकिंग के नाम लूट में लगा ट्रैफिक स्टाफ प्राइवेट गाड़ियों में बैठे बुजुर्ग, बीमार व महिलाओं तक की लिहाज नहीं करते। चेकिंग के नाम पर देर तक वाहनों को रोक कर रखा जाता है।

जब तक जेब न गरम हो जाए तब तक क्या मजाल जो गाड़ी इनके शिकंजे से निकल जाए। चेकिंग के नाम पर लूट का पूरा जिम्मा होमगार्ड का होता है। शहर के कई चौराहे तो इस लूट के लिए मेरठ ही नहीं आपसास के जनपदों तक में खासे बदनाम हैं। अफसर भले की कुछ भी दावें करें, लेकिन वाहनों से चेकिंग के नाम पर उगाही से इनकार के अफसरों के दावे सच्चाई से बहुत परे हैं।

हालत यह हो गयी है कि चौराहे पर यातायात नियंत्रित करने के नाम पर खड़ा होने वाला होमगार्ड का सारा ध्यान उन वाहनों पर होता है। जिनसे उगाही की जा सके। क्या मजाल जो कोई भी बाहरी वाहन इनकी मर्जी के बगैर चौराहा पार भी कर जाए।

रुड़की रोड तथा महानगर के ऐसे ही बाहरी इलाकों की यदि बात की जाए तो सुबह सवेरे बगैर वर्दी वाला स्टाफ वाहनों से चेकिंग के नाम पर लूट करता अक्सर देखा जा सकता है। सबसे ज्यादा बदनाम भी रुड़की रोड चौराहे पर ड्यूटी करने वाला स्टाफ है।

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