Wednesday, February 18, 2026
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मेडिकल में बवाल, जूनियर डाक्टर और बीएससी नर्सिंग छात्रों में भिड़ंत

  • पिटाई से बीएससी नर्सिंग के दो छात्रों की हालत नाजुक, परिसर में तनाव पुलिस पहुंची
  • बाइक के आपस में टकराने को लेकर जूनियर और बीएससी छात्रों में हुई थी कहासुनी से शुरूआत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एलएलआरएम मेडिकल के जूनियर डाक्टरों व बीएससी नर्सिंग कोर्स कर रहे छात्रों में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। देखते ही देखते वहां बवाल शुरू हो गया। जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की खबर से मेडिकल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। टकराव इतना बड़ा था कि मेडिकल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। बीएससी नर्सिंग के दो छात्रों की हालत नाजुक बनी है। उन्हें मेडिकल में भर्ती कराया गया है।

वाकया शुक्रवार दोपहर का है। बताया जाता है ब्वॉयज हॉस्टल के समीप जूनियर डाक्टरों व नर्सिंग छात्रों की बाइक आपस में भिड़ गई। जूनियर डाक्टरों ने इसको लेकर सख्त अल्फाज बोल दिए। दूसरा पक्ष भी गाली-गलौज करने लगा। बस इसी बात को लेकर पहले धक्का-मुक्की और फिर मारपीट होने लगी।

एमबीबीएस जूनियर डाक्टरों ने काल कर हॉस्टल से अपने साथियों बुला लिया। देखते ही देखते करीब 50-60 जूनियर डाक्टर वहां और आ गए। उसके बाद जमकर संघर्ष हुआ।

हालांकि इसमें जूनियर डाक्टर ही भारी पडे। बीएससी के छात्रों की पीट-पीटकर हालत खराब कर दी। जब वो अधमरे आ गए तो जूनियर डाक्टर वहां से अपने हॉस्टल की ओर भाग गए। इहस बीच वहां नर्सिंग टेÑनिंग के अन्य छात्र पहुंच गए। एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी जाने लगी।

तभी कुछ स्टाफ ने मेडिकल प्रशासन को टकराव की सूचना दी तो डा. ज्ञानेश्वर टाक सरीखे सीनियर मौके पर पहुंच गए, लेकिन वहां के हालात बेहद तनावपूर्ण व टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस को बुला लिया गया। मेडिकल पुलिस वहां पहुंच गई।

घायलों को जीप में डालकर इमरजेंसी में पहुंचाया गया। उनकी हालात नाजुक बनी हुई है। दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव का माहौल है। सूत्रों ने बताया कि दोबारा टकराव की आशंका बनी हुई है। हालांकि मेडिकल प्रशासन के आला अधिकारी दोनों से वार्ता कर रहे हैं।

वहीं, पुलिस का कहना है कि संघर्ष हुआ है। कुछ को चोटें आयी हैं। तहरीर के आने पर लिखा-पढ़ी की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर टकराव की घटना के बाद ब्वॉयज हॉस्टल पर बड़ी संख्या में जूनियर डाक्टर जुटे। उन्होंने देर तक मीटिंग की।

माना जा रहा है कि मेडिकल प्रशासन व पुलिस की संभावित कार्रवाई से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई है। वहीं, दूसरी ओर नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के छात्रों ने भी मीटिंग की है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि नर्सिंग छात्रों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि मेडिकल प्रशासन बजाय कठोर कार्रवाई के मामले को मैनेज करने में जुटा है। जिन छात्रों को चोटें आयी हैं उनके परिजनों को उनके साथियों ने खबर कर दी है।

ये कहना है मेडिकल प्राचार्य का

मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि एमबीबीएस के जूनियर छात्रों की बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच किसी बात को लेकर टकराव हो गया था। दोनों को सख्त लहजे में समझा दिया गया है। फिलहाल मामला निपट गया है। किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।

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