- 10 वर्षों का टूटा रिकॉर्ड पारा पहुंचा दिन का 15 डिग्री पर
- अगले 48 घंटे और बढ़ेगा सर्दी का एहसास
- दिसंबर में होने लगा ला नीना का असर
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ों की बर्फबारी के कारण वेस्ट यूपी में भी पारा गिर गया है। शनिवार को दिन सबर्स सर्द रहा है। जिसने 10 वर्षों का रिकार्ड भी तोड़ दिया है। हालांकि अभी 48 घंटे में सर्दी बढ़ने का एहसास रहने का वैज्ञानिकों द्वारा दावा भी किया गया है। ला नीना का असर दिसंबर के महीने में साफ दिखाई दे रहा है।
अब तक का यह दिन सबसे ठंडा रहा है। बढ़ती सर्दी के कारण लोेग दिन भर अपने घरों में ही कैद रहे। दिसंबर के महीने में लगातार ठंड बढ़ने का सिलसिला जारी है। ठंड बढ़ने के कारण लोगों को परेशानी भी होने लगी है। शनिवार को तेज हवाएं भी चली। तेज हवाओं के चलने के कारण लोगों को सर्दी का एहसास हुआ। सर्दी की रफ्तार इस कदर बढ़ी कि लोग अपने घरों में कैद हो गए और बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
दिन का तापमान 15 डिग्री के आसपास रहने के कारण सर्दी ने सितम ढा दिया। राजकीय मौसम वैधशाला पर शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 91 एवं न्यूनतम आर्द्रता 54 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा सुबह और शाम को चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंकी गई।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि शनिवार अब तक का सबसे सर्द दिन रहा है। अगले 48 घंटों में सर्दी का एहसास बढ़ेगा। जिसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज होगी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण सर्दी क ा एहसास बढ़ा है। जिसके चलते अगले कुछ घंटों में सर्दी का सितम कहर बनेगा।

ठंड का असर, बुजुर्गों में हार्ट अटैक का खतरा
ठंड बढ़ने के साथ ही बुजुर्ग व बच्चों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बुजुर्गों में लकवा व हार्ट के केस बढ़े हैं। वे जोड़ों के दर्द से भी परेशान हैं। नवजात व छोटे बच्चे हाइपोथर्मिया से पीड़ित हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार बढ़ी ठंड में बुजुर्गों व बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही पर स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
नसों का सिकुड़ना इसलिए खतरनाक
ठंड की वजह से जब नसें सिकुड़ जाती हैं तब शरीर में खून सप्लाई करने के लिए हार्ट को ज्यादा पंप करना पड़ता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। मौसम बदल रहा हो तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि शरीर इसके लिए पहले से तैयार नहीं होता है। खासकर बुजुर्ग मरीजों को ऐसे मौसम में बचकर रहना चाहिए और उन्हें ठंड में गर्म कपड़े पहनने चाहिए।
खानपान पर रखें ध्यान
ठंड में संक्रमण काफी तेजी से फैलता है, बेहतर है रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आप पहले से ही एहतियात बरतें। खाने में पपीता, कद्दू, गाजर, टमाटर, पालक, अमरूद जैसे मौसमी फलों और सब्जियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सुबह च्वनप्राश को शहद के साथ सेवन करें तो ठंडी बीमारियों से बचा जा सकता है। हल्दी वाले दूध का सेवन कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि का प्रयोग करने के पूर्व आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अनिवार्य रूप से लें।
सर्द हवा के साथ कंपकंपाती ठंड ने लोगों को ठिठराया
शहर के मुख्य चौराहों एवं मलीन बस्ती में अलाव जलाने की मांग
ठिठरा देने वाली ठंड से लोगों को गर्म का एहसास कराने के लिये अभी तक शहर के मुख्य चौराहों पर नगर निगम द्वारा अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। जबकि दो दिन से सर्द हवा के साथ कंपकंपाती ठंड ने लोगों को ठिठरा दिया है। ठंड से लोगों को बचाने के लिये हर वर्ष कड़ाके की ठंड के मौसम में लोगों की सुविधा के लिये अलाव जलाने के लिये लकड़ी का प्रबंध करती रही है, लेकिन इस बार अभी तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
नगर निगम के पूर्व पार्षद एवं समाजवादी पार्टी के नेता अफजाल सैफी ने बताया कि नगर निगम प्रशासन जनहित के कार्यों को कराने में कम दिलचस्पी रखरहा है। विकास का मुद्दा हो या फिर जनता की अन्य सुविधा का मामला सभी में कार्य ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। पूर्व पार्षद ने नगर निगम व जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर के मुख्य चौराहों, रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाए, जिससे लोग कंपकंपाती ठंड से बच सकें।
उन्होंने बताया कि खैरनगर चौराहा, इंद्राचौक, सुभाष बाजार, पीर तिराहा, घंटाघर, मकबरा अब्बू चौक बजरिया, शाहपीर गेट चौपला, हापुड़ अड्डा, भगत सिंह मार्केट, लिसाड़ी गेट चौपला, गांधी आश्रम चौराहा, तारापुरी, नूरनगर, भुमिया का पुल, माधवपुरम, बुनकर नगर आदि मलीन बस्तियों सहित रेलवे स्टेशन बस अड्डे पर ठंड से बचाव के लिये अलाव जलाना आवश्यक है। उन्होंने इन सभी स्थानों पर नगर निगम एवं जिला प्रशासन से अलाव की व्यवस्था कराये जाने की मांग
की है।

