- पंडित झम्मनलाल शर्मा ने बिजनौर की मिटटी में सीखे थे हॉकी के गुर
- 1960 में इंडिया टीम के खिलाड़ी रहते देश को दिलाया था सिल्वर
- पंडितजी के कोच रहते वर्ष 1980 में देश को मिला था गोल्ड
बृजवीर चौधरी |
बिजनौर: हॉकी के स्वर्णिम काल वर्ष 1980 में देश को गोल्ड दिलाने वाले इंडिया टीम के कोच रहे पूर्व ओलंपियन पंडित झम्मनलाल शर्मा का जन्म बिजनौर में तो नहीं हुआ, लेकिन देश के बंटवारे के बाद पंडित जी बिजनौर आकर बस गए थे। बिजनौर की पुलिस लाइन मैदान में पंडित झम्मनलालन शर्मा ने हॉकी के गुर सीखे और 1960 रोम में आयोजित ओलंपिक में देश की टीम के खिलाड़ी रहते हुए सिल्वर पदक दिलाया था। देश की हॉकी में पंडित झम्मनलाल शर्मा का नाम उच्च शिखर पर रहा।

एक समय बिजनौर में भी हॉकी का स्वर्णिम काल रहा। इस काल के एक बेहतरीन उच्च शिखर तक जाने वाले पंडित झम्मनलाल शर्मा का नाम सबसे ऊपर अंकित है। पंडित झम्मनलाल शर्मा का जन्म छह फरवरी 1932 को पाकिस्तान के बन्नू में हुआ था। वर्ष 1947 मेें देश का बंटवारा हुआ। बंटवारें के समय पंडित झम्मनलाल शर्मा का परिवार टेन से बिजनौर पहुंचा और झम्मनलाल शर्मा बिजनौरी हो गए।

हॉकी के जाने माने राष्ट्रीय खिलाड़ी महेंद्र नाथ खन्ना की माने तो उस समय बिजनौर पुलिस लाइन में हॉकी खेली जाती थी। पंडित झम्मनलाल शर्मा ने पुलिस लाइन में ही हॉकी के गुर सीखे। इंटर की परीक्षा भी बिजनौर से पास की। स्नातक की परीक्षा मेरठ से पूर्ण की। उस समय बिजनौर में खेलों के कई क्लब होते थे, जिसके अध्यक्ष डीएम होते थे। पंडित झम्मनलाल शर्मा ने हॉकी में बेहतर प्रदर्शन दिया और डीएम ने पंडित जी के खेल से प्रभावित होकर उन्हे बिजनौर कलेक्ट्रेट में सरकारी नौकरी दी।
बाद में हॉकी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और पदोन्नति पाकर नायब तहसीलदार भी बन गए। इन क्लब से विदेशों की टीम भी बिजनौर पहुंचकर मैच खेली। जापान, श्रीलंका, स्पेन और जर्मनी की टीम ने बिजनौर की धरती पर हॉकी के मैच खेले। यहां तक की बिजनौर पुलिस लाइन में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद भी जिले के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने कई बार पहुंचे।
इसके बाद पंडित झम्मनलाल शर्मा 1958 में इंडिया टीम में चयनित होकर अफ्रीका गए और हॉकी मैच खेला। साथ ही1960 में रोम में इंडिया टीम का खिलाड़ी रहते सिल्वर पदक दिलाया। बाद में पंडित झम्मनलाल शर्मा लखनऊ जाकर बस गए। वर्ष 1980 में देश की टीम के हॉकी कोच रहते गोल्ड मेडल मिला था। पंडित झम्मनलाल शर्मा लखनऊ में खेल निदेशक पद पर भी आसीन रहे और सरकार ने उन्हे पदमश्री अवार्ड से सम्मानित भी किया।

वर्धमान कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. वीके त्यागी की माने तो पंडित झम्मनलाल शर्मा बिजनौर में जाटान मोहल्ले में पथरो वाले कुएं के पास और कुंवर बाल गोविंद में भी किराए के मकान में रहते थे। लखनऊ बसने के बाद भी पंडित झम्मन लाल शर्मा अक्सर बिजनौर आते रहे। हमेशा बिजनौर के हॉकी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते रहे। 26 अगस्त वर्ष 2007 पंडित झम्मनलाल शर्मा पंचतत्व में विलीन हो गए। देश की हॉकी टीम के कांस्य पदक झटकने पर हॉकी का क्रेज अब फिर से शुरू होगा।

