- एसओजी ने आरोपी पुत्रवधू व उसके पिता-भाई समेत छह को किया गिरफ्तार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पति की मौत के बाद उसके हिस्से की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के चलते पुत्रवधू ने अपने भाई व पिता के साथ मिलकर भाड़े के शूटरों से ससुर की हत्या कर दी।
थाना मवाना पुलिस व एसओजी की टीम ने 18 दिन बाद हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी पुत्रवधू व उसके पिता-भाई समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि दो शूटर अभी पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे है। जिन्हें पुलिस टीम जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
विदित है कि थाना मवाना के गांव ततीना में (60) वर्षीय सत्यपाल पुत्र रघुवर दयाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद मृतक सत्यपाल के पुत्र दीपेंद्र ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सत्यपाल की हत्या का खुलासा करने के लिए थाना मवाना पुलिस टीम के साथ एसओजी की टीम लगी हुई थी।
शनिवार को पुलिस की संयुक्त टीम ने मृतक की पुत्रवधू समेत उसके पिता व भाई समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद पुलिस टीम ने पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ये हुआ खुलासा
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसपी क्राइम राम अर्ज ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि गांव ततीना निवासी संजीव पुत्र सत्यपाल की 2018 में मौत हो गई थी। संजीव की मौत के बाद उसकी पत्नी शालिनी पुत्री भोपाल निवासी गांवा पाली जिला बागपत ने पति के हिस्से की संपत्ति को लेकर विवाद कर दिया था।
जिसके बाद सत्यपाल ने करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति शालिनी को दे दी थी, लेकिन शालिनी का लालच लगातार बढ़ता गया और वह पति के बाकी हिस्से की संपत्ति को भी हड़पना चाहती थी, लेकिन मृतक संजीव के पिता सत्यपाल ने अपने जिंदा रहने तक ओर संपत्ति देने से मना कर दिया था।
जिसके बाद शालिनी मायके चली गई और पिता भोपाल सिंह और भाई ललित उर्फ टीनू के साथ मिलकर ससुर सत्यपाल को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। पिता व भाई की रजामंदी मिलने के बाद शालिनी ने जिला बागपत के नया गांव निवासी जुल्फिकार उर्फ लालू पुत्र अली मोहम्मद के साथ मिलकर ससुर सत्यपाल की हत्या का पांच लाख रुपये में सौदा कर दिया।
जिसके बाद जुल्फिकार ने सुपारी किलर मनोज उर्फ मौजी पुत्र धनीराम वाल्मीकि व सनी पुत्र सुंदर वाल्मीकि निवासी नया गांव हमीदाबाद व गौरव वाल्मीकि निवासी सरुरपुर कलां जिला बागपत हत्या करने के लिए तैयार किए और नगद में 1.50 लाख रुपये भी दे दिए थे।
इसके बाद शालिनी के भाई ललित ने घटना से दो माह पहले जुल्फिकार को ततीना गांव का दौरा कराया और सत्यपाल की पहचान कराते हुए उसका एक पासपोर्ट साइज का फोटो उपलब्ध कराया। योजना के तहत गत 28 जून को सनी, गौरव व जुल्फिकार ने वारदात को अंजाम देते हुए सत्यपाल की हत्या कर दी थी।
एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में गांव ततीना के रहने वाले विपिन पुत्र अशोक चौहान ने शालिनी का साथ दिया और वह सत्यपाल की लोकेशन उन्हें फोन पर देता रहा।
हत्या के बाद से थाना पुलिस खुलासा करने में जुट गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने एसओजी टीम का सहारा लिया और मुख्य आरोपी शालिनी समेत उसके पिता-भाई समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले सन्नी व गौरव पुलिस की धरपकड़ से फरार चल रहे हैं।

