Saturday, July 24, 2021
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शिनाख्त के प्रयास न कर अज्ञात में कर दिया था अंतिम संस्कार

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  • दो माह बाद कोतवाली में खड़ी बाइक को परिजनों ने पहचाना
  • पुलिस चाहती तो शामली में रजिस्टर्ड बाइक से कर लेती शिनाख्त

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: मेरठ-करनाल हाइवे पर गांव सिंभालका के पास सड़क हादसे में घायल बाइक सवार की मेरठ में उपचार के दौरान मौत के दो महीने बाद पुलिस ने शिनाख्त के प्रयास नहीं किए बल्कि मृतक का अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया। आज परिजनों ने शामली कोतवाली में खड़ी मृतक की बाइक को पहचान लिया।

मेरठ-करनाल हाइवे पर 31 मार्च की रात में गांव सिंभालका के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। शामली कोतवाली पुलिस ने घायल को सीएचसी में भर्ती कराया था, जहां से उसे मेरठ रैफर कर दिया गया था। युवक की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने उसे मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। साथ ही, बाइक को अपने कब्जे में ले लिया था। मेडिकल में 12 दिन बाद उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव का अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया था।

सोमवार को करीब दो माह बाद शामली के मोहल्ला रेलपार से कुछ लोग शामली कोतवाली पहुंचें। उन्होंने गुमशुदा युवक के बारे में जानकारी की। इसी दौरान रिश्तेदारों ने कोतवाली में खड़ी एक बाइक को पहचान लिया। फिर, पुसिल से बारे में जानकारी की। पुलिस ने बताया कि उक्त बाइक सवार दो माह पहले गांव सिंभालका के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। घायल युवक की 12 दिन बाद मेडिकल कालेज में मौत के बाद अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

मृतक के पिता ओमपाल सिंह ने कोतवाली प्रभारी से मुलाकात कर बताया कि 31 मार्च को सिंभालका में हुई दुर्घटना में घायल युवक उसका पुत्र रोनिक उर्फ काला पुत्र ओमपाल सिंह निवासी गांव जिमाना बागपत था। रोनिक 31 मार्च को शामली के मोहल्ला रेलपार शिव विहार कॉलोनी में अपनी बुआ के यहां आया था। उसी रात को वह वापस गांव जाने के लिए रवाना हुआ था लेकिन गांव नहीं पहुंचा था। उन्होंने छह अप्रैल को आदर्श मंडी थाने में भी युवक की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

तभी से परिजन व रिश्तेदार सभी थानों में पहुंचकर युवक के बारे में जानकारी करते घूम रहे हैं। ओमपाल ने शामली पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मृतक की शिनाख्त के जरा भी प्रयास नहीं किए, जो बाइक दुर्घटनाग्रस्त हुई थी वह बाइक शामली के ही युवक के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस अगर बाईक के नंबर के आधार पर भी युवक की पहचान करने का प्रयास करती तो परिजनों को सूचना मिल जाती। पुलिस ने लापरवाही बरती जिसके चलते उनके बेटे का अंतिम संस्कार अज्ञात में कर दिया गया।

कोतवाल से मिलने वालों में पीड़ित ओमपाल के साथ सोहनबीर सिंह, देशपाल सिंह, मांगेराम, ओमपाल सिंह, पंकज, शुभम, संजीव कुमार, रोहित कुमार, अमरेश, राजेन्द्र, विनय आदि शामिल रहे।

दुर्घटना में घायल वृद्ध की उपचार के दौरान मौत

थानाभवन क्षेत्र के ग्राम आबादगढ़ निवासी बबलू बाइक से शनिवार को अपने पिता महेन्द्र के साथ थानाभवन से वापस अपने घर जा रहा था। रास्ते रसीदगढ़ रोड पर रेलवे फाटक के पास सामने से आ रही तेज गति की बाइक सवार युवकों ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। आनन-फानन में बबलू ने अपने पिता को सीएचसी में भर्ती कराया था। डाक्टरों ने वृद्ध की हालत नाजुक बताते हुए जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया लेकिन वहां से भी वृद्ध को मेरठ रैफर कर दिया गया था। जिसके बाद परिजनों ने घायल वृद्ध को मेरठ भर्ती कराया था। रविवार की रात को उपचार के दौरान महेंद्र (60) की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था उसके बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। थानाभवन प्रभारी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया था।

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