Saturday, June 15, 2024
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फिर इस रोक के क्या मायने हैं…?

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  • कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने निर्माण पर लगा दी थी रोक, लेकिन लगातार चल रहा अवैध निर्माण कार्य

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट बोर्ड की रोक कोई मायने नहीं रखती है। यदि मायने रखती तो निशात सिनेमा पर चल रहा निर्माण बंद हो गया होता। रोक के बाद काम पूरी तरह से बंद रहता, लेकिन यहां कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने निर्माण पर रोक तो लगा दी है, लेकिन काम लगातार चल रहा है। लग रहा है कि निर्माण करता बेखौफ है, तभी तो हर रोज व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।

कैंट बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी हर रोज आबूलेन से होकर गुजरते हैं, लेकिन उन्हें निशात सिनेमा पर निर्माण कार्य चलता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। निर्माणकर्ता यदि नहीं रुक रहा है तो उसके खिलाफ फिर भी कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई हैं। यह निर्माण ठीक उसी तरह का है, जैसे 122-बी में चला और रिसॉर्ट बनकर तैयार हो गया

और कई वर्षों से पार्टी भी इसमें चल रही हैं। हालांकि सरकारी दस्तावेजों में 122-बी में सील लगी है, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य पूरा कर उसमें पार्टियां चल रही है। कैंट बोर्ड के कार्यक्षेत्र में एक नहीं, बल्कि बहुत सारे ऐसे निर्माण कार्य हैं जिनकी तरफ से कैंट बोर्ड अफसर ने आंखें मूंद ली है। यह है कि निर्माण कहीं के पूरे हो गए हैं और कहीं के चल रहे हैं।

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इसी तरह से एक निर्माण बीसी लाइन में कोठी नंबर-152 में चल रहा हैं। ये कोठी बनकर तैयार हो गई है, लेकिन इसमें कोई रोक-टोक नहीं हैं। पहले इस पर भी बुलडोजर चलाया गया था। तब ये अवैध थी, अब इसे वैध कैसे ठहरा दिया गया हैं। निर्माण को कतई नहीं रोका जा रहा हैं। अफसरों ने आंखों पर पट्टी बांध ली हैं, तभी तो निर्माण चल रहा हैं।

एक तरह से ये कोठी बनकर तैयार हो गई है। सिर्फ आगे की बाउंड्री वॉल का निर्माण होना बाकी है, यही हाल रहा तो बाउंड्री भी बनकर तैयार हो जाएगी। सर्वेंट क्वार्टर बना दिए हैं, जो मानचित्र में कभी थे ही नहीं। पुराना मानचित्र कैंट बोर्ड के अफसर चेक कर चुके हैं, फिर उसके हिसाब से निर्माण क्यों नहीं रोका जा रहा हैं।

इसी तरह से व्हाइट हाउस के बराबर में करीब दो हजार वर्ग मीटर की छत का लिंटर डाल दिया गया है। इसमें कोई नोटिस नहीं, नहीं कोई दूसरी कार्रवाई की गई। शिकायत कमांड आॅफिस तक पहुंची हैं, मगर फिर भी कैंट बोर्ड के अफसर खौफ नहीं खा रहे हैं।

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