- अब काम में आएगी और तेजी, 2025 तक पूरे कॉरिडोर पर दौड़ेगी रैपिड
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने बुधवार को संसद में मोदी सरकार का आम चुनाव से पूर्व अंतिम पूर्ण बजट पेश किया। इस बजट में जहां विभिन्न परियोजनाओं के लिए बजट तय हुआ। वहीं, देश की पहली रैपिड रेल के लिए भी बजट आवंटित किया गया। केंद्र द्वारा बजट आवंटित किए जाने के बाद अब रैपिड रेल परियोजना के काम में और तेजी आएगी।
आरआरटीएस अधिकारियों के अनुसार 82 किलोमीटर लंबे पूरे कॉरिडोर पर 2025 में रैपिड अपने पूरे दमखम के साथ दौड़ेगी। बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण जब संसद में बजट पेश कर रही थीं तब उन्होंने देश की पहली रैपिड रेल के लिए भी कुल 3596 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने की घोषणा की। सरकार में शामिल सभी दलों ने वित्त मंत्री की इस घोषणा का मेजें थपथपा का स्वागत किया।
गौरतलब है कि इस समय देश के पहले 82 किमी लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर (दिल्ली-मेरठ) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस आरआरटीएस कॉरिडोर में दो डिपो और एक स्टेबलिंग यार्ड समेत 25 स्टेशन बनने है। इस सम्पूर्ण कॉरिडोर पर 14 हजार से अधिक मजदूर और 1100 इंजीनियर दिन-रात काम कर रहे हैं। कॉरिडोर के लिए अब तक 35 प्रतिशत भूमिगत खंड (सुरंग) के अलावा 65 प्रतिशत एलिवेटेड वायाडक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
आरआरटीएस कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन का संचालन इसी साल शुरू किया जाना है, जिसके लिए आरआरटीएस ट्रैक पर ट्रेन की टेस्टिंग आदि का कार्य किया जा रहा है। इस खंड के परिचालन के साथ ही एनसीआर में नई रीजनल रेल सेवा यात्रियों को आधुनिक, वातानुकूलित, तेज और विश्वसनीय परिवहन सेवा प्रदान करेगा। पूरा कॉरिडोर 2025 तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
25 करोड़ से चमकेगा कैंट क्षेत्र
आर्थिक संकट से जूझ रहे मेरठ कैंट बोर्ड के लिए बजट में राहत भरी खबर मिली। केन्द्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में ऐलान किया कि देश की 46 छावनी परिषदों को 190 करोड़ 66 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। इसमें मेरठ छावनी को सर्वाधिक 25 करोड़ रुपये मिलेंगे। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल भी पिछले दिनों छावनी परिषद मेरठ की आर्थिक सहयोग की मांग कर चुके हैं।
इसको लेकर केन्द्रीय रक्षा मंत्री से भी सांसद राजेन्द्र अग्रवाल मिले थे। क्योंकि कैंट बोर्ड आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। इसके पास आमदनी के कोई स्रोत नहीं हैं, जिसके चलते सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पा रही थी। इस विषय को भाजपा सांसद ने 30 मार्च 2022 को लोकसभा में शून्य काल के दौरान कैंट बोर्ड के आर्थिंग तंगी से जूझने का मुद्दा उठाया था। 25 करोड़ से एक बार फिर कैंट का क्षेत्र विकास से चमकेगा। अब कैंट बोर्ड को आर्थिक तंगी का सामना करना नहीं पड़ेगा।
रियल एस्टेट: टूटी उम्मीदें
रियल एस्टेट को भी बुस्टर डोज की उम्मीद थी, लेकिन इसे भी कुछ नहीं मिला। सीमेंट और सरिया के दाम कम करने तक का बजट में जिक्र तक नहीं किया गया। पीएम आवास के लिए तो बजट बढ़ाया गया, लेकिन रियल एस्टेट को बुस्ट करने के लिए कोई प्लान नहीं हुआ।
ऐसे में बजट ने रियल एस्टेट को भी निराश ही किया, लेकिन बिल्डर फिर भी इस बात से उत्साहित है कि उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से टैक्स में रिबेट दी गई, उसके बाद लोग मकानों की खरीद-फरोख्त आवश्य करेंगे, जिसके बाद रियल एस्टेट दौड़ने लगेगा।
टैक्स में रिबेट से मिलेगी राहत
एपेक्स कंपनी के निदेशक अतुल गुप्ता का कहना है कि रियल एस्टेट को कोई बुस्टर डोज तो नहीं मिली, लेकिन जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टैक्स में रिबेट दी हैं, उससे रियल एस्टेट की काफी उम्मीद बंधेगी। अवश्य ही रियल एस्टेट दौड़ने लगेगा। टैक्स के जो सलैब बनाये गए हैं, वो राहत भरे हैं। जनता को बड़ी राहत मिलने वाली हैं।
सीमेंट और सरिया के दामों में आएगी गिरावट
रियल एस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन के महामंत्री कमल ठाकुर ने कहा कि सीमेंट और सिरया के दाम में आवश्य ही गिरावट आऐगी। इसके बाद रियल एस्टेट को मजबूती मिलेगी। क्योंकि कुछ समय से सीमेंट व सरिया के रेट भी आसमान छू रहे हैं, जिसके कम होने से रियल एस्टेट कारोबार करने वालों को राहत मिल सकेगी।

