Monday, October 3, 2022
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रैपिड के एमईएस स्टेशन पर आपका स्वागत है

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  • रैपिड प्रशासन ने जारी किया स्टेशन का नक्शा
  • विश्व स्तरीय और बेहद खूबसूरत होगा यह स्टेशन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नमस्कार! रैपिड और मेरठ मेट्रो के एमईएस स्टेशन पर आपका स्वागत है। जब आप रैपिड और मेरठ मेट्रो के इस स्टेशन पर पहुंचेंगे तो थोड़ा ठिठक जाएंगे। ठिठकने की वजह कुछ और नहीं बल्कि इस स्टेशन की खूबसूरती होगी। जिसे निहारने के लिए आप कुछ पल के लिए रुक जाएंगे। इस स्टेशन का निर्माण प्रगति पर है और शीघ्र ही रैपिड और मेट्रो का यह संयुक्त और बेहद खूबसूरत स्टेशन आपके सामने होगा।

एमईएस कॉलोनी मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। यह एक एलिवेटेड स्टेशन है, जिसे चार चार पिलर की तीन समानान्तर लाइन पर बनाया जा रहा है। इस स्टेशन के निर्माण के लिए चार पिलर मुख्य मार्ग के बीच, मेडियन पर और बाकी चार चार पिलर सड़क के दायीं और बायीं ओर बनाए जाएंगे। इस स्टेशन के लिए कुल 12 पिलर्स का निर्माण कार्य किया जाएगा। इनमे से आठ पिलर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। पिलर का निर्माण पूरा होने के बाद स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल का काम शुरू किया जाएगा।

एमईएस कॉलोनी स्टेशन मेरठ मेट्रो का भी स्टेशन है। इस स्टेशन की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए रैपिड प्रशासन के इंजीनियरों ने जी तोड़ मेहनत की है। एमईएस कॉलोनी स्टेशन से मेरठ कैंटोनमेंट का एक बड़ा क्षेत्र जुड़ता है, यहां पर आने-जाने और रहने वाले सैन्य अधिकारियों और कर्मियों को यह स्टेशन तेज गति की सुगम यात्रा की सुविधा मुहैया कराएगा। इसके अलावा यह स्टेशन सलारिया एन्क्लेव, जादूनाथ एन्क्लेव, सोफिपुर और लेखानगर की रिहायशी कॉलोनियों में रहने वालों के लिए भी नजदीक होगा।

इस एलिवेटेड स्टेशन के तीन लेवल होंगे

ग्राउंड, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म लेवेल। इस स्टेशन पर दो दो एस्कलेटर्स (अप एंड डाउन) भी लगाए जाएंगे। इस आधुनिक स्टेशन पर लिफ्ट्स की सुविधाएं भी होंगी। एमईएस कॉलोनी मेट्रो स्टेशन की लंबाई लगभग 75 मीटर और चौड़ाई लगभग 33 मीटर है और इसका प्लेटफॉर्म लेवेल भूतल से लगभग 17 मीटर की ऊंचाई पर होगा। स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल पर एएफसी गेट, टिकटिंग काउंटर, ग्राहक सेवा केंद्र और सुरक्षा जांच जैसी तमाम सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सूचना डिस्प्ले, मैप और वाशरूम भी कॉनकोर्स लेवल पर ही बनाया जाएगा। मेरठ में मेट्रो नेटवर्क रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे पर ही संचालित हेगी। मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर आरआरटीएस ट्रेनों के रुकने का भी प्रावधान होगा। यहां से मेरठ मेट्रो के यात्री दिल्ली आदि की यात्रा के लिए ट्रेन ले सकेंगे।

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