Sunday, June 13, 2021
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लिखे कुछ नई ऋचायें, आशाओं के जलाये दीप

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  • मेरी कलम की ऑन लाइन काव्य गोष्ठी हुई 

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: साहित्यिक संस्था मेरी कलम के तत्वावधान में गूगल मीट के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। आनलाइन आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में डॉ सारंगा देस असीम ने कहा कि दिल्ली की खातिर गांवों की, कुटिया तक वीरान हुई है। मौत के हाथों जीवन की, चाहत तक नीलाम हुई है। मंजु श्रीवास्तव ने कहा कि चलो लिखें कुछ नई ऋचायें, आशाओं के दीप जलायें।

आशंकित, आतंकित मन पर, निर्भयता का लेप लगायें। डा. मंजु जौहरी मधुर ने कहा कि उखड़ रहीं हैं सांसें, अरमान अभी बाकी है। डर रहा क्यों तू ए वंदे, वरदान अभी बाकी है। डा. सतेंद्र गुप्ता ने कहा कि कद से बड़ा ख्वाब देख लिया, हमने दिन में माहताब देख लिया।

डा बेगराज यादव ने कहा कि बातें महफिल मे वो कुछ ऐसी कर गया, न जाने कितनों के दिल से उतर गया। कुमुद कुमार ने कहा कित जब राष्ट्र हो मुसीबत में, मसखरी अच्छी नहीं लगती। बंधु, हर बात में आलोचना तीखी, अच्छी नहीं लगती । देव पुत्र गुलफाम ने कहा कि जो खामोश रहे हर दर्द सहे, उस पे तेरा प्यार बरसता है। बैकुंठ वही शिवलोक वही, जिस दिल में यार बसता है।

डा. वर्षा सिंह ने कहा कि जीवन के संग्राम को, जीते वो इंसान। धारण जिसने कर लिया, मन में गीता ज्ञान। फूल माला ने कहा कि सबके मन की पीड़ा लिखते कलम हमेशा हाथ गहे। शशि देवली ने कहा कि जिस्म भी है हिन्द का, मेरी है जां भी हिन्द की।

मोहब्बत से बावस्ता, मेरी पहचान हिन्द की। कविता नामदेव ने कहा कि जहरीली हवाओं में पल-पल जीना हुआ भारी। गुमसुम सी जिंदगी बंधी हुई मुस्कुराहटे सारी।

दीपा शर्मा ने कहा कि ऐ भोले मानव बता, तू अब क्यों घबराता है। घृणित कर्म ही तेरा, ऐसा फल दर्शाता है। तपस अग्रवाल ने कहा कि मेरे हमदम हूं तन्हा बहुत इन दिनों, अपनी खुशबू कहीं से मुझे भेज दो। अपनी यादों को संग में विदा कर मुझे, अपने आंचल की खुशबू भी संग भेज दो। सुमन वर्मा ने कहा कि राष्ट्र को तो आईना पत्रकार दिखाता है, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ जो जागृति लाता है।

ऊषा श्रीवास्तव ने कहा कि ऋतु बसंत की आई खिले पुष्प थे, दर्द पतझड़ में पेड़ों को कितना हुआ। शिवेंद्र कौशिक ने कहा कि हे कृपासिंधु, हे दयानिधे, सुनलो पुकार बृज नंदन। मस्तक झुकाए है आस लिए, तुमसे ही धरती का जन जन।

जिसकी अध्यक्षता डा. सारंगा देस असीम ने की तथा मुख्य अतिथि वर्जीनिया से मंजु श्रीवास्तव रहीं। कार्यक्रम का संचालन संस्था की अध्यक्षा डा. मंजु जौहरी मधुर ने किया।

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