जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: स्वस्थ रहने के लिए योग एक सशक्त माध्यम है, जिससे कि हर कोई स्वस्थ रह सकता है और अपने जीवन को बेहतर ढंग से व्यापन कर सकता है। ये बात चौधरी चरण सिंह विवि के संस्कृत प्राच्य भाषा विभाग में योगा सत्र के प्रारंभ में अंतरराष्ट्रीय योग गुरु स्वामी कर्मवीर महाराज ने जनवाणी से खास बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ-साथ फिट रहने के लिए भी योग बेहतर विकल्प है। क्योंकि आज के समय में फिटनेस को लेकर लोग काफी परेशान रहते हैं। ऐसे में योग के माध्यम से बिल्कुल स्वस्थ रह सकते हैं।

कोविड-19 काल में सार्थक रही भारतीय औषधि पद्धति
कर्मवीर महाराज ने कहा कि कोविड-19 में जिस प्रकार की परिस्थिति उत्पन्न हुई थी, उससे पूरा विश्व में भय था। क्योंकि यह वायरस तेजी से दूसरे को अपने संक्रमण में जकड़ता है, लेकिन इस संक्रमण काल में भी भारतीय औषधि पद्धति ही काम आई। क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति और भारतीय औषधि पद्धति में हमारे घर की रसोई भी सार्थक है।

शुरू से ही शामिल होनी चाहिए योग संस्कृति
स्वामी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की शुरू से ही परंपरा रही है। ऋषि मुनि योग का अनुसरण करते ही सैकड़ों वर्ष तक जीवित रहते थे। ऐसे में आज की आवश्यकता है कि योग को शुरू से ही पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। ताकि सभी लोग स्वस्थ रहें।
जब बचपन से ही सभी योग क्रियाओं को अपनाएंगे तो आगे जब उनका अनुसरण करते हुए बढ़ेंगे तो बीमारियों से दूर रहेंगे और स्वस्थ रहकर अपने कार्य कर पाएंगे। क्योंकि देखा जाता है कि अधिकतर पैसा बीमारियों में ही खर्च होता है, लेकिन जब स्वस्थ रहेंगे तो वह पैसा भी बचेगा और काम आएगा और यह सभी योग से संभव है।
जल्दबाजी में बिलकुल न करें योग क्रियाएं
स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि देखा जाता है कि अधिकतर लोग जल्दबाजी में योग की क्रियाओं को कर स्वस्थ रहने की कल्पना करते हैं। इतना ही नहीं 10 से 15 दिन योग करके सोचते हैं कि अब हम स्वस्थ रहेंगे, लेकिन योग निरंतर करना चाहिए। तभी जीवन में स्वस्थ रहा जा सकता है। ऐसे में जो लोग योग करते हैं। वह सभी सावधानियों के साथ योग करें। किसी भी योग क्रिया को करते समय जल्दबाजी न करें। उचित समय और सावधानियां का भरपूर ध्यान रखें और योग को निरंतर ही करें।
योग पाठ्यक्रम होना चाहिए नि:शुल्क
स्वामी कर्मवीर महाराज के सामने विभिन्न विद्यार्थियों ने कहा कि योग हमारी भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, लेकिन जितनी फीस योग की है ऐसे में कैसे कोई गरीब योग से जुड़े। इस पर स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि वह भारत सरकार के समक्ष इस बात को रखेंगे कि योग को नि:शुल्क किया जाए।
स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि योग भारतीयों की विरासत है, लेकिन जिस प्रकार योग को विरासत के रूप में प्रचार-प्रसार होना चाहिए था वह नहीं हो पाया। मगर जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को प्रचार प्रसार किया और योग के प्रति अपनी रुचि दिखाई। बता दें कि स्वामी कर्मवीर महाराज महर्षि पंतजलि के बीच संस्थापक हैं। योग को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में वह निरंतर कार्य कर रहे हैं और देश विदेश में भी लोगों को योग की विभिन्न क्रियाएं कराते हैं।
फिटनेस के साथ रोजगार का विकल्प योग
योग में रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ फिट रहने का भी बेहतर विकल्प है। इसलिए ही अन्य प्रोफेशनल कोर्सों को छोड़कर एमए योग एवं एमएससी योग डिग्री को चुना। यह बात सोमवार को सीसीएसयू परिसर स्थित संस्कृत प्राच्य भाषा विभाग में संचालित में एमए योग एवं एमएससी योग डिग्री में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं ने जनवाणी से खास बातचीत करते हुए कही।
योग के क्रेज को देखते हुए लिया प्रवेश
छात्र-छात्राओं ने कहा कि जिस प्रकार अब योग का क्रेज देखा जा रहा है। उसी को देखते हुए उन्होंने अपने भविष्य को संवारने के लिए योग की डिग्री को चुना। उन्होंने कहा कि आज के दौर की बात की जाए तो योग से रोजगार की भी अपार संभावनाएं है। ऐसे में योग की विभिन्न क्रियाओं को वास्तविकता से सीखते हुए आगे चलकर इसे ही अपने जीवन का आधार बनाएंगे।
जिससे रोजगार भी मिल सके और वह अन्य लोगों को योग सिखाते सिखाते खुद भी बिल्कुल स्वस्थ रहें। छात्र-छात्राओं ने कहा क्योंकि कोई भी पाठ्यक्रम बिना रुचि के करना भविष्य के लिए सही नहीं होता। ऐसे में उन सभी की रुचि थी कि योग की डिग्री को करें। उन्होंने कहा पहले सीसीएसयू में योग का डिप्लोमा होता था, लेकिन कहीं भी जॉब के लिए अप्लाई करो तो योग की डिग्री अनिवार्य थी।
इसीलिए योग की डिग्री करने के लिए अपने प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब सीसीएसयू में ही हो रही है उससे अच्छा और क्या होगा। छात्र-छात्राओं ने कहा कि योग की सेल्फ फाइनेंस की तरह ही फीस है। जबकि योग हमारी भारतीय संस्कृति और हमारी परंपरा में समाहित है।
बता दें कि सीसीएसय परिसर स्थित संस्कृत प्राच्य भाषा विभाग में संचालित एमए योग, एमएससी योग डिग्री की कक्षाओं का प्रारंभ सोमवार को विधिपूर्वक किया गया। जिसमें अंतरराष्ट्रीय योग गुरु स्वामी कर्मवीर महाराज, सीसीएसयू कृष्ण कुलपति प्रो. एनके तनेजा, प्रति कुलपति प्रो. बाई विमला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीरपाल सिंह, संस्कृत भाषा संस्थान के अध्यक्ष एवं विभाग समन्वय प्रोफेसर वाचस्पति मिश्र, डा. ओमपाल, डा. नरेंद्र कुमार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता, डा. नरेंद्र तेवतिया सहित अन्य पदाधिकारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

