Monday, May 17, 2021
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6652 टेस्टिंग में 806 पॉजिटिव, पांच की मौत

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना के कहर को कंट्रोल करने में विफल स्वास्थ्य विभाग ने अब आंकड़े भी छुपाने शुरू कर दिए हैं। अब विभाग किसी को कुल संक्रमित और कुल मौतों की संख्या नहीं बता रहा। मंगलवार को जारी हुई रिपोर्ट में कहा गया कि 6652 टेस्टिंग में 806 संक्रमित निकले और पांच लोगों की मौत हुई। अब तक कोरोना से 477 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 44550 लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लगता है लोगों को अंधकार में छोड़ दिया है। जिस तरह से लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं। उसकी सूचना न देकर लोगों को भ्रम में रखा जा रहा है। जारी रिपोर्ट में कहा गया कि मंगलवार को पांच लोगों की मौत हुई है। जनपद में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 477 हो गई है। जबकि 4940 लोग होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि जनपद में 12749 एक्टिव केस है। जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है।

वहीं, दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का कहर तेज होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 806 संक्रमितों में 350 के करीब कस्बों और गांव में मिले हैं। मेडिकल परिसर में कोरोना का कहर बरकरार है और मंगलवार को भी आठ लोग कोरोना की चपेट में आ गए। रुड़की रोड की कालोनियों के अलावा गंगानगर, कंकरखेड़ा और जागृति विहार आदि जगहों पर संक्रमण बढ़ रहा है।

दौराला में आठ संक्रमित मिले

दौराला सीएचसी में आयोजित कैंप में कोरोना जांच के दौरान आठ लोग संक्रमित मिले। जांच में संक्रमित मिले सभी लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। सीएचसी प्रभारी डा. आशुतोष ने बताया कि मंगलवार को सीएचसी दौराला पर कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में 251 लोगों की कोरोना जांच की गई। जांच में सिवाया गांव से दो, पबरसा से एक, बडकली से दो, कृषि विवि में एक, श्यामपुर व वलीदपुर से एक-एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। डा. उज्जवल कुमार ने बताया कि सभी संक्रमित लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। डा. राजवीर सिंह ने बताया कि मंगलवार को सीएचसी दौराला पर 180 लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया गया। इस मौके पर डा. शहबाज खान, डा. राजकमल, डा. अलका पंवार, डा. हरगोविंद, डा. अतुल यादव, डा. कुलदीप, डा. नीता शर्मा आदि का सहयोग रहा।

सरधना में नौ निकले कोरोना पॉजिटिव

क्षेत्र में बढ़ते कोरोना केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सरधना में फिर से नौ कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी को आइसोलेट करा दिया। साथ ही उनके परिवार को भी होम क्वारंटाइन कर दिया गया।

सरधना क्षेत्र में पिछले एक पखवाड़े में करीब करीब 100 से अधिक कोरोना केस सामने आ चुके हैं। बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए अधिकारी भी गंभीर हो गए हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 119 लोगों की जांच की। जिनमें सात लोगों कोरोना पॉजिटिव आए। इसके अलावा जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने पर पता चला कि दो अन्य लोग भी कोरोना से संक्रमित हैं। इस तरह से एक दिन में नौ कोरोना केस सामने आए। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी को आइसोलेट करा दिया। साथ ही उनके परिवार को होम क्वारंटाइन कर दिया गया। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. राजेश कुमार का कहना है कि नौ केस सामने आए हैं। उनके संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच कराई जाएगी।

अस्पताल के गेट पर युवक ने तोड़ा दम

इसमें दो राय नहीं है कि करुणा के सामने सिस्टम फेल हो गया। डीएम के. बालाजी ने जिन मजिस्ट्रेट की टीम कोरोना पीड़ितों को भर्ती कराने के लिए बनाई है। वह टीम फोन भी नहीं उठा रही है। मजिस्ट्रेट की लापरवाही के चलते कोरोना पीड़ित एक युवक हॉस्पिटल के गेट पर तड़पता रहा, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। दो घंटे की मशक्कत के बाद आखिर इस युवक के प्राण पखेरू उड़ गए।

मंगलवार सुबह 11 बजे सचिन तोमर निवासी शिकोहपुर जिला बागपत को भर्ती कराने के लिए एक हॉस्पिटल लाया गया था। सचिन तोमर के भाई ने यहां डॉक्टरों से गुहार लगाई, लेकिन डाक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। सचिन को आॅक्सीजन गाड़ी में ही दी जा रही थी, लेकिन इस बीच आॅक्सीजन भी खत्म हो गई। इसी बीच सचिन के परिजनों ने डीएम के. बालाजी द्वारा गठित की गई मजिस्ट्रेट की टीम को फोन किया, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि किसी भी मजिस्ट्रेट ने फोन कॉल को रिसीव नहीं किया।

यही नहीं कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मजिस्ट्रेट के फोन नंबरों पर कॉल की और कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने भी, लेकिन मजिस्ट्रेट ने फोन कॉल रिसीव नहीं की। सिस्टम सिर्फ कागजों पर चल रहा है धरातल पर नहीं। सचिन तोमर की यह पहली मौत की घटना नहीं है, बल्कि इसी तरह का मामला गंगानगर निवासी देवेंद्र का सामने आ चुका है। उसमें भी देवेंद्र एंबुलेंस में मेडिकल इमरजेंसी के बाहर तड़पता रहा है। लेकिन किसी ने उसे मेडिकल कोविड-19 भर्ती ही नहीं किया और देवेंद्र ने एंबुलेंस में ही तड़प-तड़प कर जान दे दी। आखिर सिस्टम कब सुधरेगा यह बड़ा सवाल है।

चुनाव ड्यूटी में गई अध्यापिका की कोरोना से मौत

चुनाव ड्यूटी में एक और अध्यापिका की कोरोना बीमारी से ग्रसित होने के कारण मौत हो गई अध्यापिका मेरठ की शांति नगर कालोनी रेलवे रोड निवासी शालिनी जैन पुत्री प्रदीप जैन बेसिक शिक्षा अधिकारी मेरठ में सहायक अध्यापिका के पद पर ब्लॉक जानी मोलना बहरामपुर में प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थी।

चुनाव में ड्यूटी लगी थी। मतदान अधिकारी के पद पर, मगर जब घर वापस आए तो आॅक्सीजन लेवल कम हो गया। जिसके कारण जिला अस्पताल मेरठ में गत दो मई को भर्ती कराया था। आॅक्सीजन लेवल कम होने के कारण अध्यापिका की मौत हो गई। अध्यापिका पांच साल की बेटी को छोड़कर चली गई। परिवार के सदस्यों ने सूरजकुंड में अंतिम संस्कार कराया।

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