- शिक्षा ग्रहण करने के बजाय स्कूल में लगवा रहे छात्रों में झाड़ू पौंछा
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के नाम पर छात्रों का शिक्षकों द्वारा जमकर उत्पीड़न किया जा रहा है। शिक्षा के मंदिरों में भविष्य संवारने के लिए जाने वाले छात्रों के साथ शिक्षक ही झाड़ू पौंछा कराने के साथ उनसे कूड़ा उठवाकर साफ-सफाई करा रहे हैं। इससे छात्रों के भविष्य के गर्द में जा रहा है। वहीं, अधिकारी भी इस ओर से उदासीन बने हुए हैं।
अभी पूठखास के स्कूल में झाड़ू लगाने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि सोमवार को उकसिया गांव के स्कूल में भी यह सब देखने को मिला। सोमवार सुबह जनवाणी संवाददाता उकसिया गांव पहुंचे तो प्राथमिक विद्यालय में मास्साब मास्क लगाए हुए टहल रहे थे। वहीं, शिक्षिकाएं आराम से कुर्सी पर बैठी हुई थी।
जबकि भविष्य संवारने के लिए स्कूल पहुंचे नन्हे-मुन्ने बच्चे इस लंबे-चौड़े मैदान में तपती धूप के बीच झाड़ू लगाकर कूड़ा उठवाकर बेगारी कराई जा रही थी। जिन्हें देखकर इंसानियत भी शर्मसार हो जाए, लेकिन वहां मौजूद शिक्षकों का दिल नहीं पसीजा और फोटो क्लिक और वीडियो बनाने पर मास्साब मुस्कुराए जरूर और बाद में बोले कि ऐसा न करो, हम मर जाएंगे, लेकिन वह जब मासूम बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गर्मी हो या सर्दी उन्हें ही सुबह के वक्त झाड़ू पौंछा लगाना और कूड़ा उठाना पड़ता है। इसे लेकर शिक्षक बगले झांकने लगे। इससे पहले पूठखास के स्कूल में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे। अमूमन तौर पर क्षेत्र के ज्यादातर स्कूलों में भविष्य संवारने के लिए जाने वाले छात्रों का भविष्य के गर्द में जा रहा है।
शिक्षा के मंदिरों में इंसानियत शर्मसार हो रही है तो वहीं दूसरी ओर इस ओर से अधिकारी जान पूछकर भी अंजान बने हुए हैं। जिसे लेकर अफसरों की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगते हैं तो वहीं दूसरी ओर छात्रों के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी राजमोहन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूलों में यदि इस तरह के बच्चों से बेगारी कराई जा रही है तो वह गलत है। इसकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, पूर्व की कार्रवाई के बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

