- 62 साल पुराना है कैलाश प्रकाश स्टेडियम का मैदान, अब इसे बहुउद्देश्य मैदान बनाया
- सुविधाओं के आभाव में मेरठ में नहीं होते अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: क्रांतिधरा खेल हब के रूप में जाना जाता हैं, लेकिन यहां क्रिकेट का एक भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैदान नहीं हैं। दुनिया भर में खेल उपकरण के रूप में मेरठ का डंका बजता हैं, लेकिन खेल मैदान एक भी ऐसा नहीं हैं, जहां पर अंतरराष्ट्रीय मैच हो सके। उस स्तर का एक भी मैदान में शहर में नहीं हैं।
मेरठ के क्रिकेट प्रेमियों को आखिर कब मिलेगी अंतरराष्ट्रीय मैदान की सौगात…यह बड़ा सवाल है, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं, जबकि मेरठ अपने खेल के सामान के उद्योग की वजह से पूरी दुनिया में जाना जाता है। बावजूद इसके यहां एक भी ऐसा मैदान नहीं है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच हो सके। खेलों का मेरठ से काफी पुराना नाता है, यहां से निकले अनेक अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन यहां की जनता आज भी शहर में एक अदद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान का इंतजार कर रही है।
मेरठ में ये हैं मैदान
जिले में यूं तो कई क्रिकेट एकेडमी चल रही है जहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन इन एकेडमियों के मैदानों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। गांधी बाग, विक्टोरिया पार्क, यूनिवर्सिटी का मैदान, आईटीआई का मैदान, करण क्रिकेट एकेडमी का मैदान व हाल ही में बने गेम सिटी ऐरोना में क्रिकेट मैच कराए जाते हैं, लेकिन यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं नहीं है। मेरठ को आज भी अंतराष्टÑीय स्तर के मैच कराने के लिए एक मैदान की जरूरत है। जिसे कब पूरा किया जाएगा कोई नहीं जानता।
कैलाश प्रकाश स्टेडियम का मैदान 62 साल पुराना
इकलौते स्पोर्ट्स स्टेडियम का मैदान 1960 में तैयार हुआ था, उस समय खेलों के प्रति युवाओं में जागरूकता कम थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से खेलों में अपना भविष्य बनानें वाले खिलाड़ियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। स्टेडियम में भी तमाम खेलों के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

स्टेडियम के मैदान को अब मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड में बदल दिया गया है। कारण खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या व जगह की कमी होना है, लेकिन अब कैलाश प्रकाश स्टेडियम में क्रिकेट मैचों का आयोजन सुविधाओं के आभाव में नहीं होता है।
ये होनी चाहिए सुविधाएं
किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर चेजिंग रूम, मूवेबल साइड स्क्रीन, एम्पायरों का सैप्रेट पेवेलियन, मसाज पार्लर, प्रैस गैलरी, कमेंटेटर बाक्स, फल्ड लाइट्स व कैमरों के लिए कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं होना जरूरी है। तभी किसी भी अंतरराष्ट्रीयमैच का आयोजन किया जा सकता है, लेकिन मेरठ में एक भी ऐसा मैदान नहीं है। जिसमें यह सारी सुविधाएं उपलब्ध हो।
मैदान का क्षेत्रफल सबसे अहम्
अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मैदान का क्षेत्रफल बड़ा होना चाहिए जिसमें कम से कम 50 हजार दर्शकों के बैठने की सुविधा होनी चाहिए। बीच मैदान से बाउंड्री की दूरी 70 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए, साथ ही 30 गज के घेरे के लिए दोनों तरफ की स्टंप के मीडिल स्टंप की रेडियस को मिलाकर 30 मीटर का घेरा बनाया जाता है, लेकिन यहां के मैदानों में जगह कम होने के कारण इन नियमों का पालन करनें में परेशानी है।
मेंटेनेंस के स्टाफ का भी अहम् रोल
मैदान की मेंटेनेंस के लिए अलग से स्टाफ होना चाहिए, जिसमें पिच क्यूरेट से लेकर ग्राउंड की देखभाल करने वाले लोग होते हैं। यह मैदान की घास को हर समय हरा रखने के लिए काम करते हैं। जबकि पिच क्यूरेटर मुख्य रूप से मैदान के बीच बनी पिच की देखभाल करते है। इनकी जिम्मेदारी होती है कि मैच के दौरान पिच हर समय खेलने योग्य बनी रहे।
अच्छे मैदान की सख्त जरूरत
कैलाश प्रकाश स्टेडियम के कोच लक्ष्यराज त्यागी का कहना है कि मेरठ में एक अच्छे मैदान की सख्त जरूरत है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय मैच कराया जा सके, लेकिन यह कब होगा कुछ कहा नहीं जा सकता।

अगर यहां पर भी इस स्तर का मैदान बन जाए तो उभरते हुए खिलाड़ियों को इससे काफी लाभ होगा।

